अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार, 30 नवम्बर, 2019 को नोएडा के सेक्टर- 37 स्थित अरुण विहार सोसाइटी के कम्यूनिटी सेंटर में 'पुलिस की चौपाल' का आयोजन किया गया। चौपाल में सोसाइटी के सीनियर सिटीजन के साथ युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और पुलिस अधिकारीयों को अपनी सुरक्षा संबंधी समस्याएं बताईं। करीब दो घंटे तक चले इस कार्यक्रम में सीओ प्रथम श्वेताभ पाण्डेय ने एक-एक करके सभी लोगों के सवाल सुनें और बड़ी ही सहजता से उन सभी का एक-एक करके जवाब भी दियाl
इस दौरान स्थानीय लोगों ने सोसाइटी में हो रही चोरी व सुरक्षा के बारे में भी अधिकारियों को जानकारी दी। सीओ प्रथम ने सोसाइटी के लोगों को पुलिस की कार्यशैली से लेकर सिस्टम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कहीं भी डर लगे, कोई शंका हो तो बेहिचक 100 या 112 नंबर पर फोन करके सूचना दें। सोसायटी में कई बार वरिष्ठ नागरिक अकेले होते हैं। इस समय सबसे बड़ा हथियार डायल 112 है। इस पर पुलिस आपकी मदद के लिए 10 मिनट के भीतर पहुंच जाएगी।
उन्होंने साइबर क्राइम को लेकर कहा कि महिलाएं हों या पुरुष अगर किसी के भी पास खाते से संबंधित जानकारी के लिए फोन आए तो सतर्क रहें। चूंकि ठग झांसे में लेकर आपके खाते में सेंध लगा सकता है। इस तरह के मामले नोएडा में रोजाना हो रहे हैं। इस लिए ध्यान रखने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति को अपना ओटीपी, पिन या बैंक व एटीएम से संबधित सूचनाएं नहीं दें। बैंक कभी भी किसी से फोन पर कोई सूचना नहीं मांगता है।
चौपाल में कुछ लोगों ने पुलिस पेट्रोलिंग पर सवाल उठाए। जहां उनका कहना था कि पुलिस अगर लगातार पेट्रोलिंग करे तो बदमाश डरे रहेंगे। इसके साथ ही सबसे बड़ी समस्या पार्क में अराजक तत्वों का बैठना कई बार ये लोग लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए। हर क्षेत्र में बीट कांस्टेबल सिस्टम होना चाहिए। जिससे हम अपनी समस्याओं को साझा कर सकें।
कार्यक्रम में सेक्टर- 39 थाना प्रभारी नीरज मलिक, फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, सेक्टर- 46 आर.डब्ल्यू.ए. अध्यक्ष टीसी गौड़ और अरुण विहार सोसाइटी के सामुदायिक केंद्र के चेयरमैन रिटायर्ड शशिकांत वैद्य आदि मौजूद रहेl
पुलिस वर्दी पहनकर आते हैं सोने के गहने ले जाते हैं
महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल किए। उनका कहना था कि पिछले दो माह में सेक्टर के अंदर अजीब किस्म की वारदातें हुई हैं। अगर कोई महिला सोने के गहने पहनकर बाहर निकलती है तो उसे पुलिस की वर्दी पहने हुए दो लोग रोक लेते हैं और गहने उतारने की बात कहते हैं। जैसे ही महिलाएं गहने उतारती हैं वो अपना रास्ता पकड़ कर निकल जाते हैं। इसके पुलिस को गश्त करने की जरूरत है। इनका पकड़ा जाना जरूरी है। जिस पर सीओ ने इन्हें जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है।
एक सप्ताह के अंदर हो चुकी है आठ चोरियां
लोगों ने बताया कि सोसायटी के अंदर एक सप्ताह में आठ चोरियां हो गई। अगर पुलिस अलर्ट रहती तो इतनी चोरियां होना संभव नहीं है। इसमें किसकी लापरवाही कहेंगे। इस पर सीओ ने कहा कि चोरों की पहचान हो चुकी है। पुलिस छापेमारी कर उन्हें जल्द पकड़ लेगी। तीन चोरियों का खुलासा हो चुका है।
सोसाइटी व सेक्टर में पुलिस की कम पेट्रोलिंग होती है। इसे बढ़ाने की जरूरत है। सुबह शाम व रात के समय पुलिस कुछ देर के लिए ही आती है। इस कारण बदमाशों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इस लिए पुलिस को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। - रिटायर्ड कर्नल शशिकांत वैद्य, चेयरमैन अरुण विहार
सोसाइटी के गेट के आसपास बदमाश सक्रिय रहते हैं। गेट पर लगातार चेन व मोबाइल स्नेचिंग की घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा साइबर क्राइम पर भी लगाम लगाने की जरूरत है। तभी क्राइम का ग्राफ घटेगा। - आरसी शर्मा, निवासी अरुण विहार
सोसाइटी के बाहर सड़कों पर खुलेआम बदमाशी होती है। महिलाएं चेन स्नेचिंग की डर से चेन पहनना छोड़ चुकी हैं। पुलिस को इस तरह का वातावरण बनाना चाहिए, ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। - शकुंतला, अग्रवाल निवासी अरुण विहार
चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां अधिकतर सीनियर सिटीजन लोग रहते हैं। इनकी सुरक्षा किसके हाथ में है। बाहरी लोग सोसायटी के बाहर खड़े होकर शोर मचाते हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - मनीष, निवासी अरुण विहार

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।