अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार, 18 मई, 2019 को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआईपी एड्रेसेस सोसायटी में पुलिस की चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में रेजिडेंट्स ने एसपी सिटी श्लोक कुमार के सामने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
एसपी सिटी ने एक-एक करके रेजिडेंट्स के सवालों का जवाब दिया। रेजिडेंट्स ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन के लोग प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझते हैं। हिंडन बाईपास रोड पर भारी वाहनों के निकलने से ट्रैफिक का पूरा लोड राजनगर एक्सटेंशन की मुख्य सड़क पर आ जाता है। खासतौर से पीक ऑवर्स में चंद मिनटों के सफर में आधे से पौन घंटा तक का समय लग जाता है।
वहीं एक्सटेंशन की मुख्य सड़कों पर अवैध वेंडरों ने कब्जा कर रखा है। शाम होते ही वेंडर सड़क घेर लेते हैं, जिससे कई सौ फीट चौड़ी सड़क भी छोटी लगने लगती है। दूसरी ओर जाम का मुख्य कारण ऑटो और ई-रिक्शा भी हैं। कुत्तों की यहां बड़ी समस्या है। कुत्ते काटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अगर कोई रेजिडेंट्स कुत्तों पर कार्रवाई करे तो पुलिस उलटे ही उन पर कानूनी कार्रवाई करती है। इस स्थिति में रेजिडेंट्स शिकायत लेकर कहां जाएं। महिला सुरक्षा को लेकर भी दिक्कत है। राजनगर एक्सटेंशन में किराएदारों के सत्यापन को लेकर भी समस्याएं आती रहती हैं।
रेजिडेंट्स का कहना :
राजनगर एक्सटेंशन से जाम कब समाप्त होगा। अब यहां भारी वाहन भी चलने लगे हैं, जिनसे अक्सर दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है। - आर.बी. वर्मा
रीवर हाइट्स से अजनारा तक की मुख्य सड़कों पर अवैध वेंडरों का कब्जा है। वेंडर सड़क घेर लेते हैं। शाम के वक्त चलना दूभर हो जाता है। - नितिन त्यागी
सड़कों पर चल रहे जुगाड़ पर रोक लगनी चाहिए। साथ ही ऑटो जिस तरह बेतरतीब खड़े रहते हैं उन पर कार्रवाई हो। तभी जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। - डॉ. वी.के. तिवारी
राजनगर एक्सटेंशन की समस्याएं तभी हल हो सकती हैं, अगर सभी विभागों और आरडब्ल्यूए सदस्यों को मिलाकर एक कमेटी बनाई जाए। फिर विचार विमर्श हो तो वास्तव में समस्याएं सुलझेंगी। आरडब्ल्यूए सदस्यों को ट्रैफिक संभालने में लगाया जाए। - डॉ. एस.पी. त्यागी
कुत्तों से अब बच्चों को घर से निकलने में डर लगने लगा है। कई घटनाएं हो चुकी हैं पर समाधान नहीं निकला। वहीं दुर्घटनाएं रोकने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए जाए। - राजीव झा
अगर पुलिस प्रशासन महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा के लिए सेल्फ डिफेंस की क्लास सोसायटी में लगाए तो काफी फायदा होगा। इससे क्राइम रेट भी कम होगा। - निधि विश्वकर्मा
किराएदारों के सत्यापन में पुलिस कर्मी ही लापरवाही करते हैं। पुलिस चौकी से मुहर लगाकर दे दी जाती है। पुलिस इस मामले में कड़े नियम बनाए, तभी सुरक्षा हो पाएगी। - यज्ञदत्त त्यागी
सड़क पर दुर्घटनाएं होने पर यदि हम घायल आदमी की मदद करना भी चाहे तो डर लगता है कि पुलिस बाद में परेशान करेगी। ऐसी स्थिति में हम क्या करें। - सुदेश भाटिया
जाम की समस्या है। सड़क पर कारें खड़ी रहती हैं, जिनसे रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है। अगर पुलिस अभियान चलाकर इन कारों को हटाए तो जाम नहीं लगेगा। - जेपी कश्यप
विजय नगर में मेरी बाइक चोरी हो गई। जब थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पांच दिन से भटक रहा हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। - विकास श्रीवास्तव
एसपी सिटी के जवाब :
- गाजियाबाद जाम की समस्या से जूझ रहा है, क्योंकि जनपद में नेशनल हाइवे का चौड़ीकरण के साथ नए फ्लाईओवर बन रहे हैं, जिससे सड़कें छोटी हो गई है। कुछ जगहों पर ट्रैफिक पुलिस लगाकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारा जा सकता है। पुलिस के पास सीमित संसाधन है। जाम से निपटने के लिए ई-चालान सिस्टम शुरू हो गया है।
- अवैध वेंडर हटाने के लिए पुलिस को अन्य विभागों की सहायता लेनी पड़ती है। इसके लिए वह जल्द ही जीडीए व नगर निगम अधिकारियों से मिलकर कार्य योजना तैयार करेंगे।
- कुत्ते की समस्या के लिए सीआरपीसी 133 के सेक्शन एफ में प्रावधान है कि कोई कुत्ता खतरनाक हो गया है तो उसकी सूचना मजिस्ट्रेट को दी जाए। मजिस्ट्रेट अपने स्तर से अन्य विभागों से सामंजस्य करते हुए कुत्ते की धरपकड़ कराएंगे। आक्रोश में लेकर कानून व्यवस्था को न बिगाड़े। इसे अलावा यूपी पुलिस कॉप एप पर भी रेजिडेंट्स अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कार्रवाई जरूर होगी।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।