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कोरोना महामारी से जंग जीतने के आसान उपाय
  • calendar_month 31,MAY 2021
कोरोना महामारी से जंग जीतने के आसान उपाय

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार, 31 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ सुरभि गुप्ता और आगरा स्थित जिला महिला अस्पताल में मेडिकल काउंसलर डॉ रूबी बघेल ने ‘सेहत है संग तो जीतेंगे हर जंग’ विषय पर विस्तार से चर्चा की। कोरोना महामारी से जंग जीतने के आसान उपायों के बारे में जानकारी देते हुए विशेषज्ञों ने लोगों के सवालों का भी विस्तार से जवाब दिया।

डॉ रूबी बघेल ने बताया कि कोरोना के समय में लोगों में बीमारी से ज्यादा उसका भय देखने को मिल रहा है। कोरोना के सभी रोगियों को मानसिक रूप से मजबूत होना पड़ेगा। घर में परिवार के साथ बातचीत करते रहने से नकारात्मकता दूर होती है।

डॉ सुरभि गुप्ता बताया कि प्री कोरोना, कोरोनाकाल और कोरोना के बाद, इन तीनों स्थितियों में सभी लोगों के लिए बचाव के उपायों (जैसे मास्क पहनना, हाथों की सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग) का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा तीनों ही फेज में सभी लोगों को अपने खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की भी जरूरत है। 

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कोरोना काल में कैसे रखें अपने दिल का ख्याल।
  • calendar_month 28,MAY 2021
कोरोना काल में कैसे रखें अपने दिल का ख्याल।

कोरोना का वायरस म्यूटेशन के कारण तमाम तरह की समस्याओं को जन्म दे रहा है। संक्रमण की दूसरी लहर में वायरस शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते संक्रमितों में कई प्रकार के परिवर्तित लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जो लोग कोरोना संक्रमण से ठीक होकर लौट रहे हैं उनमें लॉन्ग कोविड का भी खतरा बना रहता है। कई अध्ययनों में यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना का संक्रमण रोगियों के हृदय को भी प्रभावित कर सकता है। इलाज के दौरान या कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों में कई तरह की हृदय से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार, 28 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में आईएमएस बीएचयू में कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर ओम शंकर ने बताया कि कोरोना काल के दौरान अपने दिल का ख्याल कैसे रखें। इस दौरान डॉ. ओम शंकर ने लोगों के सवालों का भी जवाब दिया।

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कोरोना के कारण आई कमजोरी कैसे दूर करें?
  • calendar_month 27,MAY 2021
कोरोना के कारण आई कमजोरी कैसे दूर करें?

कोरोना संक्रमण की दूसरी रफ्तार पर अब काफी हद तक काबू पा लिया गया है। संक्रमितों के घटते आंकड़े इस बात के सूचक हैं। हालांकि कोरोना से ठीक हो रहे लोगों में कई दिनों तक गंभीर थकान और कमजोरी की शिकायतें मिल रही हैं। इसको लेकर लोगों के मन में कई तरह से डर भी है। इस लेख में हम जानेंगे कि कोरोना से ठीक होने के बाद किन उपायों के माध्यम से थकान कमजोरी और गंभीर दर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार, 27 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में दिल्ली एम्स में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही ने बताया कि कोरोना के कारण आई कमजोरी कैसे दूर करें। इस दौरान उन्होंने लोगों को कोविड से जल्द रिकवरी करने के महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए। साथ ही लोगों के सवालों का जवाब भी दिया।

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यदि कोई कोरोना संक्रमित नहीं हुआ है, तो क्या उसे भी ब्लैक फंगस का खतरा है?
  • calendar_month 24,MAY 2021
यदि कोई कोरोना संक्रमित नहीं हुआ है, तो क्या उसे भी ब्लैक फंगस का खतरा है?

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कई तरह से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। वायरस के म्यूटेशन के कारण न सिर्फ लोगों में इस बार गंभीर लक्षण देखे जा रहे हैं, साथ ही पहली लहर की तुलना में इस बार मौत के आंकड़े भी अधिक रहे हैं। इतना ही नहीं कोरोना के साथ ब्लैक फंगस संक्रमण के बढ़े मामलों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कोविड के दौरान जिन लोगों को ज्यादामात्रा में स्टेरॉयड दवाइयां दी गई हैं, उन लोगों में फंगल संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार, 24 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुनील बालियान ने कोरोना और ब्लैक फंगस की चुनौतियों एवं समाधान के बारे में जानकारी दी। डॉ. बालियान ने बताया कि अगर किसी शख्स को कोरोना नहीं हुआ तो क्या उसे भी ब्लैक फंगस होने का खतरा है? 

