नई दिल्ली। उप-राष्ट्रपति आवास में बृहस्पतिवार को आयोजित सम्मान समारोह में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति- 2017 के विजेता 38 विद्यार्थियों को उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सम्मानित किया। इस मौके पर उप राष्ट्रपति ने दिव्यांग मेधावियों के पास जाकर उनसे विस्तार से बातचीत की।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि सब कुछ सरकार ही नहीं कर सकती। निजी क्षेत्र को भी इस तरह के कल्याणकारी कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए।
भारतीय परंपरा है कि मानव सेवा माधव सेवा है। असहाय व गरीब की मदद करना हमारे स्वभाव, धर्म, देश और हम भारतीयों का अभिन्न अंग है। मैं बहुत खुश है कि अमर उजाला फाउंडेशन शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आम लोगों की मदद कर रहा है, जोकि सबसे बड़ी बात है। अतुल माहेश्वरी छात्रवृति योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को अपने सपने पूरा करने में मदद मिलेगी। व्रत और यज्ञ में जितना पुण्य मिलता है, उतना ही दूसरों की मदद करने से मिलता है। यह बात उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृति 2017 सम्मान समारोह में कही।
दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में नायडू सबसे पहले छात्रवृति प्राप्त करने वाले होनहार बच्चों के पास पहुंचे, सिर पर हाथ रखकर आर्शीवाद देते हुए अभिनदंन किया। नायडू ने कहा कि सरकार अकेले शिक्षा और स्वास्थ्य आदि के क्षेत्र में बदलाव नहीं ला सकती है, इसलिए कॉरपोरेट घरानों, कंपनियों, एनजीओ समेत समाज के हर वर्ग को सहयोग करना चाहिए।
अमर उजाला देश का तीसरा सबसे बड़ा अखबार है, जोकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में समाज में बदलाव लाने में लगातार प्रयासरत है। करीब 167 जिलों में छात्रवृति के माध्यम से आम समेत दिव्यांग छात्रों का उच्च शिक्षा का सपना, ग्रामीण सेवा, कैंसर व रक्तदान कैंपस के माध्यम से जागरूकता अभियान चल रहा है। इसके अलावा रक्तदान भी महत्वपूर्ण सेवा है। रक्तदान एक जीवनदान है, इसलिए इसे मानव सेवा ही कहा जाता है।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज आपके सपनों को अमर उजाला फाउंडेशन छात्रवृति देकर पूरा कर रहा है। इसी प्रकार हम सबका कर्तव्य है कि हर कोई दूसरों के लिए सहयोग करें। खूब पैसा कमाए और जीवन को जीएं, लेकिन उस पैसे से समाज के सहयोग पर भी खर्च करें।
अमर उजाला फाउंडेशन वर्ष 2012 से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण सेवा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं आदि कार्यक्रम आयोजित करके आम लोगों को जागरूक कर रहा है। छह राज्य शिक्षा बोर्ड के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को मैरिट के आधार पर अतुल माहेश्वरी छात्रवृति दी जाती है, ताकि स्कॉलरशिप धनराशि से वे अपनी उच्चशिक्षा का सपना पूरा कर सकें। इसी के तहत 36 छात्रवृति सामान्य छात्र और दो विशेष छात्रों (नेत्रहीन)को दी गयी। नौंवी और दसवीं कक्षा के छात्रों को 30-30 हजार रुपये की धनराशि और 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को 5–50 हजार रुपये स्कॉलरशिप दिए गए।
पिछले वर्षों में अतुल माहेश्वरी छात्रवृति पाने वाले छात्रों में से बेहतर प्रदर्शन करने वालों में से पांच छात्रों की पूरी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी फाउंडेशन उठाएगा। इसके तहत छात्र को हॉस्टल, स्कूल या कॉलेज फीस, किताब आदि का खर्चा दिया जाएगा।
अमर उजाला के फाउंडर मुरारीलाल माहेश्वरी और डोरीलाल अग्रवाल थे। इसी के तहत अमर उजाला फाउंडेशन ने इस साल से डोरीलाल अग्रवाल की स्मृति में दिव्यांग छात्रों के लिए आगरा की विकलांग सहायता संस्था का सहयोग शुरू किया है। फाउंडेशन आगरा में दिव्यांग छात्रों को सरकारी नौकरी में प्रवेश के लिए कोचिंग की सुविधा मुहैया करवाएगा। बता दें कि इस वर्ष 16 राज्यों के 153 दिव्यांगों को उक्त छात्रवृति दी गयी है। इसी के तहत कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने इलाहाबाद की पूनम यादव, पंकज जायसवाल व हेमंत झा को भी सम्मानित किया।
खुशकिस्मती कि नायडू सर से मिला आशीर्वाद :
