अमर उजाला फाउंडेशन व आर.डब्ल्यू.एंड सी.एस. के सहयोग से शनिवार, 27 अप्रैल, 2019 को नोएडा के सेक्टर-26 में पुलिस की चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था से लेकर महिलाओं, बुजुर्ग नागरिकों की समस्याओं का निस्तारण किया गया। पुलिस की चौपाल में एसपी सिटी सुधा सिंह व कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक राजवीर सिंह चौहान ने सेक्टर वासियों की समस्याएं सुनीं और पुलिसिंग में आ रहे बदलाव के बारे में बताया।
करीब एक घंटे तक चले इस कार्यक्रम में यूपी डायल-100, वूमेन पॉवर लाइन- 1090, साइबर क्राइम, एनपीयू (नोएडा पेट्रोल यूनिट), थाने व चौकी स्तर पर होने वाली कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में सेक्टर-26 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष गोविंद शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओपी शर्मा, महासचिव संजय गौड़ ने एसपी सिटी व थानाध्यक्ष का स्वागत किया। इस मौके पर एसपी सिटी सुधा सिंह ने कहा कि सुरक्षा के लिए आम लोग सतर्क रहें।
सतर्कता बरतने से असुरक्षा खुद कम हो जाती है। इसके बाद अगर कोई भी परेशानी हो, डर लगे, समस्या हो तो तुरंत 100 नंबर पर कॉल करें। यूपी 100 बेहतरीन व्यवस्था है। इस पर शिकायत आते ही 10 मिनट में पुलिस आपके पास होगी। एसपी सिटी ने सेक्टर की सुरक्षा के लिए कहा कि सेक्टर के अंदर हर आने जाने वाले लोगों का सत्यापन हो। इसमें गेट पर तैनात गार्डों को प्रशिक्षित कर इसका बेहतरीन व्यवस्था बनाने की जरूरत है। सेक्टर के गेट पर कैमरे तो लगे होते हैं, लेकिन उनका फोकस ठीक नहीं होता। इस कारण कई बार सीसीटीवी कैमरे होने के बाद भी बदमाश या संदिग्ध वाहन की पहचान नहीं होती है। पुलिस अधिकारियों के सीयूजी नंबर सभी लोग रखें।
सेक्टर के गेट पर इसे चस्पा करें, ताकि कोई समस्या होने या निचले स्तर पर लापरवाही होने पर इसे ठीक किया जा सके। एसपी सिटी ने साइबर क्राइम के बारे में लोगों को आगाह करते हुए कहा कि शहर में सबसे बड़ी समस्या साइबर क्राइम है। आने वाले दिनों में यह और विकराल होगा। इस कारण किसी को पिन नंबर, बैंक डिटेल नहीं बताएं। वहीं, फोन पर आने वाले किसी लिंक को ओपन न करें। चौपाल में सेक्टर वासी विनीता ने ऑनलाइन चालान सॉफ्टवेयर में दिक्कत, अरुण शर्मा ने एटीएम से पैसे निकाले जाने, जेपी ढौंढियाल ने पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग एसपी सिटी से की।
पुलिस की चौपाल में सबसे अधिक शिकायतें जयपुरिया प्लाजा में शाम के वक्त अवांछित तत्वों द्वारा गलत हरकत करने की गई। निवासियों ने कहा कि यहां काफी संख्या में इधर-उधर से लोग आते हैं और शराब पीते हैं। प्लाजा के पीछे साइड शाम को बत्ती बुझा दी जाती है और वहां लोग नशा करते हैं। इसके अलावा सेक्टर में अवैध हथियार लेकर चलने की शिकायतें हुईं।
शहर में रात में वाहन चालक अलग तरह की बीम लाइट का इस्तेमाल करते हैं। इससे सामने चला रहे शख्स को काफी परेशानी होती है। इससे सड़क हादसे की आशंका बनी रहती है। -शर्मिला
सेक्टर में अतिक्रमण की बड़ी समस्या है। मुख्य मार्ग के अलावा भी सेक्टर के अंदर की सड़कों पर सुबह शाम नहीं चल सकते हैं। इसे ठीक करने की जरूरत है। -मनोज कटारिया
सेक्टर के अंदर गश्त बढ़ाने की जरूरत है। सुबह व शाम को अगर गश्त अच्छे से हो तो कानून व्यवस्था में सुधार हो सकता है। -संगम ओझा
सेक्टर के मार्केट में महिला सुरक्षा की बड़ी समस्या है। खासकर शाम होते ही अवांछित तत्व मार्केट के आसपास मंडराते रहते हैं। इसे ठीक करने की जरूरत है। -सुनीता खटाना
सेक्टर की सुरक्षा को और भी अच्छा किया जाएगा। गश्त बढ़ाई जाएंगी। साथ ही, जयपुरिया प्लाजा से लेकर अन्य मार्केट में होने वाली सुरक्षा संबंधी दिक्कतों को अविलंब दुरुस्त किया जाएगा। -सुधा सिंह, एसपी सिटी

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।