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कोरोना टीका से पहले और बाद में किन बातों का रखें ख्याल
  • calendar_month 23,MAY 2021
कोरोना टीका से पहले और बाद में किन बातों का रखें ख्याल

कोरोना काल में स्वस्थ रहना सबसे बड़ी चुनौती है। संक्रमण को लेकर लोगों के मन में अनेक सवाल हैं और गलतफहमियां भी। लोगों के सवालों के जवाब जानने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा लाइव कार्यक्रम किया जा रहा है। कोरोना से लड़ाई में भले ही टीकाकरण को प्रमुख हथियार माना जा रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में फैली अफवाहों और भ्रांतियों के कारण अभियान कमजोर पड़ रहा है। रविवार, 23 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में नोएडा स्थित फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. डी. के. गुप्ता ने विस्तार से जानकारी दी कि कोरोना टीका से पहले और बाद में किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है।

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क्या शुगर बढ़ा रहा है कोरोना वायरस?
  • calendar_month 21,MAY 2021
क्या शुगर बढ़ा रहा है कोरोना वायरस?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार, 21 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में प्रयागराज में नारायण स्वरूप अस्पताल के डॉ. राजीव सिंह ने ‘क्या शुगर बढ़ा रहा है कोरोना वायरस’ विषय पर जानकारी दी। डॉ. राजीव ने बताया कि डायबिटीज से ग्रसित कोरोना के जो मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं उनमें शुगर के लेवल में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। डायबिटीज के कई रोगी, जिनका सामान्य शुगर लेवल 150-160 रहता था, उनमें भी संक्रमित होने के बाद शुगर का स्तर 400-500 तक देखने को मिला है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हमें रोगियों को कोरोना के इलाज के साथ इंसुलिन देने की भी जरूरत पड़ रही है। कई ऐसे मरीज भी देखने को मिले हैं जिनको पहले से डायबिटीज की शिकायत नहीं थी लेकिन संक्रमण के चलते उनका शुगर लेवल बढ़ा हुआ पाया गया। इस दौरान डॉ. राजीव सिंह ने लोगों के सवालों का भी जवाब दिया।

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कोरोना और ब्लैक फंगस- चुनौती और समाधान (भाग- 1)
  • calendar_month 20,MAY 2021
कोरोना और ब्लैक फंगस- चुनौती और समाधान (भाग- 1)

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार, 20 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में वेल्लोर की श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा गुप्ता, दिल्ली के वरिष्ठ श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैन, अहमदाबाद के महामारी विशेषज्ञ डॉ. दीपक सक्सेना, लंदन के इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन थौर, अहमदाबाद के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. हार्दिक शाह और लंदन के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ गोयल ने कोरोना और ब्लैक फंगस की चुनौतियों एवं समाधान के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इन खौफनाक बीमारियों की चपेट में आ गया है, तो वह अपना बचाव कैसे कर सकता है। लाइव कार्यक्रम के दैरान विशेषज्ञों ने लोगों के सवालों का भी जवाब दिया।

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कोरोना और ब्लैक फंगस- चुनौती और समाधान (भाग- 2)
  • calendar_month 20,MAY 2021
कोरोना और ब्लैक फंगस- चुनौती और समाधान (भाग- 2)

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार, 20 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में वेल्लोर की श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा गुप्ता, दिल्ली के वरिष्ठ श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैन, अहमदाबाद के महामारी विशेषज्ञ डॉ. दीपक सक्सेना, लंदन के इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन थौर, अहमदाबाद के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. हार्दिक शाह और लंदन के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ गोयल ने कोरोना और ब्लैक फंगस की चुनौतियों एवं समाधान के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इन खौफनाक बीमारियों की चपेट में आ गया है, तो वह अपना बचाव कैसे कर सकता है। लाइव कार्यक्रम के दैरान विशेषज्ञों ने लोगों के सवालों का भी जवाब दिया।