उपराष्ट्रपति सर ने सिर पर हाथ रखकर आर्शीवाद दिया। अमर उजाला फाउंडेशन के चलते मुझे यह मौका मिला है। सर ने पूछा कि छात्रवृति से मिले पैसे का क्या करुंगी? मैं इस छात्रवृति से मिली धनराशि से फिजिक्स ऑनर्स में दाखिला लूंगी। -इशिका सिंह, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश।
छात्रवृति के चलते प्रोफेसर बनने का सपना होगा पूरा :
मैं प्रोफेसर बनना चाहती थी, लेकिन पैसा और सही मार्गदर्शन बाधक था। हालांकि इस छात्रवृति के चलते अब मैं अपनी उच्च शिक्षा को पूरा करने का सपना देख रही हूं। मेरे जैसे अभावग्रस्त छात्रों के लिए यह छात्रवृति एक वरदान है। – पूनम यादव, विशेष छात्र, एमएससी तृतीय वर्ष, इलाहाबाद।
अतुल माहेश्वरी छात्रवृति से आईएएस बनने की राह खुली :
नायडू सर ने मेरा सपना पूछा तो मैंने कहा कि आईएएस बनकर देश और अपने लोगों की सेवा करुंगा। अतुल माहेश्वरी छात्रवृति के चलते मैं दसवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ायी के लिए किताब व संसाधन जुटा सकता हूं। मेरा बचपन का सपना पूरा होने की राह खुली हैं। – रिशू मिश्रा, विशेष छात्र, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
टीचर बनकर अपने जैसे छात्रों को आगे बढने की दूंगा प्रेरणा :
उपराष्ट्रपति ने जब मुझसे मेरा सपना पूछा तो मैं कहा कि टीचर बनना है, ताकि जैसे इस छात्रवृति से मुझे मदद मिली, वैसे ही अन्य छात्रों को आगे बढने की प्रेरणा दे सकूं। इस स्कालरशिप धनराशि से मैंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला आवेदन पत्र भरा है और आगे पढ़ायी भी करुंगा। -सुग्रीव प्रसाद, विशेष छात्र, गोरखपुर, यूपी।
टीचर बनकर देश सेवा करूंगा :
उपराष्ट्रपति सर ने मुझे आर्शीवाद दिया। उनहोंने देश सेवा की बात कही तो मैं टीचर बनकर आम छात्रों को पढ़ाकर देश सेवा करुंगा। – सौरभ तिवारी, विशेष छात्र, सिद्धार्थनगर, यूपी
इस मौके पर दिल्ली दर्शन के तहत मेधावियों को इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, कुतुब मीनार, नेहरू तारामंडल और ए.पी.जे.अब्दुल कलाम मेमोरियल का भ्रमण कराया गया।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
अलीगढ़। अमर उजाला के बैनर तले मसूदाबाद चौक स्थित एसएस मेडिसेंटर में शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 55 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वरिष्ठ हृदय एवं डायबिटीज रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंघल के निर्देशन में आयोजित निशुल्क शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. उज्ज्वल सिंघल ने 55 मरीजों की निशुल्क बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) जांच की। मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर जांच कराने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार संभव हो पाता है।

नई दिल्ली
विश्व रक्तदाता दिवस पर रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविरों में हर वर्ग के लोग शामिल हुए। 40 डिग्री से ऊपर की भीषण गर्मी और उमस के बीच दूसरों की जान बचाने के लिए हजारों लोगों ने रक्तदान कर स्वस्थ भारत के निर्माण की मुहिम में अपना योगदान दिया। रक्तदान शिविरों में कई जगह लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। किसी अनजान की जान बचाने का जज्बा महादानियों में देखते ही बनता था। पहली बार रक्तदान कर रहे युवाओं ने उत्साह दिखाया, वहीं 60 वर्ष से ऊपर के कई वरिष्ठ नागरिकों ने रक्तदान कर दूसरों को भी अमर उजाला फाउंडेशन की इस मुहिम में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। दिव्यांगजनों ने भी रक्तदान अभियान में हिस्सा लिया। शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक महादानी को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
अमर उजाला के प्रसार वाले सात में से चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और हरियाणा के 80 से अधिक शहरों में 5,270 महादानी रक्तदान किया। अकेले रोहतक यूनिट में 834 रक्तदानियों ने महादान किया।
अमर उजाला फाउंडेशन की इस मुहिम में विभिन्न अस्पताल और सामाजिक संगठन भी भागीदार बने। लखनऊ में 493, कानपुर में 290, प्रयागराज में 201, मेरठ में 617, गाजियाबाद में 166, अलीगढ़ में 171, झांसी में 110, मुरादाबाद में 127, आगरा में 237, गोरखपुर में 200, वाराणसी में 298 और बरेली में 137 यूनिट रक्तदान हुआ।
इसी तरह से चंडीगढ़ यूनिट में 604 यूनिट रक्तदान हुआ। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 45 और हिसार यूनिट में 191 लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्र देकर सम्मानित किया गया।

