आगरा। ‘रक्तदान के क्षेत्र में अमर उजाला फाउंडेशन क्रांति लेकर आया है। चाहे जिला अस्पताल हो या मेडिकल कालेज हम अमर उजाला के साथ जुड़कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पिछले दिनों खून की मांग का अंतर काफी कम हुआ है। यह सब अमर उजाला की पहल, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. हरेन्द्र यादव और ऐसे रक्तदान दाताओं के कारण मुमकिन हुआ है, जो नियमित रक्तदान कर रहे हैं।’ यह बातें शनिवार को एसएन मेडिकल कालेज में नियमित रक्तदान करने वालों के सम्मान कार्यक्रम में कालेज प्राचार्य डॉ. अजय अग्रवाल ने कहीं। उन्होंने सभी उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए बैज, जागरूकता कप और पत्र देकर सम्मानित किया। यहां लकी श्रीवास्तव, साधना मेहरा, लीला, डॉ. स्नेहा, लक्ष्मी, पूरन चंद्र, आशुतोष द्विवेदी, मनोज कुमार और धर्मेन्द्र त्यागी का सम्मान किया गया। वहीं जिला अस्पताल में भी नियमित दानदाताओं को सम्मानित किया गया। यहां काउंसलर हर्षिता यादव ने जागरूकता कप और शील्ड देकर ब्लड डोनर का मनोबल बढ़ाया। यहां भी कुल 10 नियमित डोनर का सम्मान किया गया।
..जब नाराज हुई आम्रपाली
भाई हिमांशु ने जब बहन आम्रपाली से रक्तदान के लिए मना किया तो वह नाराज हो गई। उसकी जिद के आगे भाई ने हार मानी और दोनों ने रक्तदान किया। पहली बार रक्तदान करने की अनूठी खुशी आम्रपाली के चहरे पर थी।
जाओ बेटी, रक्तदान कर आओ
बेलनगंज नैना अग्रवाल और विजय नगर की दीक्षा बंसल ने रक्तदान की बात कही तो उनके पिता विजय अग्रवाल और शरद बंसल ने उनकी सोच को बढ़ावा देते हुए रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
यह नहीं कर पाए रक्तदान:
डा. अंकुर लाल, पूजा अग्रवाल, संजय पाल, नवीन जैन, मोहित, विकास शर्मा, शंकर लाल, महेश अग्रवाल, भानुप्रताप सिंह, रेनू चौधरी, संजय वर्मा, पूनम वर्मा, चिराग कोहली, दीपक गुप्ता, बन्ने खां, लाखन सिंह, राजकुमार, मुकेश कुमार, देवांश, मुरारीलाल जैन, पंकज वार्ष्णेय आदि रहे।
रक्त का कोई विकल्प नहीं है। यह किसी की जान बचा सकता है। इतनी सी बात को समझना मुश्किल नहीं था। तभी तो उमर उजाला फाउंडेशन के कैंप में रिकार्ड तोड़ रक्तदान हुआ। अमर उजाला कार्यालय में रक्तदान के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। स्थिति यह, कि बड़ी संख्या में लोगों को अन्यत्र रक्तदान के लिए भेजना पड़ा। विश्व रक्तदाता दिवस पर 215 यूनिट रक्त दान में प्राप्त हुआ। एटा, मैनपुरी, फीरोजाबाद और मथुरा में लगे शिविर को मिलाकर यह संख्या 298 यूनिट हो जाती है।
अमर उजाला फाउंडेशन के तहत जागरूकता अभियान का ही असर था कि विश्व रक्तदाता दिवस पर कार्यालय में लगे कैंप में दो बजे तक 133 यूनिट रक्तदान हो चुका था। ब्लड बैंक में स्टाक और क्षमता को देखते हुए रक्तदान को आए लोगों को निवेदनर्पूवक लौटाना पड़ा। ऐसी ही स्थिति सरकारी अस्पतालों में थी। एसएन मेडिकल कालेज 47 यूनिट और जिला अस्पताल में 35 यूनिट रक्तदान हुआ। शहर के साथ गांव-देहात के अलावा अन्य जिलों से भी लोग रक्तदान को आए। दानदाताओं के इस जज्बे को अमर उजाला परिवार सलाम करता है।
•शनिवार को वाईपी गुप्ता का 74वां जन्मदिन था। सुबह विश कर नाती अमन दादाजी का हाथ पकड़ कर अमर उजाला लाए। बोले, आपको गिफ्ट के नाम पर मैं रक्तदान करूंगा।
•देखिए, आप पांच बार ब्लड डोनेट कर चुके हैं, इस बार मैं भी चलूंगी। नेहरू नगर की मधु गोयल इसी उलाहना के साथ अपने पति राजाबाबू के साथ आईं और पहली बार रक्तदान किया।