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नर्सिंग स्टाफ के लिए कितना चुनौतीपूर्ण है कोरोना काल?
  • calendar_month 17,MAY 2021
नर्सिंग स्टाफ के लिए कितना चुनौतीपूर्ण है कोरोना काल?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार, 17 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र से उजाला सिग्नस की सीनियर नर्स जिंसी सारा जैकब, एम्स से सीनियर नर्सिंग ऑफिसर शोभना पठानिया व कनिष्क यादव, इलाहाबाद नारायण स्वरूप अस्पताल की नर्स रश्मि शर्मा, कानपुर उजाला सिग्नस की नर्स शालिनी श्रीवास्तव और जीएमसीएच चंडीगढ़ के डबकेश कुमार ने कोरोना योद्धाओं का साथ देते हुए कोरोना से मुकाबला करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान कोरोना वॉरियर्स ने लोगों के सवालों का भी जवाब दिया।

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किस ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना से ज्यादा खतरा?
  • calendar_month 12,MAY 2021
किस ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना से ज्यादा खतरा?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार, 12 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में अपोलो अस्पताल में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मनीष और पटना में आईजीआईएमएस अस्पताल के डॉ. अमीष कुमार ने बताया कि किस ब्लड ग्रुप वाले को कोरोना से ज्यादा खतरा है।

कोरोना वायरस को दुनिया में आए लगभग डेढ़ साल हो चुके हैं और तभी से दुनियाभर के वैज्ञानिक इसपर शोध कर रहे हैं, जिसमें नई-नई बातें निकल कर सामने आ रही हैं। हाल ही में काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च यानी सीएसआईआर ने कोरोना वायरस और ब्लड ग्रुप के बीच के संबंधों को लेकर एक सर्वे किया और उसके नतीजे प्रकाशित किए। इस सर्वे के मुताबिक, एबी और बी ब्लड ग्रुप वाले लोग अन्य ब्लड ग्रुप की तुलना में कोरोना संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, यानी ऐसे लोगों को कोरोना वायरस ज्यादा प्रभावित कर रहा है।

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कोरोना और हैप्पी हाइपोक्सिया के बीच कनेक्शन?
  • calendar_month 11,MAY 2021
कोरोना और हैप्पी हाइपोक्सिया के बीच कनेक्शन?

कोरोना संक्रमितों के मामले देश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कई गंभीर रोगियों में कोरोना की इस दूसरी लहर में सांस लेने में तकलीफ और ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट के मामले देखने को मिल रहे हैं। शरीर में ऑक्सीजन की कमी कोरोना की गंभीरता के साथ कई अन्य तरह से भी लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है। हैप्पी हाइपोक्सिया ऐसी ही एक गंभीर समस्या है, जिसके मामले कोरोना के समय में काफी बढ़ रहे हैं।

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार, 11 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में इंदौर स्थित एमवाय अस्पताल के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. दिलीप सिंह चावड़ा और दिल्ली एम्स के डॉ. राजीव रंजन (एमडी, लैब मेडिसिन) ने कोरोना और हैप्पी हाइपोक्सिया पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान विशेषज्ञों ने लोगों के सवालों का भी जवाब दिया।

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कोरोना के बाद आई कमजोरी कैसे दूर करें?
  • calendar_month 06,MAY 2021
कोरोना के बाद आई कमजोरी कैसे दूर करें?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार, 6 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में दिल्ली एम्स के पैथोलॉजिस्ट डॉ. आमोद कुमार और उजाला सिग्नस सोनीपत के डॉ. गौरव कामरा ने विस्तार से बताया कि कोरोना के बाद आई कमजोरी कैसे दूर करें? कोरोना से रिकवरी के बाद लोगों को हो रही कमजोरी को दूर करने को लेकर डॉ गौरव कहते हैं कि ऐसे लोगों को सबसे पहले संतुलित और पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा व्यायाम, विशेषकर सांस लेने और छोड़ने वाले व्यायामों को जरूर करना चाहिए। लोगों को रोजाना 10 से 15 मिनट तक मुंह बंद करके लंबी सांस लेने का अभ्यास करना चाहिए। इस दौरान विशेषज्ञों ने लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।

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कोरोना के ये लक्षण दिखें तो अस्पताल जरूर जाएं।
  • calendar_month 05,MAY 2021
कोरोना के ये लक्षण दिखें तो अस्पताल जरूर जाएं।

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार, 5 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में एनएमसीएच पटना के डॉ. मुकुल कुमार सिंह ने बताया कि देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। संक्रमण का असर इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है, जो ज्यादा चिंता का विषय है। कोविड के नए स्ट्रेनों के कारण दूसरी लहर में लोगों को तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं। सत्र के दौरान उन्होंने बताया कि कोरोना के कौन से लक्षण दिखने पर अस्पताल जाने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने लोगों के सवालों का भी जवाब दिया।

