अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार, 23 नवम्बर, 2019 को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थिति अजनारा इंटीग्रिटी सोसायटी में पुलिस की चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में स्थानीय लोगों ने एसपी सिटी डॉ. मनीष मिश्र के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। एसपी सिटी ने एक-एक करके लोगों के सवालों का जवाब दिया। लोगों ने कहा कि कहा कि राजनगर एक्सटेंशन में जाम की समस्या सबसे बड़ी है।
एसपी सिटी ने प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए आश्वस्त किया। साथ ही इंस्पेक्टर सिहानीगेट को निर्देश भी दिए। गलत साइड वाहन चलने के कारण हर समय जाम लगा रहता है। ड्यूटी जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। ऑटो गलत साइड खड़े होने के कारण सबसे ज्यादा लोग दो से तीन घंटे तक जाम में फंसे रहते हैं। इतना ही नहीं चालक ऑटो को सड़क किनारे उल्टा खड़ा कर देते हैं।
लोगों के कहा कि सोसायटी के बाहर शराब का ठेका है। रात के समय काफी संख्या में लोग ठेके के बारह सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके शराब पीते हैं। जिस कारण महिलाओं को निकलने में काफी दिक्कत होती है। कभी कभी लोग हंगामा भी करने लगते हैं। एलिवेटेड रोड पर भी लोग रांग साइड वाहन चलाते हैं। जिस कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही लोगों ने कहा कि रात में लोग वाहनों का पीछा करते हैं। कई लूट भी हो चुकी हैं।
ऐसे गिरोह को टारगेट करके पकड़ा जाए, जिससे यात्रियों को रात में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। राजनगर एक्सटेंशन में लोगों ने फुटपाथ को घेर लिया है। लोगों के पास चलने के लिए जगह तक नहीं है। आगे और दिक्कत बढ़ती चली जाएगी। यहां बृहस्पतिवार बाजार लगता है। लोग अंधेरे का फायदा उठाकर चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देते हैं। लोगों ने सोसायटी के पास देर रात तक लाउड स्पीकर चलाने को लेकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब रात को 10 बजे के बाद नियम नहीं है तो उन पर रोक लगाई जाए।
एसपी सिटी मनीष मिश्रा ने कहा कि पुलिस हर घटना का निष्कर्ष निकालती है। पहले वह साक्ष्य तलाशती है, उसके बाद कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की सेवा के लिए है। यदि जनता पुलिस का सहयोग करेगी तो हर समस्या का आसानी से समाधान हो जाएगा। लोग नियम बनाएं कि सड़क किनारे उल्टे-सीधे वाहन खड़े न करें, हूटर लगे वाहनों की तत्काल पुलिस से शिकायत करे। पुलिस आपकी मदद के लिए है। वह तत्काल समस्या का समाधान करेगी।
यातायात नियमों का पालन न करने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। सरकार से लेकर पुलिस विभाग तक इसको लेकर काफी गंभीर है। माता-पिता छोटे-छोटे बच्चों को बाइक और स्कूटी खरीदकर दे देते हैं, लेकिन उन्हें यातायात के नियमों के पालन के लिए नहीं कहते हैं। बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के लोग गाड़ी चलाते दिखाई देते हैं। सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। जिससे सड़क दुर्घटनाओं में गिरावट आए और लोगों की जान बच सके।
मुख्य सड़क के पास शराब का ठेका है। ठेके को हटवाया जाए, जिससे महिलाओं को रात के समय दिक्कत न हो। हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। - सुदीप शाही
गलत साइड वाहन चलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिससे अन्य लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वाहनों को गलत साइड न खड़ा न करें। - मुकेश शर्मा
आश्रम कट के पास गलत तरीके से चलने वाले ऑटो पर रोक लगाई जाए। इस कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। ड्यूटी वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। - मनीष गौतम
सोसायटी के आसपास चेन स्नेचिंग की घटनाओं को रोका जाए। रात के समय महिलाएं के साथ कभी भी घटना घटित हो जाती है। ऐसे स्थानों को चिन्हित करके आरोपियों को पकड़ा जाए। - अनिल त्यागी
कार्यक्रम समाप्त होते ही सोसायटी निवासी बच्ची आराध्या ने एसपी सिटी से पूछा अंकल जब आप बच्चे थे तो कितने घंटे पढ़ते थे? एसपी सिटी ने बच्ची से सवाल किया आप बताओ कितने घंटे पढ़ती हो? बच्ची जिद पर अड़ी रही। कहा नहीं अंकल आप बताओ, मुझे आईएएस बनना है। एसपी सिटी ने कहा जब मैं छोटा था तो दो घंटे पढ़ता था। बच्ची ने कहा अब मैं भी पढूंगी।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।