In a move towards promoting women’s safety, Amar Ujala Foundation held a special self-defense workshop for girls at Subhash Public School in Kidwai Nagar, Kanpur. The session was part of the Foundation’s ongoing Aparajita initiative, which focuses on empowering young women.
The workshop was graced by the presence of Babul Verma, General Secretary of the Nunchaku Association of India, who served as the chief guest and instructor. Babul Verma trained the students in various self-defense techniques, including neck gripping, head gripping, and hair gripping, which are crucial for personal safety. He also demonstrated how to use everyday items like a scarf for protection.
Joining him were renowned national-level players Ashutosh Gupta, Palak Diwakar, and Laxmi Pal, who assisted in the training, adding to the depth of the session. Their expertise provided the students with practical insights into defending themselves in potentially harmful situations.
The initiative was well-received by the school’s administration, with Principal Akshay Mishra and Vice Principal Pushkar Pandey lauding the efforts of Amar Ujala Foundation. Both highlighted the importance of such workshops in today’s environment, where women’s safety has become a critical issue.
The workshop not only equipped the students with essential self-defense skills but also boosted their confidence and awareness, making it a landmark event in the realm of women empowerment.
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
अलीगढ़। अमर उजाला के बैनर तले मसूदाबाद चौक स्थित एसएस मेडिसेंटर में शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 55 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वरिष्ठ हृदय एवं डायबिटीज रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंघल के निर्देशन में आयोजित निशुल्क शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. उज्ज्वल सिंघल ने 55 मरीजों की निशुल्क बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) जांच की। मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर जांच कराने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार संभव हो पाता है।

नई दिल्ली
विश्व रक्तदाता दिवस पर रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविरों में हर वर्ग के लोग शामिल हुए। 40 डिग्री से ऊपर की भीषण गर्मी और उमस के बीच दूसरों की जान बचाने के लिए हजारों लोगों ने रक्तदान कर स्वस्थ भारत के निर्माण की मुहिम में अपना योगदान दिया। रक्तदान शिविरों में कई जगह लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। किसी अनजान की जान बचाने का जज्बा महादानियों में देखते ही बनता था। पहली बार रक्तदान कर रहे युवाओं ने उत्साह दिखाया, वहीं 60 वर्ष से ऊपर के कई वरिष्ठ नागरिकों ने रक्तदान कर दूसरों को भी अमर उजाला फाउंडेशन की इस मुहिम में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। दिव्यांगजनों ने भी रक्तदान अभियान में हिस्सा लिया। शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक महादानी को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
अमर उजाला के प्रसार वाले सात में से चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और हरियाणा के 80 से अधिक शहरों में 5,270 महादानी रक्तदान किया। अकेले रोहतक यूनिट में 834 रक्तदानियों ने महादान किया।
अमर उजाला फाउंडेशन की इस मुहिम में विभिन्न अस्पताल और सामाजिक संगठन भी भागीदार बने। लखनऊ में 493, कानपुर में 290, प्रयागराज में 201, मेरठ में 617, गाजियाबाद में 166, अलीगढ़ में 171, झांसी में 110, मुरादाबाद में 127, आगरा में 237, गोरखपुर में 200, वाराणसी में 298 और बरेली में 137 यूनिट रक्तदान हुआ।
इसी तरह से चंडीगढ़ यूनिट में 604 यूनिट रक्तदान हुआ। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 45 और हिसार यूनिट में 191 लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्र देकर सम्मानित किया गया।