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कोरोना का नया म्यूटेंट कितना खतरनाक?
  • calendar_month 04,MAY 2021
कोरोना का नया म्यूटेंट कितना खतरनाक?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार, 4 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में कार्यरत डॉ. आयशी पाल ने विस्तार से बताया कि कोरोना का नया म्यूटेंट कितना खतरनाक है। डॉ. आयशी पाल ने बताया कि सिर्फ कोरोना ही नहीं, हर वायरस म्यूटेशन करता है। देश में हाल के दिनों में सबसे ज्यादा यूके स्ट्रेन के वायरस से होने वाले संक्रमण के मामले देखने को मिले हैं। कोरोना के म्यूटेंट वायरस को इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि इसमें लोगों को सांस लेने की दिक्कत महसूस हो रही है, जबकि पिछले साल वाले वायरस में लोगों को सिर्फ बुखार और खांसी जैसी दिक्कतें ही हो रही थीं। इस दौरान डॉ. आयशी ने लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।

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गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से ज्यादा खतरा क्यों?
  • calendar_month 03,MAY 2021
गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से ज्यादा खतरा क्यों?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार, 3 मई, 2021 को कोरोना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लाइव कार्यक्रम में आईजीआईएमएस पटना के डॉ. अमीष कुमार और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से ज्यादा खतरा क्यों? डॉ वैशाली बताती हैं कि कोरोना की पहली लहर गर्भवती महिलाओं के लिए उतना खतरनाक नहीं था जितना यह दूसरी लहर है। कोरोना के म्यूटेंट वायरस के कारण गर्भवती महिलाओं में बहुत ही गंभीर संक्रमण देखने को मिल रहे हैं। गर्भावस्था के दौरान शरीर के इम्यून सिस्टम में कई तरह के बदलाव होते हैं जिसके कारण ऐसी महिलाओं में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान विशेषज्ञों ने लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।

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कोरोना की दूसरी लहर और मानसिक तनाव
  • calendar_month 01,MAY 2021
कोरोना की दूसरी लहर और मानसिक तनाव

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कोरोना जागरूकता अभियान लाइव कार्यक्रम के तहत शनिवार, 1 मई, 2021 को दिल्ली एम्स की डॉ. निष्ठा कपिल और मनोवैज्ञानिक डॉ. दीपाली बत्रा ने ‘कोरोना की दूसरी लहर और मानसिक तनाव से कैसे दूर रहें’ नामक विषय पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने कोरोना के कारण लोगों के मानसिक सेहत पर पड़ रहे असर के बारे में बताया। इस दौरान मनोवैज्ञानिक डॉ दीपाली बत्रा और दिल्ली एम्स की डॉ. निष्ठा कपिल ने इस समस्या से बचने के उपायों के बारे में लोगों को बताया। इस दौरान दिल्ली एम्स की डॉ. निष्ठा कपिल और मनोवैज्ञानिक डॉ. दीपाली बत्रा ने लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।

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कोरोना के इलाज में होम्योपैथी कितनी कारगर?
  • calendar_month 30,APR 2021
कोरोना के इलाज में होम्योपैथी कितनी कारगर?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कोरोना जागरूकता अभियान लाइव कार्यक्रम के तहत शुक्रवार, 30 अप्रैल, 2021 को एमडी (होम्योपैथी) डॉ. गुनीत सिंह गाबा ने बताया कि कोरोना के इलाज में होम्योपैथी कितनी कारगर है? डॉ. गुनीत ने लोगों के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि हमेशा मुश्किल समय में होम्योपैथी ने लोगों की मदद की है। कोरोना के मामले में भी यह उपचार पद्धति प्रभावी परिणाम दे सकती है। कोविड होने से पहले, कोविड के दौरान और कोविड होने के बाद भी होम्योपैथी आपको बेहतर परिणाम दे सकती है। बहुत सारे गंभीर रोगियों को होम्योपैथिक उपचार से लाभ भी मिला है। हालांकि इस समय सोशल मीडिया में कई सारी होम्योपैथिक दवाओं के बारे में चर्चा हो रही है, उनपर भरोसा न करें। किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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जानें घर पर भी मास्क पहनना क्यों है जरूरी?
  • calendar_month 29,APR 2021
जानें घर पर भी मास्क पहनना क्यों है जरूरी?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कोरोना जागरूकता अभियान के तहत बृहस्पतिवार, 29 अप्रैल, 2021 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ हेमेटोलॉजी के डॉ. जयस्तु सेनापति ने बताया कि घर पर भी मास्क पहनना क्यों जरूरी है। डॉ. जयस्तु कहते हैं कि जब कोई वायरल संक्रमण विकराल रूप ले लेता है तो बहुत सारे लोगों में इसके लक्षण देखने को मिल सकते हैं। कई लोग ऐसे भी होते हैं जो संक्रमित तो होते हैं लेकिन उनमें लक्षण नजर नहीं आते हैं उन्हें एसिम्टोमैटिक कहा जाता है। आपके घर में भी ऐसे लोग हो सकते हैं जो बाहर जाकर काम करते हैं, संभव है कि जब वो घर वापस आ रहे हों तो उनके साथ यह वायरस भी घर पर आ जाए। ऐसे में लोगों के लिए घर में मास्क पहनना जरूरी हो जाता है। इस दौरान डॉ. सेनापति ने लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।

