मानव एकेडमी ऑफ मार्शल आर्ट्स और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त संयोजन में बीएचयू, वाराणसी के एंफी थियेटर मैदान स्थित इंडोर स्टेडियम में शनिवार, 22 दिसम्बर, 2018 से दो दिवसीय चतुर्थ ऑल इंडिया ओपन कराटे चैंपियनशिप का शुभारंभ हुआ। चैंपियनशिप में 21 स्वर्ण पदकों के साथ अंक तालिका में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर रहा। पश्चिम बंगाल के खिलाडिय़ों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण झटके। झारखंड, आंध्र प्रदेश और दिल्ली के खिलाडिय़ों ने दो-दो गोल्ड मेडल प्राप्त किए। वहीं उत्तराखंड, महाराष्ट्र और बिहार के खाते में केवल एक-एक स्वर्ण पदक आया।
सब जूनियर और कैडेट वर्ग के अंतर्गत तीन एरीना में प्रतियोगिता हुई। देश के कोने-कोने से आए खिलाडिय़ों ने टेक्निक और स्किल का शानदार प्रदर्शन किया। यूपी समेत 15 राज्यों की 40 टीमों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। 906 खिलाडिय़ों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। कुमितो में 678 खिलाडिय़ों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, इसमें 346 महिला व 332 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं। काता में 228 खिलाडिय़ों ने उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें 119 महिला व 109 पुरुष खिलाड़ी हैं।
चैंपियनशिप का उद्घाटन प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। उन्होंने सभी को खेल भावना के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया। बतौर विशिष्ट अतिथि बीएचयू के रेक्टर प्रो. वी.के. शुक्ला ने कहा कि प्रतियोगिता में आज शामिल खिलाड़ी कल देश का भविष्य तय करेंगे। इस दौरान एकेडमी की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। चैंपियनशिप में चीफ टेक्निकल डायरेक्टर सेंसई प्रवीन धनवाल और मुख्य रेफरी के रूप में सेंसई कौशिक अधिकारी, रेफरी सिहान रामराव राठौर, सिहान दीपक कुमार, सिहान कौशल कुमार ङ्क्षसह, सेंसई मनीष कुमार, सेंसई मोहन कुमार, सेंसई पारस भारद्वाज मौजूद रहे। एकेडमी के उपाध्यक्ष संदीप सिंह, संयुक्त सचिव डॉ. मंजू लता सिंह, मुख्य प्रशिक्षक एचएन सिंह, मुख्य सलाहकार डॉ. मेघांकर शामिल रहे। प्रतियोगिता में सब जूनियर, कैडेट, जूनियर व सीनियर आयु की खिलाड़ी काता और कुमिते में शामिल रहे।
इन राज्यों के खिलाड़ी हुए शामिल:
उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उतराखंड, हिमांचल, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, महाराष्टï्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि।
स्वर्ण पदक विजेता:
कशिश पटेल, सृष्टि मौर्या, अमन श्रीवास्तव, मृहाल खुटिया, निहाल राय, राइमा अधिकारी, सजल जायसवाल, वर्तिका, अलख यादव, आर्यंस यादव, अभिलाष कन्नौजिया, अंशिका यादव, अभिषेक गुप्ता, शुभम पटेल, हसन अंसारी, आदित्य सिंह सिसोदिया, अथर्व राय, प्रिया गुप्ता, श्रेया सिंह, कौस्तुभ पांडेय, पुष्कर पांडेय, भाविनी सिंह, कुमकुम, कृतिक जैसवाल, आद्या पुष्कल सिंह, आकांक्षा चौहान, काशिक यादव, उमा तिवारी, नेहा, नाजिय़ा परवीन, प्रीति जैसवाल, अदिति सोनकर, साक्षी तिवारी, नफीसा नैन।
नारी गरिमा के लिए ली शपथ:
बीएचयू, वाराणसी के एंफी थिएटर इंडोर स्टेडियम में कराटे चैंपियनशिप के दौरान अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत शपथ ग्रहण कराई गई। इस दौरान मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी सहित परिसर में मौजूद करीब 1000 से ज्यादा खिलाडिय़ों, नन्हें खिलाडिय़ों के साथ आए परिजनों और ऑफिसियल्स ने नारी गरिमा की रक्षा और उनकी मुस्कान बनाए रखने के लिए इस यज्ञ में आहुति दी। शपथ ली कि 'नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने और उनके चेहरे पर आत्मविश्वासी मुस्कान के लिए हरसंभव प्रयास करते हुए सतत सक्रिय रहने की मेरी वचनबद्धता है। अपने घर और कार्यस्थल पर, पर्व-त्योहारों और साामजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों समेत जीवन के हर आयाम में मैं स्वयं और मेरा परिवार नारी गरिमा के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से काम करने की शपथ लेते हैं।' इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। इससे पहले सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। सर्वप्रथम नन्हें कलाकारों ने गणेश वंदना 'वक्रतुंड महाकाय' पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद कलाकारों ने शिव तांडव पेश किया। हर कोई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा करते दिखा।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन और श्री बाबा लालजी सेवा ट्रस्ट व पीसीएसएस की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। 53 लोगों ने अपनी सेहत की जांच कराई। यहां बीपी, शुगर, एसपीओटू, वजन और आंखों की जांचें की गईं। अधिकतर रोगी जोड़ों में दर्द की समस्या लेकर आए। शिविर में रामा हॉस्पिटल के अलावा अशोक कपूर, राजेश सच्चर, राजू वालिया, पवन त्रिवेदी, रमेश मिश्रा, पंकज निषाद, इंद्रपाल सिंह सिमर, अखिल, रिजवान, डॉ. कविता आदि मौजूद रहे।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।

चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।