80 प्रतिशत से ज्यादा ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थी
यूपी के 28 विद्यार्थी चयनित, शेष हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के हैं।
नौवीं-दसवीं के 23 विद्यार्थियों को मिलेंगे 50-50 हजार रुपये
11-12वीं के 23 विद्यार्थियों को मिलेंगे 75-75 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2025 के परिणामों की घोषणा हो गई है। छह राज्यों के प्रादेशिक शिक्षा बोर्डों के 46 प्रतिभाशाली, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को यह छात्रवृत्ति दी जा रही है। नौवीं-दसवीं में पढ़ने वाले 23 विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपये और 11-12वीं के 23 विद्यार्थियों को 75-75 हजार रुपये की एकमुश्त छात्रवृत्ति दी जाएगी। चूंकि अभी बोर्ड की परीक्षाएं चल रहीं हैं, इसलिए छात्रों को उनके एक-एक अभिभावक के साथ अप्रैल में नोएडा या किसी अन्य स्थान पर आमंत्रित करके सम्मानित किया जाएगा। छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों में अस्सी फीसदी से ज्यादा ग्रामीण पृष्ठभूमि के हैं।
अमर उजाला के प्रसार क्षेत्र वाले छह राज्यों के 22 प्रकाशन केंद्रों के जरिये नवंबर में हुई लिखित परीक्षा और उसके बाद हुए साक्षात्कार तथा आवेदकों द्वारा दिए गए दस्तावेजों का सत्यापन करके करीब डेढ़ लाख आवेदकों में से इन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। छात्रवृत्ति पाने वालों में उत्तर प्रदेश से 28, शेष हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों से हैं ।
नौवीं-दसवीं वर्ग में:
विशाल (रोल नंबर 2590068, मथुरा)
चंद्रभान (रोल नंबर 2380262, अलीगढ़)
विनायक वर्मा (रोल नंबर 1210208, लखीमपुर खीरी)
प्रिया (रोल नंबर 2170001, पंचकुला)
पारस सिंह (रोल नंबर 2760024, चमोली)
सुखवीर (रोल नंबर 2630020, हमीरपुर)
आरती (रोल नंबर 2430178, बुलंदशहर)
रत्नेश (रोल नंबर 1390207, गोरखपुर)
गीता जोशी (रोल नंबर 1650003, चंपावत)
हरीश (रोल नंबर 1550202, हिसार)
नमन (रोल नंबर 2250020, जम्मू)
भानू (रोल नंबर 2500160, झांसी)
संजय कुमार (रोल नंबर 2830042, फतेहपुर)
रजत (रोल नंबर 2680015, कैथल)
अरेंद्र (रोल नंबर 2240398, लखनऊ)
इशिका रानी (रोल नंबर 1060462, बिजनौर)
स्कंद शर्मा (रोल नंबर 2700103, संभल)
आकाश यादव (रोल नंबर 2790064, गुरुग्राम)
शिवांश साहू (रोल नंबर 2100049, प्रतापगढ़)
मन्नू (रोल नंबर 2680380, जींद)
भव्य गौतम (रोल नंबर 1720001, बिलासपुर)
प्रभात यादव (रोल नंबर 1280288, आजमगढ़)
इसी तरह 11-12वीं के वर्ग में :
अवतार (रोल नंबर 4470292, मथुरा)
उत्कर्ष (रोल नंबर 3380422, अलीगढ़)
दीपक (रोल नंबर 3190485, बरेली)
दीपक कुमार गुप्ता (रोल नंबर 4170081, चंडीगढ़)
अजय बहुगुणा (रोल नंबर 3340315, उत्तरकाशी)
दीपशिखा (रोल नंबर 4540001, मंडी)
शोभित राघव (रोल नंबर 3420652, हापुड़)
हिमांशु वर्मा (रोल नंबर 4800004, महराजगंज)
गौरव (रोल नंबर 3460073, हल्द्वानी)
तनुज (रोल नंबर 4550104, हिसार)
गरिमा (रोल नंबर 4250037, जम्मू)
सुयश (रोल नंबर 3500673, झांसी)
अर्पित (रोल नंबर 4530137, हरदोई)
मयंक (रोल नंबर 4130136, करनाल)
आशु (रोल नंबर 4230349, अयोध्या)
अवनी (रोल नंबर 4840322, बागपत)
मनीष कुमार (रोल नंबर 3330209, अमरोहा)
विशाल (रोल नंबर 3730196, गौतम बुद्ध नगर)
शिवांशु प्रजापति (रोल नंबर 3100212, प्रतापगढ़)
मधु (रोल नंबर 4680401, रोहतक)
विनायक भारद्वाज (रोल नंबर 4150034, शिमला)
अश्वनी यादव (रोल नंबर 3271009, मिर्जापुर)
दो दृष्टिहीनों को विशेष छात्रवृत्ति
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दो दृष्टिहीनों को विशेष छात्रवृत्ति के लिए चयनित किया गया है। इसमें सुंदरी (रोल नंबर 5390001) को संतकबीरनगर और गणेश चौरसिया (रोल नंबर 5390028) को गोरखपुर से चुना गया है।
तो निरस्त हो जाएगी छात्रवृत्ति
परीक्षा परिणाम बनाते समय बहुत सावधानी बरती गई है। सत्यापन के कई दौर के बाद भी अंतिम समय तक कुछ विद्यार्थियों द्वारा दी गई जानकारी गलत निकलती रही। जिन 46 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए चयनित किया गया है, अगर उनकी ओर से दी गई जानकारी भविष्य में सत्यापन के दौरान गलत पाई जाती है, तो छात्रवृत्ति निरस्त कर दी जाएगी।