Home Education Atul Maheshwari Scholarship अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के विजेताओं को उप-राष्ट्रपति ने किया सम्मानित।
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अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के विजेताओं को उप-राष्ट्रपति ने किया सम्मानित।

  • calendar_month 20,APR 2018
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के विजेताओं को उप-राष्ट्रपति ने किया सम्मानित।

नई दिल्ली। उप-राष्ट्रपति आवास में बृहस्पतिवार को आयोजित सम्मान समारोह में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति- 2017 के विजेता 38 विद्यार्थियों को उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सम्मानित किया। इस मौके पर उप राष्ट्रपति ने दिव्यांग मेधावियों के पास जाकर उनसे विस्तार से बातचीत की।

उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि सब कुछ सरकार ही नहीं कर सकती। निजी क्षेत्र को भी इस तरह के कल्याणकारी कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए।

भारतीय परंपरा है कि मानव सेवा माधव सेवा है। असहाय व गरीब की मदद करना हमारे स्वभाव, धर्म, देश और हम भारतीयों का अभिन्न अंग है। मैं बहुत खुश है कि अमर उजाला फाउंडेशन शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आम लोगों की मदद कर रहा है, जोकि सबसे बड़ी बात है। अतुल माहेश्वरी छात्रवृति योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को अपने सपने पूरा करने में मदद मिलेगी। व्रत और यज्ञ में जितना पुण्य मिलता है, उतना ही दूसरों की मदद करने से मिलता है। यह बात उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृति 2017 सम्मान समारोह में कही।

दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में नायडू सबसे पहले छात्रवृति प्राप्त करने वाले होनहार बच्चों के पास पहुंचे, सिर पर हाथ रखकर आर्शीवाद देते हुए अभिनदंन किया। नायडू ने कहा कि सरकार अकेले शिक्षा और स्वास्थ्य आदि के क्षेत्र में बदलाव नहीं ला सकती है, इसलिए कॉरपोरेट घरानों, कंपनियों, एनजीओ समेत समाज के हर वर्ग को सहयोग करना चाहिए।

अमर उजाला देश का तीसरा सबसे बड़ा अखबार है, जोकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में समाज में बदलाव लाने में लगातार प्रयासरत है। करीब 167 जिलों में छात्रवृति के माध्यम से आम समेत दिव्यांग छात्रों का उच्च शिक्षा का सपना, ग्रामीण सेवा, कैंसर व रक्तदान कैंपस के माध्यम से जागरूकता अभियान चल रहा है। इसके अलावा रक्तदान भी महत्वपूर्ण सेवा है। रक्तदान एक जीवनदान है, इसलिए इसे मानव सेवा ही कहा जाता है।

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज आपके सपनों को अमर उजाला फाउंडेशन छात्रवृति देकर पूरा कर रहा है। इसी प्रकार हम सबका कर्तव्य है कि हर कोई दूसरों के लिए सहयोग करें। खूब पैसा कमाए और जीवन को जीएं, लेकिन उस पैसे से समाज के सहयोग पर भी खर्च करें।

अमर उजाला फाउंडेशन वर्ष 2012 से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण सेवा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं आदि कार्यक्रम आयोजित करके आम लोगों को जागरूक कर रहा है। छह राज्य शिक्षा बोर्ड के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को मैरिट के आधार पर अतुल माहेश्वरी छात्रवृति दी जाती है, ताकि स्कॉलरशिप धनराशि से वे अपनी उच्चशिक्षा का सपना पूरा कर सकें। इसी के तहत 36 छात्रवृति सामान्य छात्र और दो विशेष छात्रों (नेत्रहीन)को दी गयी। नौंवी और दसवीं कक्षा के छात्रों को 30-30 हजार रुपये की धनराशि और 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को 5–50 हजार रुपये स्कॉलरशिप दिए गए।

