बुलंदशहर। छात्र-छात्राएं अपनी जिम्मदारियों को समझें, सावधान रहें, सतर्क रहें और एक जिम्मेदार नागरिक बनें। जिससे भविष्य में और भी बेहतर समाज की स्थापना हो सके। पुलिस मित्रवत व्यवहार करती है, उसी तरह लोगों को भी पुलिस की मदद करना चाहिए। मंगलवार, 30 अक्टूबर, 2018 को अनूपशहर रोड स्थित संतोष इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित अमर उजाला के कार्यक्रम पुलिस की पाठशाला में एसएसपी केबी सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसएसपी केबी सिंह, एसपी क्राइम सहाब रशीद खां, उपनिरीक्षक छवि सिंह, स्कूल प्रबंधक एसके गर्ग व स्कूल चेयरपर्सन छवि गर्ग ने संयुक्त रुप से किया। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान एसएसपी ने बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली से लेकर सुरक्षा तक के गुर दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर क्राइम के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसे लेकर हमें खुद व अपने परिजनों को सतर्क और सजग रहना होगा। अपने सोशल नेटवर्किंग साइट्स का सदुपयोग करें, न कि दुरूपयोग करें। किसी को भी अपने पासवर्ड न बताएं। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों की मित्र है, हर परिस्थिति में पुलिस समाज की मदद के लिए आगे रहती है। समाज का भी दायित्व है कि वह भी पुलिस की मदद करें। कहीं, कोई वारदात होती है या कोई असामाजिक तत्व दिखाई देता है तो डायल 100 पर या पुलिस अधिकारी के फोन नंबर पर इसकी तत्काल सूचना दें।
एसपी क्राइम ने भी दिए टिप्स:
एसपी क्राइम सहाब रशीद खां ने भी पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें अनेक टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करें, अपने आसपास घटित होने वाली घटनाओं के बारे में पुलिस को सूचित करने को कहा। परेशानी में घबराएं नहीं, बल्कि पुलिस मदद के लिए डायल 100, वूमन हेल्पलाइन का सहारा लें।
महिला उपनिरीक्षक ने सुरक्षा के दिए गुर:
कार्यक्रम में महिला उपनिरीक्षक छवि सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर छात्राओं को जागरुक किया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही वूमन हेल्पलाइन 1090 की मदद लें। स्कूल कालेजों के पास छात्राओं से छेड़छाड़ रोकने के लिए भी एंटी रोमियो दल सक्रिय है। छात्राएं अपने क्षेत्र में एंटी रोमियो दल की मदद से आरोपियों को पकड़वा सकती हैं।
एसएसपी ने दिलाई शपथ:
कार्यक्रम के दौरान एसएसपी केबी सिंह ने छात्र-छात्राओं को जिम्मेदार नागरिक बनने, समाज के लिए कुछ करने की शपथ दिलाई। बच्चों ने भी एसएसपी के निर्देश पर शपथ ली।
इन बच्चों ने एसएसपी से पूछे सवाल:
चौराहों पर सिग्नल लगे हैं, लेकिन काम नहीं करते, कब तक बिगड़ी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था? - सुमित शर्मा
जवाब- कालाआम चौराहे पर लगे ट्रैफिक सिगभनल में कुछ खामियां थीं, इस कारण फिलहाल सिगभनल व्यवस्था को बंद किया गया है। सभी चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगी है। पुलिस के सहयोग के लिए नागरिकों को खुद भी यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
पुलिस की कार्यप्रणाली को कैसे सुधारा जाए? - चारू
जवाब- पुलिस अपने स्तर से किसी भी घटना-दुर्घटना संबंधित मामले में अपना शत प्रतिशत बेहतर देने की कोशिश करती है। कुछ खामियां हैं, उन्हें भी दूर किया जा रहा है।
आखिर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को क्यों छोड़ा जाता है? - प्रतीक
जवाब- पुलिस लोगों से मित्रवत व्यवहार करती है। कुछ लोगों को हिदायत देकर छोड़ा जाता है, या फिर उनका चालान किया जाता है। नियम उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाता है।
घटनाओं की रोकथाम के लिए पहले ही अवेयर क्यों नहीं होती पुलिस? -दिव्यांशी
सभी घटनाओं के बारे में पूर्व में जानकारी नहीं होती है। कुछ घटनाएं प्लान की हुई होती हैं, जिन पर लगाम लगाना आसान नहीं है। पुलिस अपना काम पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करती है। अपराधियों को उनकी सही जगह यानि जेल भेजने में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।
क्या करें, जिससे कि समाज सुरक्षित रहे? - हर्षिता
जवाब- समाज में नागरिकों को जागरुक होने की आवश्यकता है। जब नागरिक जागरुक होंगे और अपने दायित्वों का सही से निर्वहन करेंगे और पुलिस की मदद करेंगे तो समाज में असुरक्षा का ग्राफ घटेगा। साथ ही समाज खुद को सुरक्षित महसूस करेगा।
प्राची के सुझाव पर एसएसपी ने की तारीफ
संतोष इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 12वीं की छात्रा प्राची पुत्री विजेंद्र सिंह ने कार्यक्रम के दौरान एसएसपी के समक्ष एक सुझाव रखा। छात्रा ने कहा कि सर नुमाइश फ्लाईओवर के पास सार्वजनिक लाइटों का अभाव है। इस कारण इस क्षेत्र में दिन ढलने के बाद निकलना दूभर होता है। पुलिस भी नजर नहीं आती है। यदि, इस क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ड्यूटी और प्रकाश की उचित व्यवस्था हो तो यहां होने वाले क्राइम पर लगाम लग सकेगी। छात्रा के सुझाव पर एसएसपी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देने का आश्वासन दिया। साथ ही एसएसपी के साथ अन्य लोगों ने भी छात्रा के सुझाव की प्रशंसा की।
स्टाफ बोला थैंक्यू उजाला
- संतोष इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर डा. एसके गर्ग ने कार्यक्रम समाप्ति के दौरान अमर उजाला को धन्यवाद बोला। साथ ही कहा कि छात्र-छात्राओं को अवेयर करने के लिए अमर उजाला की यह सकारात्मक पहल है।
- संतोष इंटरनेशनल स्कूल की चेयरपर्सन छवि गर्ग ने कहा कि अमर उजाला के कार्यक्रम पुलिस की पाठशाला से छात्राओं को अपनी आत्मरक्षा के लिए आत्मबल मिला है। यह पहल सराहनीय है।
- स्कूल के प्रधानाचार्य डा. भूपेंद्र सिंह ने भी अमर उजाला के कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए एक सकारात्मक पहल बताया। कहा कि अमर उजाला के कार्यक्रम पुलिस की पाठशाला से छात्रों को पुलिस अधिकारियों से बेहतर नागरिक बनने का अच्छा संदेश मिला है।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।