अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार, 20 अप्रैल, 2019 को नोएडा के होम्स- 121 सोसाइटी में पुलिस की चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में सोसाइटी के लोगों ने काफी संख्या में पहुंचकर पुलिस को सुरक्षा संबंधी समस्याएं बताईं। एसपी ग्रामीण विनीत जायसवाल ने सिलसिलेवार तरीके से सभी लोगों की समस्याओं पर जवाब दिया। करीब एक घंटे तक चले चौपाल कार्यक्रम में सोसाइटी, सेक्टर व सड़क पर सुरक्षा के बारे में चर्चा की गई। एसपी ग्रामीण ने सोसाइटी में रहने वाले लोगों को पुलिस की कार्यशैली से लेकर सिस्टम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कहीं भी डर लगे, कोई शंका हो तो बेहिचक 100 नंबर पर फोन करें। सोसाइटी के अधिकतर पुरुष व महिलाएं कामकाजी होते हैं।
कई बार फ्लैट में महिलाएं व वरिष्ठ नागरिक अकेले होते हैं। इस कारण 100 नंबर आपके पास सबसे बड़ा हथियार है। पुलिस आपकी मदद के लिए 10 मिनट के भीतर पहुंच जाएगी। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर आपको कोई गलत मेसेज करता हो, फोन करता हो तो आप 1090 पर कॉल करें। यूपी पुलिस की साइट पर एक विकल्प पोर्टल है। महिलाएं उस पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकती हैं। इसमें महिलाओं का नाम गुप्त रखा जाएगा।
किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, पिन न बताएं
साइबर क्राइम के बारे में एसपी ग्रामीण ने कहा कि यह सबसे बड़ा क्राइम है। इसमें सबसे पहले ध्यान यह रखें कि किसी भी व्यक्ति को अपना ओटीपी, पिन या बैंक व एटीएम से संबधित सूचनाएं नहीं दें। बैंक कभी भी किसी से फोन पर कोई सूचना नहीं मांगता है। चौपाल में मीनाक्षी, पंकज व कुलदीप ने साइबर क्राइम व एफआईआर दर्ज नहीं करने के बारे में सवाल किए। इस पर एसपी ग्रामीण ने कहा कि कई मामलों में जांच की जाती है। इस कारण वक्त लगता है, लेकिन अगर आपको लगे कि पुलिस जानबूझकर देरी कर रही है तो उच्च अधिकारियों को तुरंत बताएं। सोसाइटी निवासी मीना, अंजू, राजा ने चेन स्नेचिंग व बगैर मानकों के स्कूल बस के संचालन के बारे में सवाल किए।
सोसाइटी में चस्पा होंगे पुलिस अधिकारियों के नंबर
एसपी ग्रामीण विनीत जायसवाल ने कहा कि सोसाइटी के अंदर पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर चिपकाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पुलिस की साइट पर उच्च अधिकारियों के नंबर उपलब्ध हैं। अगर कोई पासपोर्ट सत्यापन या किसी जरूरत के सत्यापन के लिए पुलिसकर्मी पैसा मांगता हो तो तुरंत उच्च अधिकारियों को बताएं।
तीन लोगों के निकले लकी ड्रॉ
पुलिस की चौपाल के अंत में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से तीन लोगों का लकी ड्रा निकाला गया। इसमें एसपी ग्रामीण ने ड्रॉ के विजेता नीलम शर्मा, संजीव दीक्षित व आरके शर्मा को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सोसाइटी के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
क्या कहती हैं सोसाइटी की महिलाएं
सोसाइटी व सेक्टर में पुलिस की कम पेट्रोलिंग होती है। इसे बढ़ाने की जरूरत है। सुबह शाम व रात के वक्त पुलिस कुछ देर के लिए ही आती है। इस कारण बदमाशों का मनोबल बढ़ा हुआ है। -गरिमा त्रिपाठी
सोसाइटी के गेट के आसपास बदमाश सक्रिय रहते हैं। गेट नंबर दो पर लगातार चेन व मोबाइल स्नेचिंग की घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा साइबर क्राइम पर भी लगाम लगाने की जरूरत है। -रश्मि द्विवेदी
सोसाइटी के बाहर सड़कों पर खुलेआम बदमाशी होती है। महिलाएं चेन स्नेचिंग की डर से चेन पहनना छोड़ चुकी हैं। पुलिस को इस तरह का वातावरण बनाना चाहिए, ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। -नूतन
सोसाइटी के बाहर बच्चों को भेजने व खुद जाने से डरती हूं। सोसाइटी के बाहर निकलते ही ऐसा लगता है कि कुछ लोगों की नजर हम लोगों पर है। इस कारण सोसाइटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था होना चाहिए। -अनु गोयल

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।