पिछले वर्षों में अतुल माहेश्वरी छात्रवृति पाने वाले छात्रों में से बेहतर प्रदर्शन करने वालों में से पांच छात्रों की पूरी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी फाउंडेशन उठाएगा। इसके तहत छात्र को हॉस्टल, स्कूल या कॉलेज फीस, किताब आदि का खर्चा दिया जाएगा।

अमर उजाला के फाउंडर मुरारीलाल माहेश्वरी और डोरीलाल अग्रवाल थे। इसी के तहत अमर उजाला फाउंडेशन ने इस साल से डोरीलाल अग्रवाल की स्मृति में दिव्यांग छात्रों के लिए आगरा की विकलांग सहायता संस्था का सहयोग शुरू किया है। फाउंडेशन आगरा में दिव्यांग छात्रों को सरकारी नौकरी में प्रवेश के लिए कोचिंग की सुविधा मुहैया करवाएगा। बता दें कि इस वर्ष 16 राज्यों के 153 दिव्यांगों को उक्त छात्रवृति दी गयी है। इसी के तहत कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने इलाहाबाद की पूनम यादव, पंकज जायसवाल व हेमंत झा को भी सम्मानित किया।

खुशकिस्मती कि नायडू सर से मिला आशीर्वाद :

उपराष्ट्रपति सर ने सिर पर हाथ रखकर आर्शीवाद दिया। अमर उजाला फाउंडेशन के चलते मुझे यह मौका मिला है। सर ने पूछा कि छात्रवृति से मिले पैसे का क्या करुंगी? मैं इस छात्रवृति से मिली धनराशि से फिजिक्स ऑनर्स में दाखिला लूंगी। -इशिका सिंह, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश।  

छात्रवृति के चलते प्रोफेसर बनने का सपना होगा पूरा  :
मैं प्रोफेसर बनना चाहती थी, लेकिन पैसा और सही मार्गदर्शन बाधक था। हालांकि इस छात्रवृति के चलते अब मैं अपनी उच्च शिक्षा को पूरा करने का सपना देख रही हूं। मेरे जैसे अभावग्रस्त छात्रों के लिए यह छात्रवृति एक वरदान है। – पूनम यादव, विशेष छात्र, एमएससी तृतीय वर्ष, इलाहाबाद।

अतुल माहेश्वरी छात्रवृति से आईएएस बनने की राह खुली  :
नायडू सर ने मेरा सपना पूछा तो मैंने कहा कि आईएएस बनकर देश और अपने लोगों की सेवा करुंगा। अतुल माहेश्वरी छात्रवृति के चलते मैं दसवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ायी के लिए किताब व संसाधन जुटा सकता हूं। मेरा बचपन का सपना पूरा होने की राह खुली हैं।  – रिशू मिश्रा, विशेष छात्र, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश

टीचर बनकर अपने जैसे छात्रों को आगे बढने की दूंगा प्रेरणा :
उपराष्ट्रपति ने जब मुझसे मेरा सपना पूछा तो मैं कहा कि टीचर बनना है, ताकि जैसे इस छात्रवृति से मुझे मदद मिली, वैसे ही अन्य छात्रों को आगे बढने की प्रेरणा दे सकूं। इस स्कालरशिप धनराशि से मैंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में स्नातक प्रोग्राम में दाखिला आवेदन पत्र भरा है और आगे पढ़ायी भी करुंगा।  -सुग्रीव प्रसाद, विशेष छात्र, गोरखपुर, यूपी।

टीचर बनकर देश सेवा करूंगा  :
उपराष्ट्रपति सर ने मुझे आर्शीवाद दिया। उनहोंने देश सेवा की बात कही तो मैं टीचर बनकर आम छात्रों को पढ़ाकर देश सेवा करुंगा।  – सौरभ तिवारी, विशेष छात्र,  सिद्धार्थनगर, यूपी 

इस मौके पर दिल्ली दर्शन के तहत मेधावियों को इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, कुतुब मीनार, नेहरू तारामंडल और ए.पी.जे.अब्दुल कलाम मेमोरियल का भ्रमण कराया गया।

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