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आत्मरक्षा के कौशल से हर हालात से निपटने में सक्षम हैं बेटियां

  • calendar_month 16,MAR 2019
आत्मरक्षा के कौशल से हर हालात से निपटने में सक्षम हैं बेटियां

अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता : 100 स्माइल अभियान के तहत शनिवार, 16 मार्च, 2019 को जेवर के प्रज्ञान पब्लिक स्कूल में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गयाl इस दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सीखते हुए ट्रेनर नौशाद सैफी ने कहा कि आत्मबल से बड़ा कोई बल नहीं होता, स्वयं से बड़ा खुद का कोई संबल नहीं होता। आत्मरक्षा का हुनर जानने वाली बेटियां आत्मबल के साथ किसी भी हालात से निपट सकती हैं।

कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने करीब डेढ़ घंटे तक छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया। साथ ही छात्राओं को हमला होने पर आत्मरक्षा के साथ-साथ पलटकर जवाब देना भी सिखाया। इस मौके पर छात्राओं को आत्मरक्षा पर तैयार एक लघु फिल्म दिखाई गई। इसके बाद प्रशिक्षक ने विद्यालय की छात्राओं को दस से अधिक आत्मरक्षा के तरीके बताए और अभ्यास कराया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जेवर पुलिस क्षेत्राधिकारी शरद चंद शर्मा ने फाउंडेशन के अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ बेटियों को सभी क्षेत्रों में प्रोत्साहित किया जाता है, बल्कि बहादुरी से सभी बाधाओं से निपटाते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है। कार्यक्रम का संचालन कर रही सोनिया कोचर ने उनसे पूछा कि लोग समाज में पुरुषों को ही शक्ति संपन्न क्यों मानते हैं। इस पर शर्मा ने कहा कि महिलाएं हमेशा से ही पुरुषों से शक्तिशाली रही हैं। दुर्गा और काली सहित न जाने कितने उदाहरण हमारे सामने हैं, अगर जरूरत है तो उनके अंदर छुपी शक्ति को बाहर लाने की है।

अमर उजाला की यह मुहिम छात्राओं का आत्मबल बढ़ा रही है। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न उपयोगी हेल्पलाइन नंबरों- 1090, 100, 112 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही बताया कि घर से बाहर जाते वक्त हर समय सतर्क रहें, जानकारों से भी दूरी बनाए रखे और अपने आसपास होने वाली घटनाओं पर नजर रखें। प्रधानाचार्य दीप्ति शर्मा ने कहा कि किसी मुसीबत का सामना करते समय आपकी आंखों में भय नहीं दिखना चाहिए। इससे हमलावर का हौसला पहले ही पस्त हो जाएगा। इस मौके पर शालिनी राय, रश्मि धाकड़, बोस्की सिंह, शीतल रस्तोगी और फरीद आलम ने भी कार्यक्रम की सराहना की।

अपराजिता की ओर से छात्राओं की सुरक्षा के बारे में हमें कई तरीके बताए गए। जिससे हम आत्मरक्षा कर सकते हैं। हमें अपनी शक्ति का आभास हुआ। इस आयोजन से अनुभव हुआ कि हम किसी से कम नहीं हैं और हमें कोई पराजित नहीं कर सकता। - खुशी चौधरी, छात्रा

कार्यक्रम से पता लगा कि महिलाएं वो शक्ति है जिसका सही इस्तेमाल हो तो दुनिया को नया मोड़ दे सकती हैं। अगर हमें कोई चोट पहुंचाने का प्रयास करे तो अपना रौद्र रुप दिखाते हुए ऐसे अपराधियों को सबक सिखाना चाहिए। धन्यवाद, अमर उजाला। - रिद्धिमा वशिष्ठ, छात्रा

अपराजिता से हमारी शक्तियों से अवगत कराने का प्रयास किया गया। हमें कैसे अपने आपको सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ना है, साथ ही अन्य महिलाओं को भी जागरूक करना है। इसके लिए में अमर उजाला का धन्यवाद करती हूं। - मांडवी चौधरी, छात्रा

आज महिलाएं आगे बढ़ रही हैं और सशक्त होते हुए अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों के प्रति आवाज उठा रही हैं। कार्यक्रम के तहत आत्मरक्षा के लिए सिखाए गए गुर बहुत उपयोगी थे। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने के लिए जरूरी है। - तन्नू भारद्वाज, छात्रा

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