आगरा (ब्यूरो)। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय, राजनगर दिनों-दिन संवरता जा रहा है। नित नई गतिविधियों और परिवर्तन का असर विद्यार्थियों पर साफ दिख रहा है। शनिवार को आगरा विकास मंच और सिटीजन ऑफ आगरा ने विद्यालय प्रांगण में पौध रोपण कराया। छात्र-छात्राएं भी सहभागी बनें और शपथ लिया कि वे भी पौधों का अपना दोस्त बनाएंगे, उनका ख्याल रखेंगे।
विद्यालय के वातावरण को सुखद, स्वच्छ और प्रदूषण रहित बनाने के उद्देश्य से दूसरी बार हरविजय सिंह वाहिया ने पौध रोपण कराया। चहारदीवार के पास बोगनबेलिया के कई पौधे लगाए गए। समाजसेवी अशोक जैन सीए ने विद्यार्थियों को पेड़ों की सुरक्षा का संकल्प दिलाया। माता-पिता और गुरुओं की शिक्षा को अनुशासित सिपाही की तरह ग्रहण करने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यालयों को मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। हरविजय सिंह वाहिया ने विद्यार्थियों को पौधों की सुरक्षा, विद्यालय प्रांगण को साफ रखने के लिए प्रेरित किया।
समाजसेवी रानी सिंह ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की तरह बाकी संस्थाएं स्कूलों को गोद लें तो भारत का भविष्य निश्चित ही स्वर्णिम होगा। संचालन संदेश जैन ने किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही कुछ विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या राखी वर्मा और उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या स्नेहलता कुलश्रेष्ठ ने अमर उजाला व दोनों संस्थाओं का आभार जताया। तेजपाल सिंह ने पौधों के पनपने के लिए मिट्टी में जैविक खाद मिलाई। वह भी हरविजय सिंह वाहिया के साथ आगरा को हरा-भरा बनाने में सहयोग दे रहे हैं।
•परिषदीय प्राथमिक-उच्च प्राथमिक विद्यालय, राजनगर के विद्यार्थियों ने ली शपथ
•आगरा विकास मंच और सिटीजन ऑफ आगरा ने विद्यालय में कराया पौधरोपण
कतारबद्ध होने का तरीका बताया
हरविजय सिंह वाहिया ने खेल-खेल में छात्र-छात्राओं को कतारबद्ध होने का तरीका बताया। उनके फार्मुले को देख शिक्षिकाएं भी आश्चर्यचकित थीं। उनका कहना था कि विद्यार्थियों की लाइन लगाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
राज नगर स्थित प्राइमरी स्कूल में अशोक जैन सीए, हरविजय सिंह वाहिया, डा. सुनीत शर्मा, संदेश जैन, रानी सिंह, तेजपाल सिंह ने पौधे लगाए (बाएं)। विद्यार्थी भ्ाी मौजूद रहे।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
अलीगढ़। अमर उजाला के बैनर तले मसूदाबाद चौक स्थित एसएस मेडिसेंटर में शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 55 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वरिष्ठ हृदय एवं डायबिटीज रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंघल के निर्देशन में आयोजित निशुल्क शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. उज्ज्वल सिंघल ने 55 मरीजों की निशुल्क बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) जांच की। मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर जांच कराने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार संभव हो पाता है।