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कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए काढ़े का सेवन?
  • calendar_month 27,APR 2021
कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए काढ़े का सेवन?

कोरोना महामारी से सुरक्षित रहने के लिए बचाव को ही विशेषज्ञ सबसे बेहतर उपाय मानते हैं। लोगों से बार-बार मास्क लगाने, हाथों को धोते रहने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आहार में विटामिन सी और डी के साथ जिंक के सेवन और दिन में दो से तीन बार काढ़ा पीने को भी काफी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है कि काढ़े का ज्यादा सेवन करना लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

अमर उजाला फाउंडेशन कोरोना जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार, 26 अप्रैल, 2021 को आयोजित लाइव कार्यक्रम में दिल्ली एम्स के डॉ. राजीव रंजन ने काढ़े के सही इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने लोगों के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि काढ़े के ज्यादा सेवन से लिवर को नुकसान भी हो सकता है।

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सामान्य जुकाम और कोरोना की पहचान कैसे करें?
  • calendar_month 24,APR 2021
सामान्य जुकाम और कोरोना की पहचान कैसे करें?

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कोरोना जागरूकता अभियान के तहत शनिवार, 24 अप्रैल, 2021 को आयोजित लाइव कार्यक्रम में एम्स के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के एमडी डॉ. आर्यभट्ट साधु, उजाला सिग्नस के डॉ. निर्दोष छाबड़ा (एमबीबीएस मेडिसिन) और प्रयागराज के जहांगीर हॉस्पिटल के डॉ. अलताफ अहमद ने कोरोना से संबंधित लोगों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि ‘सामान्य जुकाम और कोरोना की पहचान कैसे करें?’ इसके अलावा वायरस की चपेट में आने पर आप क्या करें, क्या न करें। कौन-कौन सी चीजें आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं और कौन सी फायदेमंद हैं।

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कोरोना के नए स्ट्रेन से क्यों बढ़ती है सांस की दिक्कत?
  • calendar_month 21,APR 2021
कोरोना के नए स्ट्रेन से क्यों बढ़ती है सांस की दिक्कत?

कोरोना महामारी के दौर में स्वस्थ रहना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर कोरोना जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार, 21 अप्रैल, 2021 को आयोजित लाइव कार्यक्रम के तहत नोएडा एंटी कोरोना टास्क फोर्स के डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता और कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंघल ने बताया कि कोरोना का नया स्ट्रेन शक्तिशाली है, फेफड़ों में तेजी से हमला कर रहा है ये वायरस। चिकित्सकों ने बताया कि वायरस की चपेट में आने पर आप क्या करें, क्या न करें। कौन-कौन सी चीजें आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं और कौन सी फायदेमंद हैं। इस दौरान विशेषज्ञों ने कोरोना से संबंधित सवालों के जवाब भी दिए।

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मानसिक दिव्यांगता से प्रभावित इंसान खुद अपने काबू में नहीं होता | AUF नज़रिया | निर्वाण केंद्र लखनऊ
  • calendar_month 27,NOV 2020
मानसिक दिव्यांगता से प्रभावित इंसान खुद अपने काबू में नहीं होता | AUF नज़रिया | निर्वाण केंद्र लखनऊ

नज़रिया श्रृंखला के तहत अमर उजाला फाउंडेशन पेश कर रहा है ऐसे लोगों की छोटी कहानियां जिनकी जिंदगी ने जमीनी हकीकत की स्लेट पर उनके हौसले से लिखा है उनका नज़रिया... ये बातें हैं उनकी जिन्होंने खुद को इतना समर्थ बनाया है कि अपने दम पर अपनी जिद और सपनों की मंजिल तय कर सकें। हालात का रोना रोने के बजाय अपनी सामर्थ्य भर खुद हालात बदलने की कोशिश करते चलें.. खुशियां बिखरते चलें..

