The ‘Sadabahani Gagas’ campaign – an Amar Ujala Foundation initiative had been flagged off at Almora on 22nd May, 2017. The 10-km awareness walk started from the Garg Muni Ashram in Kukuchina. The flow of perennial Gagas river has decreased drastically over the last decade. Well-known environmentalist and Magsaysay awardee Rajendra Singh also participated in the initiative. Renowned social activist Radha Behan and environmentalist Padm Shree Dr. Anil Joshi also participated in the Gagas Pad-Yatra to motivate local population. The Gagas river, in Almora district of Uttarakhand, spans 14 major gadheras (streams) on both banks, and its river basin comprises over 500 sq. km with a population of over 1,20,000 spread in 350 villages. The aim of the campaign is to instill awareness among the locals and teach them ways to save the river from drying up. Environmentalist Rajendra Singh also educated villages about the conservation of water resources, its importance in maintaining the ecological balance in the villages of Dunagiri and Nayal. He also emphasized that in order to save the rivers, conservation efforts are needed – one gadhera at a time. The two important steps, according to Rajendra Singh, are conservation of the water with the help of rainwater harvesting and secondly, proper utilization of the water.
14,OCT 2018
स्वास्थ्य आयाम सेवा भारती और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कानपुर के सरसैया घाट पर रविवार, 14 अक्टूबर को पॉलिथीन हटाओ-जीवन बचाओ अभियान का समापन समारोह हुआl इस दौरान बच्चों में स्लोगन प्रतियोगिता भी कराई गईl विजेताओं को…
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18,AUG 2018
कानपुर। भारत उत्थान न्यास और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 18 अगस्त, 2018 (शनिवार) को रामसिंह का पुरवा भीमसेन स्थित धर्मपाल सिंह पब्लिक स्कूल में पौधारोपण किया गयाl इस मौके पर छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण का महत्त्व…
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11,AUG 2018
अमर उजाला फाउंडेशन और ब्रह्मा सिंह शिक्षा एवं सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 11 अगस्त, 2018 को कानपुर के दबौली दुर्गा मंदिर पार्क में 51 पौधों का रोपण किया गयाl इस दौरान लोगों से प्लास्टिक का प्रयोग न…
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08,APR 2018
अल्मोड़ा जिले में गगास नदी को सदाबहानी बनाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा ग्रामीणों की मदद से अभियान चलाया जा रहा है। गावों ने अपने पुराने चाल खावों को सजाने के लिए कमर कसी है। उदयपुर और भटकोट के…
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08,APR 2018
देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊँ में गगास एक ऐसी नदी हैं, जिसके दो उद्गम स्थल माने जाते हैं। इसकी भौतिक और आध्यात्मिक महत्ता के चर्चे होते हैं. कभी सदाबहानी रही गगास अब तेजी से सूख रही हैं। सदाबहानी गगास नदी के…
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20,MAY 2017
देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं में गगास नदी ऐसी है, जिसके दो उद्गम स्थान माने जाते हैं। इसकी भौतिक और आध्यात्मिक महत्ता के चर्चे होते हैं। कभी सदाबहानी रही गगास अब तेजी से सूख रही है।स्थानीय जनता की समझ और सहयोग…
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10,JAN 2016
आगरा (ब्यूरो)। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय, राजनगर दिनों-दिन संवरता जा रहा है। नित नई गतिविधियों और परिवर्तन का असर विद्यार्थियों पर साफ दिख रहा है। शनिवार को आगरा विकास मंच और सिटीजन ऑफ आगरा ने विद्यालय प्रांगण में…
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14,JUL 2015
आपदा क्या होती है, यह जेठी देवी को देखकर समझ में आता है। गुप्तकाशी के खुमैरा गांव में रहने वाली जेठी देवी के 18 रिश्तेदार 16-17 जून, 2015 की रात के बाद से वापस नहीं लौटे। कुछ कालीमठ में तो…
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14,JUL 2015
As the natural calamity struck, the situation of Uttarakhand went totally out of control. AUF team was amongst the first ones to reach the remote places and provide relief. Amongst the various activities were a continous medical check up camp…
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14,JUL 2015
उत्तराखंड के आपदा प्रभावित उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के जिन इलाकों में बीते वर्ष से आपदा की वीरानी छायी थी, उनमें से कुछ गाँवों में अब जीवन फिर से खिलने लगा है। सैलाब के साथ बह गईं खुशियाँ उसी…
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14,JUL 2015
उत्तराखंड के देहरादून में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को फिर से उनके घरों में बसाने का जो बीड़ा अमर उजाला फाउंडेशन ने पिछले साल सितंबर में उठाया था, वह अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। तीन जिलों के…
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14,JUL 2015
जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ आपदा से ग्रसित लोगों को राहत प्रदान के लिए अमर उजाला फाउंडेशन 'मदद अपनों की' कार्यक्रम के तहत मदद के लिए हाथ बढ़ाया हैंl बाढ़ में फंसे लोगों के लिए जरुरत के सामान भिजवाए जा रहे…
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17,SEP 2013
Amar Ujala Foundation, HESCO and NCPDP-TARN has laid the foundation to provide Mid Term Shelters to the flood victims of Uttarakhand. In the initial phase we would begin by providing Mid Term Shelters to those who have lost their houses…
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हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।