अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता अभियान के तहत शुक्रवार, 7 दिसम्बर, 2018 को शामली के सिल्वर बेल्स स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। पाठशाला में एसपी अजय कुमार एक शिक्षक की तरह छात्राओं से रूबरू हुए। कहा शरीर कितना भी मजबूत हो, लेकिन मन मजबूत होना बहुत जरूरी है।
एसपी ने कहा कि तन, मन, धन, ज्ञान और सम्मान, ये पांच चीजें इंसान के लिए जरूरी हैं। यह सब एक दूसरे से जुड़ी हैं। यदि आप शारीरिक रुप से मजबूत हैं और आपका मन कमजोर है तो अचानक सामने आए बदमाश से लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सकेंगी। यदि आपके पास खूब धन है और ज्ञान नहीं तो आप उस धन का सही उपयोग नहीं कर सकेंगी और एक दिन वो भी नष्ट हो जाएगा। उन्होंने अरुणिमा का उदाहरण देकर बताया कि उसने विपरीत हालातों से गुजरकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को छुआ। छात्राओं से कहा कि यदि उनके साथ कोई गलत हो रहा है तो अपने परिजन, शिक्षक या प्रधानाचार्या को जरूर बताना चाहिए।
एसपी ने कहा कि ऐसा कोई इंसान नहीं है जिससे गलती ना होती हो। गलती होने पर माफी मांग लेनी चाहिए, इससे इंसान छोटा नहीं होता। अक्सर देखा जाता है लोग अपनी गलती पर पर्दा डालने को गलती पर गलती करते जाते हैं जो बाद में उन्हें भारी पड़ती है। किसी ने आपकी मदद की है, उसे धन्यवाद जरूर दें।
एसपी ने छात्राओं को बताया कि ये जरूरी नहीं कि अच्छे और कान्वेंट स्कूल में पढ़कर ही ऊंचे पदों तक पहुंचा जा सकता है। वे एक किसान परिवार से हैं। उनके माता पिता भी ज्यादा पढ़ लिखे नहीं है। वे खुद एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में पढ़े है। उन्होंने शुरू से ही मन बनाया था कि उन्हें बड़ा बनना है। सफलता मिली, आज आपके सामने हूं।
ताइक्वांडो कोच कोमल सिंह ने कहा कि आप चाहे जूडो कराटे, ताइक्वांडो कुछ भी सीख लो, जब तक मन मजबूत नहीं होगा सेल्फ डिफेंस नहीं कर सकती।
सेंट आरसी कान्वेंट की प्रधानाचार्य मीनू संगल ने कहा कि लड़कियों को अपने मन से झिझक दूर करनी होगी। यदि रास्ते में कोई परेशान करता है, कहीं कुछ भी गलत होता है तो अपने मम्मी पापा को जरूर बताएं। यदि वे ये बातें मन में ही रखेंगी तो आरोपियों को हौसला बढ़ जाता है। इसलिए जागरूक बनें और झिझक दूर करें।
छात्राओं के सवाल और एसपी के जवाब
सवाल - कक्षा नौ की श्रेया ने पूछा अक्सर देख गया है कि लड़की के साथ गलत होता है। रिपोर्ट होती है। माता पिता समझौता कर लेते हैं।
एसपी - अक्सर देखा गया है कि परिजन शिकायत नहीं करते या रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी परजिन समझौता कर लेते हैं। बेहतर है कि बेटी इतनी सशक्त बने कि कोई उसके साथ गलत करने की हिम्मत ना करे।
सवाल - कक्षा 11 की रितिका ने पूछा कि जब हमारे कम मार्क्स आते हैं। या फेल हो जाते हैं तो मन में बुरे विचार आते हैं।
एसपी - ये सभी के साथ होता है। मेेरे साथ भी कई बार हुआ। सकारात्मक सोच रखते हुए गलतियां पता करने का प्रयास किया। हर पंद्रह दिन में रिवीजन किया और अगली बार रिजल्ट बेहतर रहा।
सवाल - कक्षा 11 की स्वाति ने पूछा कि यदि कहीं सुनसान जगह में कोई हमारा पीछा करता है। या गलत करने की कोशिश करता है तो हम क्या करें।
एसपी - ऐसे में आपके मन की मजबूती, आत्मविश्वास और सेल्फ डिफेंस की क्षमता ही काम आएगी। आपके पास नाखून हैं दांत है। ये भी अपने बचाव में हथियार की तरह इस्तेमाल करो। आभास होते ही शोर मचा देना चाहिए।
सवाल - कक्षा 11 की तमन्ना ने पूछा कि रिश्तेदार ही लड़कियों के साथ गलत करते हैं। लेकिन लड़कियां कुछ नहीं कह पाती।
एसपी - लड़कियों के साथ घटनाओं में अक्सर रिश्तेदार या नजदीकी ही होते हैं। यदि किसी के साथ ऐसा है तो वो अपने माता पिता को बताएं। उन्हें दोस्त समझकर बात करें। यदि फिर भी घटना नहीं रुकती तो पुलिस के पास आएं।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।