मानसिक दिव्यांगता एक ऐसी चुनौती है, जिससे प्रभावित इंसान खुद अपने काबू में नहीं होता। अपनी देखभाल खुद नहीं कर पाता। ऐसे व्यक्ति को ऐसी देख-रेख की जरुरत होती है, जिसमें उसे माँ जैसी सतर्क और पूरी तरह से जिम्मेदार ममता मिलती रहे लगातार। ऐसी ही कोशिश कर रहा है लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके के तकरोही में स्थित निर्वाण केंद्र..

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14 June- विश्व रक्तदाता दिवस | दीजिए जिंदगी का उपहार
  • calendar_month 12,JUN 2020
14 June- विश्व रक्तदाता दिवस | दीजिए जिंदगी का उपहार

रविवार यानि 14 जून, 2020 को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल रक्तदान-महादान के तहत उत्तर-प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न शहरों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का आयोजन 14 जून से 30 जून तक जारी रहेगा। इस वर्ष यह मुहिम कोरोना योद्धाओं को समर्पित है।

आओ करें रक्तदान, हो स्वस्थ भारत का निर्माण
कोविड- 19 के चलते उत्पन्न वैश्विक स्वास्थ्य संकट को ध्यान में रखते हुए सभी शिविरों में तमाम सुरक्षा व्यवस्था जैसे कि दो गज देह से दूरी, मास्क का प्रयोग, सैनिटाइजेशन आदि का विशेष ध्यान रखा जाएगा। 

शिविर में स्थानीय जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की टीम मौजूद रहेगी। इस दौरान एकत्र किए गए रक्त को जिला अस्पताल में संचित किया जाएगा और जरूरतमंद लोगों की मदद की जाएगी। यदि आप स्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो आप भी रक्तदान कर सकते हैं, इससे शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती है। रक्तदान करके देखिए, अच्छा लगता है।

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हर घर अमृता | गिलोय हर घर का सदाबहार दोस्त | आयुष मंत्रालय- NMPB | AUF
  • calendar_month 20,MAR 2020
हर घर अमृता | गिलोय हर घर का सदाबहार दोस्त | आयुष मंत्रालय- NMPB | AUF

भागदौड़ भरी जिंदगी, बदले हुए रहन-सहन और प्रदूषण से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। अमृता यानी गिलोय इसके लिए कारगर औषधि है। लोगों को गिलोय के औषधीय गुणों से न केवल रूबरू कराने बल्कि गिलोय को हर घर तक पहुंचाने के लिए ‘राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड और अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से साझा प्रयास किया गया। ‘हर घर अमृता’ अभियान के तहत लखनऊ, नैनीताल, कानपुर, चंडीगढ़, वाराणसी, जम्मू और गाजियाबाद के 50 से अधिक विद्यालयों में गिलोय के पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया।

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विश्व रक्तदाता दिवस | 14 जून | 100 से अधिक शहरों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन
  • calendar_month 13,JUN 2019
विश्व रक्तदाता दिवस | 14 जून | 100 से अधिक शहरों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन

अमर उजाला फाउंडेशन के आह्वान पर विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 14 जून, 2019 को देश के 100 से अधिक शहरों में महादानियों का महामेला लगने जा रहा है। हर साल की तरह इस साल भी अमर उजाला फाउंडेशन अपने प्रसार वाले राज्यों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाने जा रहा है। उत्तर प्रदेश हो, हिमाचल प्रदेश हो, उत्तराखंड हो या फिर हरियाणा या चंडीगढ़ सभी जगह रक्तदानियों में इस रक्तदान कैंप को लेकर भारी उत्साह है। इन रक्तदान कैंपों में जो भी रक्त एकत्रित होता है, उसे सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंकों में दिया जाता है।

इन कैंपों में अधिक से अधिक लोग पहुंचे इसकी तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। इसमें समाज का हर वर्ग जुड़ता है और अपनी सेवाएं देता है। देश के अलग-अलग प्रांतों में इन कैपों से सरकारी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, समाजिक संगठन, और रेडक्रॉस सोसाइटी भी जुड़ रही हैं।

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