कारगिल विजय दिवस पर बुधवार, 26 जुलाई, 2017 को पूर्वांचल के लोगों के जोश और जज्बे ने जाहिर कर दिया के वे वतन के रखवालों के लिए संजीदा हैं। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल के 10 जिलों में 786 लोगों ने रक्तदान कर शहीद सैनिकों के प्रति सम्मान के साथ-साथ जरूरतमंदों के सहायतार्थ ‘लहू देश के लिए’ समर्पित किया।
लगातार दूसरे साल हुएइस आयोजन में कई जगह भारी बारिश के बावजूद लोग पूरे उत्साह के साथ रक्तदान-महादान करने पहुंचे। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल का डॉक्टर्स लाउंज के साथ-साथ आजमगढ़ और जौनपुर के ब्लड बैंक में तो शिविर मेलों में तब्दील हो गए। बीएचयू के अमर उजाला फाउंडेशन और बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर का दीप प्रज्ज्वलन के बाद बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि रक्तदान जीवन रक्षा का यह एक आयाम है।
इस आयाम की सुरक्षा के लिए देशवासी जागरूक हों, प्रतिबद्ध हों और आवश्यकतानुसार अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान दें। इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। शिविर एनसीसी ए ग्रुप के कमांडर ब्रिगेडियर एके गोयल, ट्रेनिंग अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल सुधीर सिंह के साथ-साथ 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर के सैनिकों, सीआरपीएफ जवानों, एनसीसी कैड्ट्स के अलावा सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं और महिलाओं ने रक्तदान-महादान किया।
उधर, आजमगढ़ में एसपी अजय साहनी, एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार, मऊ में एसपी अभिषेक यादव और जौनपुर में एसपी शैलेश कुमार पांडेय अपने-अपने जिलों में आयोजित शिविरों में रक्तदान कर महादानी बने।
रक्तदान एक नजर में
वाराणसी 158
गाजीपुर 71
जौनपुर 111
चंदौली 68
मिर्जापुर 35
भदोही 20
सोनभद्र 61
आजमगढ़ 131
मऊ 70
बलिया 61
(वाराणसी में 50, बलिया में 9, चंदौली में 55, जौनपुर में 25, मिर्जापुर में 12 और आजमगढ़ में 7 लोगों को रिजर्व में रखे गए हैं, जो जरूरत के समय बुलाए जाने पर रक्तदान करेंगे )
जीवन रक्षा का सशक्त माध्यम है रक्तदान
कारगिल विजय दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन और बीएचयू सर सुंदर लाल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर में महादानी बनने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। सुबह करीब साढ़े नौ बजे से चार बजे तक चले शिविर में 158 लोगों ने रक्तदान कर दूसरों की जान बचाने का संकल्प लिया। बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि रक्तदान से बड़ा दान और कोई नहीं है। इसकी अहमियत सभी को समझनी चाहिए। रक्तदान जीवन रक्षा का सशक्त आयाम है।
डॉक्टर्स लाउंज में आयोजित शिविर में बारिश के बाद भी लोगों का उत्साह देखने लायक था। बीएचयू छात्रों, एनसीसी कैडेटों, सेना के जवानों के साथ ही युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों ने इस शिविर में बढ़चढ़कर भागीदारी की। उदघाटन अवसर पर कुलपति ने कहा कि रक्तदान की महत्ता सभी को समझनी होगी। रक्तदान के लिए यह जरूरी है कि रक्त की बर्बादी से उसका संग्रह रुके यह ठीक नहीं है। उसके सदुपयोग और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति प्रेरित करने की जरूरत है।
समाज की सृष्टि अच्छे और बुरे दोनों लोगों के बिना खड़ी नहीं हो सकती है। अच्छे लोगों के मन में अच्छे विचार हैं, उन्हें प्लेटफार्म मुहैया कराने की जरूरत है। राष्ट्र का निर्माण अचानक नहीं होता है इसके लिए त्याग और समर्पण की जरूरत है। बलिदानी शहीदों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके सिंह, प्रोफेसर इंचार्ज ब्लड बैंक प्रो.केके गुप्ता ने रक्तदान की महत्ता पर प्रकाश डाला।
एनसीसी कैडेटों संग रक्तदान करने पहुंचे ब्रिगेडियर
एनसीसी ग्रुप मुख्यालय ए के एनसीसी कैडेटों, सेना के जवानों के साथ ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एके गोयल रक्तदान करने पहुंचे। इस दौरान ट्रेनिंग आफिसर ले.कर्नल सुधीर सिंह, नायब सूबेदार एसके शर्मा, 89 यूपी बटालियन से सूबेदार मंजीत सिंह, हवलदार करतार सिंह, कर्मचंद के साथ ही कैडेटों में अनुज पटेल, चंदन, अंकित यादव, प्रदीप पटेल, संजय यादव, संजीत यादव, सौरव पटेल, विशाल कुमार, पंकज कुमार, दिवाकर पटेल, दीपक गौड़, शशिबाला, तंपी दुवन और गीतानंद ने पूरे उत्साह के साथ रक्तदान किया। इस दौरान ब्रिगेडियर गोयल ने कैडेटों को रक्तदान जैसे महादान के लिए बढ़चढ़कर आगे आने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा 7 यूपी एयर स्कवायड्रन और नेवल विंग से सौम्या, पूजा मिश्रा, प्रीति मिश्रा और साधना यादव आदि कैडेटों ने भी रक्तदान किया।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।