अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ‘अपराजिता’ 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत शुक्रवार, 19 अप्रैल, 2019 को गाजियाबाद के संजय नगर, सेक्टर-23 स्थित राम किशन इंस्टीट्यूट (आरकेआई) में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। पाठशाला में छात्रों को संबोधित करते हुए एसपी देहात नीरज कुमार जौदान ने कहा छात्राएं आत्मनिर्भर बनें। बेखौफ होकर बाहर निकले। छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब दें। खुद सुरक्षित रहें और अन्य लोगों को भी सुरक्षा दें।
एसपी देहात ने साइबर क्राइम से लेकर छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाओं से बचाव के लिए छात्र-छात्राओं को कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए। एसपी ने कहा कि अगर महिलाएं 100 व 1090 हेल्पलाइन नंबर का जरूरत पड़ते ही तुरंत इस्तेमाल करें तो 50 प्रतिशत तक वारदातों को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की सेवा के लिए है। अगर कभी कोई मुसीबत हो, छात्राओं के साथ छेड़छाड़ हो रही हो, कहीं कोई क्राइम हो तुरंत 100 नंबर पर फोन करें। 15 मिनट के अंदर पुलिस मौके पर पहुंचेगी।
गाजियाबाद में 100 नंबर की 57 गाड़ियां हैं। वह अपने निर्धारित प्वाइंट पर गश्त करती हैं। यह पुलिस की फार्स्ट सेवा है। अगर आपके साथ कोई घटना होती है और पुलिस एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी करती है तो आप सुप्रीम कोर्ट का ‘ललिता जजमेंट’ उसे बताए। इंटरनेट पर जजमेंट के बारे में विस्तार से बताया गया है। जजमेंट की बात सुनकर पुलिस अधिकारी तुरंत कार्रवाई करेंगे।
उन्हाेंने बताया कि महिलाओं के लिए कानून में विशेष सुविधाएं हैं। मसलन पुलिस कभी भी किसी महिला या नाबालिग को बयान के लिए थाने नहीं बुला सकती है। महिला की गिरफ्तारी सूर्यास्त के बाद नहीं हो सकती है। वुमन हेल्पलाइन नंबर- 1090 पर भी त्वरित कार्रवाई होती है। छात्राएं सुरक्षा के लिए अपने साथ सीटी और लाल मिर्च पाउडर जरूर रखें। कोई परेशान करे तो तुरंत सीटी बजाएं। इससे बदमाश घबराकर भाग जाएंगे। घर या स्कूल में कोई छेड़छाड़ करें तो इसकी शिकायत अपने टीचर या पैरेंट्स को बताए। पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई करेगी।
सोशल साइट्स पर शेयर न करें पर्सनल जानकारी
कार्यक्रम में एसपी देहात ने कहा सोशल साइट्स पर अपनी पर्सनल बातें कभी शेयर न करें। अपनी ई-मेल आईडी, फोन नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल, आधार कार्ड नंबर, पर्सनल वीडियो फेसबुक या व्हाट्सअप पर शेयर न करें। कोई भी कंपनी फ्री में कोई सुविधा नहीं देती है। अगर कोई आपका पर्सनल डाटा फेसबुक या अन्य सोशल साइट्स पर डालता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।
छात्र-छात्राओं ने पूछे सवाल
पुलिस की पाठशाला में छात्राओं ने आईपीएस नीरज कुमार से बेझिझक होकर कई सवाल पूछे। छात्रा चंचल ने 100 नंबर सेवा के बारे में अपने अनुभव को बताया। शिवानी ने पूछा के कोचिंग पढ़ने जाते हैं तो कुछ लड़के फॉलो करते हैं। घर में बताएं तो परिजन कोचिंग छुड़वा देंगे। ऐसे में क्या करें। दीपाली ने पूछा कि मार्केट जाती हैं कुछ लोग पीछा करें और उस वक्त मोबाइल फोन भी न हो तब क्या करें। अभिभावक अनीता चौधरी ने देर रात बजने वाले डीजे की शिकायत की। इनके जवाब में एसपी नीरज देहात ने बताया कि इन सभी समस्याओं का समाधान 100 नंबर है। डायल करें। कोई परेशान करे तो अपने पैरेंट्स को जरूर बताएं। एफआईआर दर्ज कराएं, कार्रवाई जरूर होगी।
छात्र-छात्राओं ने सीखा
- पुलिस की पाठशाला को लेकर काफी उत्साह रहा। बहुत कुछ सीखने को मिला है, जिससे फायदा ही होगा। तनु त्यागी
- सेल्फ डिफेंस के बारे में जानते थे, लेकिन पुलिस किस तरह हेल्प कर सकती है यह पहली बार जाना है। प्रेक्षी सक्सेना
- सोसायटी में बहुत सी घटनाएं होती हैं, जिसकी तरफ हमारा ध्यान नहीं जाता। हम सजग बनेंगे तभी और लोगों को भी जागरूक कर सकेंगे। इशिका त्यागी
- पुलिसिंग व्यवस्था के बारे में पहली बार जाना है। पुलिस कैसे काम करती है, हमारे क्या अधिकार है। इसकी जानकारी पुलिस की पाठशाला में मिली है। मिसबाह जैनब
- सोशल साइट्स को लेकर नई जानकारी मिली है। बहुत कम लोगों को पता होगा कि इन साइट्स पर अपनी पर्सनल डिटेल नहीं डालनी चाहिए। भूमिका शर्मा
- कोई भी गलत हरकत करेगा या छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा तो अब ये पता है कि हमें शिकायत कहां करनी है। अदिति
- चेकिंग के नाम पर कुछ पुलिसकर्मी अब परेशान नहीं कर पाएंगे। पाठशाला में जाना कि अगर चालान कटेगा तो वह कहां जमा होगा। पीयूष चंदेल

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।