अमर उजाला फाउंडेशन और सेक्टर-46 आरडब्ल्यूए के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 14 अप्रैल, 2019 को नोएडा, सेक्टर- 46 के सामुदायिक केंद्र में पुलिस की चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल कार्यक्रम में सेक्टर-39 थाना के प्रभारी प्रशांत कपिल ने कहा कि जनता की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है। शहर की कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए नागरिकों को भी पुलिस का सहयोग करना चाहिए। किसी भी अपराध की सूचना पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है।
पहले पीड़ित पुलिस के पास आता था, लेकिन अब पुलिस पीड़ित के पास पहुंचती है। डायल 100 की शुरुआत इसी उद्देश्य से की गई है, जिसमें औसत 11 मिनट में पुलिस सहायता मिल जाती है। इस मौके पर सेक्टरवासियों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सेक्टर के लोग काफी चिंतित दिखाई दिए। इस पर पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सेक्टर में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
आरडब्ल्यूए के व्हाट्सएप ग्रुप से स्थानीय पुलिस को जोड़ा जाएगा, ताकि आसानी व जल्दी सेक्टर से जुड़ी जानकारियां मिलती रहें। जनता के सहयोग से ही अपराध को खत्म किया जा सकता है। इस दौरान सेक्टर के लोगों ने पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग उठाई। खासकर दोपहर बाद और रात के समय अपराध की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे ध्यान में रख गश्त बढ़ाने की मांग की गई। सेक्टरवासियों ने सेक्टर की छोटी बाउंड्री के कारण असामाजिक तत्वों के सेक्टर में प्रवेश का मुद्दा उठाया। थाना प्रभारी ने कहा कि सभी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। साथ ही सेक्टर में सुरक्षा गार्डों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष टीसी गौड़ ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सेक्टर में अतिक्रमण की समस्या बढ़ती जा रही है। इसके खिलाफ पुलिस-प्राधिकरण को अभियान चलाना चाहिए। इसके अलावा सेक्टर में चल रहे पीजी व गेस्ट हाउस से माहौल खराब हो रहा है। कई बार देर रात शराब के नशे में युवक युवतियां हंगामा कर चुके हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए पेट्रोलिंग के समय महिला पुलिसकर्मियों को भी लगाया जाएगा। कार्यक्रम में ग्रेनो प्राधिकरण के पूर्व एसीईओ हरीश वर्मा, डॉ. डीडी अरोड़ा, राजीव कुमार, ओपी सैनी, सत्यपाल बब्बर, एके सब्बरवाल, एसके जैन, पी गणेश, सोहनलाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
शहर को सुरक्षित बनाया जा सके, इसके लिए अमर उजाला अच्छा प्रयास कर रहा है। अपराध पर रोक लगना बहुत ही जरूरी है। सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। - बीडी शर्मा, निवासी सेक्टर-46
हर चार माह में ऐसे कार्यक्रम किए जाने चाहिए तभी लोग जागरूक होंगे। उनको सेल्फ डिफेंस के बारे में भी बताया जाना चाहिए। इसके लिए पुलिस द्वारा ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। -अनिल मिश्रा, निवासी सेक्टर-46
सेक्टर में चौकी बनाई गई, लेकिन इसकी शुरुआत आज तक नहीं हुई। चौकी प्रभारी सेक्टर-46 की जगह सेक्टर-45 में बैठते हैं। पुलिस यहां तैनात रहेगी तो अपराध कम होगा। -अतुल कुमार, निवासी सेक्टर-46
पीजी व गेस्ट हाउस की नियमित जांच होनी चाहिए। इनमें रहने वाले लोगों की भी पड़ताल होनी चाहिए। पीजी व गेस्ट हाउस में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। -राजीव अग्रवाल, निवासी सेक्टर-46

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।