80 प्रतिशत से ज्यादा ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थी
यूपी के 28 विद्यार्थी चयनित, शेष हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के हैं।
नौवीं-दसवीं के 23 विद्यार्थियों को मिलेंगे 50-50 हजार रुपये
11-12वीं के 23 विद्यार्थियों को मिलेंगे 75-75 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2025 के परिणामों की घोषणा हो गई है। छह राज्यों के प्रादेशिक शिक्षा बोर्डों के 46 प्रतिभाशाली, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को यह छात्रवृत्ति दी जा रही है। नौवीं-दसवीं में पढ़ने वाले 23 विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपये और 11-12वीं के 23 विद्यार्थियों को 75-75 हजार रुपये की एकमुश्त छात्रवृत्ति दी जाएगी। चूंकि अभी बोर्ड की परीक्षाएं चल रहीं हैं, इसलिए छात्रों को उनके एक-एक अभिभावक के साथ अप्रैल में नोएडा या किसी अन्य स्थान पर आमंत्रित करके सम्मानित किया जाएगा। छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों में अस्सी फीसदी से ज्यादा ग्रामीण पृष्ठभूमि के हैं।
अमर उजाला के प्रसार क्षेत्र वाले छह राज्यों के 22 प्रकाशन केंद्रों के जरिये नवंबर में हुई लिखित परीक्षा और उसके बाद हुए साक्षात्कार तथा आवेदकों द्वारा दिए गए दस्तावेजों का सत्यापन करके करीब डेढ़ लाख आवेदकों में से इन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। छात्रवृत्ति पाने वालों में उत्तर प्रदेश से 28, शेष हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों से हैं ।
नौवीं-दसवीं वर्ग में:
विशाल (रोल नंबर 2590068, मथुरा)
चंद्रभान (रोल नंबर 2380262, अलीगढ़)
विनायक वर्मा (रोल नंबर 1210208, लखीमपुर खीरी)
प्रिया (रोल नंबर 2170001, पंचकुला)
पारस सिंह (रोल नंबर 2760024, चमोली)
सुखवीर (रोल नंबर 2630020, हमीरपुर)
आरती (रोल नंबर 2430178, बुलंदशहर)
रत्नेश (रोल नंबर 1390207, गोरखपुर)
गीता जोशी (रोल नंबर 1650003, चंपावत)
हरीश (रोल नंबर 1550202, हिसार)
नमन (रोल नंबर 2250020, जम्मू)
भानू (रोल नंबर 2500160, झांसी)
संजय कुमार (रोल नंबर 2830042, फतेहपुर)
रजत (रोल नंबर 2680015, कैथल)
अरेंद्र (रोल नंबर 2240398, लखनऊ)
इशिका रानी (रोल नंबर 1060462, बिजनौर)
स्कंद शर्मा (रोल नंबर 2700103, संभल)
आकाश यादव (रोल नंबर 2790064, गुरुग्राम)
शिवांश साहू (रोल नंबर 2100049, प्रतापगढ़)
मन्नू (रोल नंबर 2680380, जींद)
भव्य गौतम (रोल नंबर 1720001, बिलासपुर)
प्रभात यादव (रोल नंबर 1280288, आजमगढ़)
इसी तरह 11-12वीं के वर्ग में :
अवतार (रोल नंबर 4470292, मथुरा)
उत्कर्ष (रोल नंबर 3380422, अलीगढ़)
दीपक (रोल नंबर 3190485, बरेली)
दीपक कुमार गुप्ता (रोल नंबर 4170081, चंडीगढ़)
अजय बहुगुणा (रोल नंबर 3340315, उत्तरकाशी)
दीपशिखा (रोल नंबर 4540001, मंडी)
शोभित राघव (रोल नंबर 3420652, हापुड़)
हिमांशु वर्मा (रोल नंबर 4800004, महराजगंज)
गौरव (रोल नंबर 3460073, हल्द्वानी)
तनुज (रोल नंबर 4550104, हिसार)
गरिमा (रोल नंबर 4250037, जम्मू)
सुयश (रोल नंबर 3500673, झांसी)
अर्पित (रोल नंबर 4530137, हरदोई)
मयंक (रोल नंबर 4130136, करनाल)
आशु (रोल नंबर 4230349, अयोध्या)
अवनी (रोल नंबर 4840322, बागपत)
मनीष कुमार (रोल नंबर 3330209, अमरोहा)
विशाल (रोल नंबर 3730196, गौतम बुद्ध नगर)
शिवांशु प्रजापति (रोल नंबर 3100212, प्रतापगढ़)
मधु (रोल नंबर 4680401, रोहतक)
विनायक भारद्वाज (रोल नंबर 4150034, शिमला)
अश्वनी यादव (रोल नंबर 3271009, मिर्जापुर)
दो दृष्टिहीनों को विशेष छात्रवृत्ति
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दो दृष्टिहीनों को विशेष छात्रवृत्ति के लिए चयनित किया गया है। इसमें सुंदरी (रोल नंबर 5390001) को संतकबीरनगर और गणेश चौरसिया (रोल नंबर 5390028) को गोरखपुर से चुना गया है।
तो निरस्त हो जाएगी छात्रवृत्ति
परीक्षा परिणाम बनाते समय बहुत सावधानी बरती गई है। सत्यापन के कई दौर के बाद भी अंतिम समय तक कुछ विद्यार्थियों द्वारा दी गई जानकारी गलत निकलती रही। जिन 46 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए चयनित किया गया है, अगर उनकी ओर से दी गई जानकारी भविष्य में सत्यापन के दौरान गलत पाई जाती है, तो छात्रवृत्ति निरस्त कर दी जाएगी।