•कालिंदी विहार स्थित एसके अग्रवाल ने बताया कि वह अमर उजाला के बाहर आटो खड़ा करके रक्तदान करने पहुंचे हैं। उन्होंने 18 वर्ष की आयु में पहली बार रक्तदान किया था।
•निरंकारी सत्संग मिशन की ओर से सचिन ओबराय, प्रिया ओबराय, प्रमेन्द्र सोनी और रवीना सोनी ने शिविर में रक्तदान किया। सचिन ओबराय 70 बार और प्रिया ओबराय ने 15वीं बार रक्त दिया।
•खेड़िया प्रथम निवासी 30 वर्षीय राजू सिंह उर्फ नेत्रपाल ने इस पहल को सराहनीय बताया। अमर उजाला के कैंप में हमेशा रक्तदान करने की शपथ भी ली। वे चार बार रक्तदान कर चुके हैं।
•गुजरात निवासी सुनील मेहता समाज के लिए नजीर हैं। वह अक्सर बिजनेस के सिलसिले में आगरा आते हैं। सुबह अखबार पढ़कर जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने लोगों से रक्तदान की अपील की।
•जिला अस्पताल में हर्षिता यादव ने दिया जागरूकता कप
इन्होेंने दिखाया जज्बा
तरुण सिंह, रवि गिडवानी, राजपाल सिंह, कुलदीप सिंह, गौरव अरोरा, रोहित सबलोक, हरविंदर सिंह, भारत कालरा, शैलेश पुरुश्वानी, गौरव आहूजा, आनंद अरोरा, डीके शिवानी, राजू शिवानी, अभिषेक राज गर्ग, नवीन अग्रवाल, दिलीप जैसवाल, हिमांशु गुप्ता, अंकुर जैन, चंद्रवीर सिंह, रजन कुमार सिंह, आशीष अग्रवाल, अमित मिश्रा, मोहर सिंह तोमर, विशाल शर्मा, विकास साल्या, विमल स्वरूप, आशीष जैन, संजय जैन, नीरज पिप्पल, दिलीप पांडे, भूपेंद्र कुमार, गौरव गुप्ता, सोनू कुमार, सुरेंद्र अग्रवाल, आशीष सिंह चौहान, एसपी सक्सेना, सुनील कुमार, ध्रुव सैनी, संजय सैनी, नरेंद्र सिंह, करन कुमार, कृष्णकांत सिंह, सुधीर शर्मा, दीपक अग्रवाल, अमित शर्मा, प्रमोद अस्थाना, विकास वर्धन, रामनिवास गर्ग, आरके सारस्वत, सचिन अग्रवाल, कपिल, प्रदीप शर्मा, विनय कपूर, शैलेंद्र चौधरी, अविनाश, वरुण प्रकाश, आशीष उप्रैती, सरिता काला, राजकुमार सारस्वत, कृष्णकुमार सिंह, हितेश, बृजेश कुमार, राजपाल सिंह, अनिल वर्मा, तपन गुहा, मुदित कुलश्रेष्ठ, माधवी शर्मा, दिनेश शर्मा, योगेश तिवारी, नितिन गोयल, हिमांशु गुप्ता, राकेश भाष्कर, कपिल चोपड़ा, लक्ष्मण सिंह, प्रणव सिन्हा, मोहित सारस्वत, नितिन अग्रवाल, दीप्ति गुप्ता, सुनील अग्रवाल, शशि शर्मा, एसके वलीचा, पूजा अग्रवाल, राकेश कुमार झिंग्राम, अल्का राकेश, तुलसी सारस्वत, अरुण कुमार, दयासरन भार्गव, शोभित जैन, विशाल कुलश्रेष्ठ, पायल कुलश्रेष्ठ, प्रवीन पोरवाल, कुलदीप कुलश्रेष्ठ, अर्पित कुलश्रेष्ठ, राजकुमार, तरुण शर्मा, शैलेंद्र चौधरी, राजेश पंडित, नीरज सिंह, गौरव सिंह, शेखर सिंह, पवन अग्रवाल, हिमांशु जैन, शैलेंद्र शर्मा, दिलीप पाठक, अंकित गर्ग, राहुल अग्रवाल, रवि, रोहित कुमार, इरफान उस्मानी, सुरेंद्र नागर, दिपांकर डे, रुपेश वर्मा, वंदना शर्मा, दीपाली शर्मा, नवलकिशोर मदान, अमन वार्ष्णेय आदि रहे।
इनका रहा सहयोग
जिला अस्पताल में प्रभारी ब्लड बैंक डॉ. विकास, काउंसर हर्षिता यादव, लैब टेक्निशियन सुरजीत सिंह, विश्वराज गौतम, जसराम आदि ने सहयोग किया। वहीं एसएन मेडिकल कालेज में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. हरेन्द्र यादव, काउंसलर प्रमोद कुमार, डॉ. राजा, डॉ. अभिषेक, डॉ. दीप्ति, धर्मेद्र कुमार, रोहित पाल सिंह, दामोदर सिंह, हर्षवर्धव, बद्रीनाथ और उदभान आदि ने सहयोग किया।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।