Amar Ujala Foundation has adopted 8 villages in Baandal Valley, (situated near Dehradun, Uttarakhand) in collaboration with HESCO. The project has a mission approach for Holistic Development of Bandal Valley through science and technology. The focus areas were to build capacity of self-help groups (SHG) through knowledge on savings, loan facility and training on Dhoop-Augurbatti and Gulal making. Along with activities focusing on provision of bio-geysers to support alternative energy, protective cultivation to enhance the production quality and escalate profit margin to meet the demands of vegetables.
Seetapur, Sharkhet, Ghantusera, Tachila, Sillasera, Fuleth, Kumalda and Bharwakatal villages of Baandal Valley have been connected in this project. In eight villages of Baandal Valley, meetings are held every month with women SHGs run by HESCO and Amar Ujala Foundation. In the meetings, the savings of women self-help groups are deposited every month and along with-it loans are given to the needy members. Formation of women self-help groups, while on one hand women have developed the spirit of working together, on the other hand, awareness of their rights and sense of empowerment has developed among women. At present, women self-help groups in each village have their own bank savings account.
18,SEP 2018
अमर उजाला फाउंडेशन और संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (हैस्को) की ओर से मंगलवार, 18 सितम्बर, 2018 को देहरादून के शमशेरगढ़ स्थित राजकीय कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में ओजोन दिवस- 16 सितम्बर के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों…
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29,AUG 2018
इनविस हब उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 29 अगस्त, 2018 (बुधवार) को देहरादून के बांदल घाटी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में बच्चों को कूड़ा निस्तारण की विधि बताई गईl…
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11,JUN 2018
देहरादून। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा बांदल घाटी के सरखेत गांव में दिनांक 11 जून से 14 जून तक चार दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया गया। कैंप द्वारा बच्चों में नवाचार की प्रवृत्ति बढ़ाने पर जोर दिया गया, साथ ही…
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24,NOV 2017
अमर उजाला फाउंडेशन और हैस्को द्वारा उत्तराखंड के देहरादून स्थित बांदल घाटी के सिल्लासेरा गाँव में 19 बाढ़ पीड़ितों को गुरूवार, 23 नवम्बर, 2017 को 500 लीटर की पानी की टंकी मुहैया कराई गईl गौरतलब हो कि नौ और दस…
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18,JAN 2017
उत्तराखंड के देहरादून स्थित बांदल घाटी के आपदा प्रभावित स्कूली बच्चों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार, 17 जनवरी, 2017 को गर्म कपड़े वितरित किए गए। राजकीय पूर्व माध्यमिक विधालय सरखेत में आयाजित कार्यक्रम में फाउंडेशन की ओर…
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09,JUN 2016
अमर उजाला फाउंडेशन, तिमली विद्यापीठ और उत्तरांचल एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिका के संयुक्त तत्वावधान में देहरादून (उत्तराखंड) के बांदल घाटी स्थित सरखेत गांव के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चार दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में क्षेत्र…
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30,MAY 2016
अब उत्तरकाशी के बागी गांव के ग्रामीणों को अपने घर और खेतों तक जाने के लिए जान की बाजी नहीं लगानी होगी। अमर उजाला फाउंडेशन ने हैस्को के तकनीकी सहयोग से जलकुर नदी पर महज आठ लाख रुपये से 15…
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21,MAY 2016
देहरादून । राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज भगद्दारीखाल में कम्प्यूटर लैब का लोकार्पण विधायक गणेश जोशी ने किया। इस अवसर पर अमर उजाला फाउंडेशन और विधायक गणेश जोशी की तरफ से दस कम्प्यूटर सैट व इन्वर्टर मुफ्त दिया गया। 20, मई शुक्रवार…
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15,MAY 2016
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से उत्तराखंड के देहरादून स्थित बांदल घाटी के गांवों में चल रहे विकास कार्यों का शनिवार,14 मई, 2016 को राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने जायजा लियाl निरीक्षण के दौरान उन्होंने गांव में बनाए गए स्वयं…
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31,JAN 2016
उत्तराखंड के देहरादून स्थित बांदल घाटी के पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय, सरखेत के बच्चों को अमर उजाला फाउंडेशन और तिमली विद्यापीठ की ओर से कंप्यूटर की जानकारी दी गई। साथ ही दोनों स्कूलों के 76 बच्चों को गर्म कपड़े…
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14,JUL 2015
The spirit of women residents and students of Baandal Valley were revitalized on this Krishna Janmashtmi. A small town fair just at the footsteps of Baandal Valley and Various competition organized by Amar Ujala Foundation bought life to all the…
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14,JUL 2015
अमर उजाला फाउंडेशन, हेस्को के सहयोग से बांदल घाटी (देहरादून ) के ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के पश्चात अब लोगों को शुद्ध ग्राम्य उत्पाद मुहैया कराने के उद्देश्य से 18 जुलाई, 2015 से प्रत्येक शनिवार को देहरादून के पटेल…
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02,JUL 2015
देहरादून। बांदल घाटी के सरखेत और आसपास के गांवों की महिलाओं का मानना है कि अमर उजाला फाउंडेशन उनके जीवन में नई रोशनी लेकर आया है। कंप्यूटर का प्रशिक्षण उन्हें इतना भाने लगा है कि सुबह जल्दी-जल्दी घरेलू काम निपटाकर…
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14,NOV 2014
चंद महीने पहले भारी बाढ़ में बदहाल हो चुकी देहरादून की बांदल घाटी के निवासियों के चेहरों पर शुक्रवार, 14 नवम्बर, 2014 को अमर उजाला फाउंडेशन ने मुस्कान ला दी। बढ़-चढ़ कर लिया हिस्सा मौका था ‘बांदल घाटी महोत्सव’ का,…
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05,JUL 2013
As a part of this program, members of Amar Ujala Foundation, on a 6 days trip to Baandal valley, showcased many educational and moral films from the children film society of India, which motivated the students to inculcate good values…
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हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।