देहरादून। अमर उजाला फाउंडेशन और वरदान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को कुलसारी में निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। सुभारती अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उपयोगी दवाएं दी। 450 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य शिविर में जांच करवा निःशुल्क दवाएं प्राप्त की।
शुक्रवार को कुलसारी मुख्य बाजार स्थित पंचायत भवन में शिविर का शुभारंभ संसदीय सचिव व स्थानीय विधायक प्रो. जीत राम, वरदान संस्था अध्यक्ष विनोद रावत, प्रभारी सचिव मनोज चंदोला, सुभारती अस्पताल के मीडिया अधिकारी सोनू फ्रांसिस, कुलसारी की ग्राम प्रधान सुनीता देवी और खिलाफ सिंह ने संयुक्त रूप से किया। स्वास्थ्य परीक्षण स्त्रत्त्े लिए सुबह से ही लोगों का शिविर स्थल पर पहुंचना शुरू हो गया। वरदान संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ ही स्थानीय लोगों ने भी आयोजन में सहयोग दिया।
सुभारती अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डा. अंबुज, सर्जन डा. भुवनेश, फिजिशियन डा. शशि, ऑर्थोपैडिक्स सर्जन डा. रवि सिंह खनका ने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की। सहायक स्टाफ जसविंदर कौर, संदीप, अनिल, आंचल, शैलेष, सपना, शीरिय, कुशाल नेगी, राजपाल राजवंशी, सागर थापा, दलवीर सिंह रावत, गुडडू खत्री, जवाहन सिंह नेगी, भगत खत्री, पारसिंह रावत, रणवीर सिंह भंडारी समेत अन्य लोगों ने सहयोग दिया।
अमर उजाला फाउंडेशन और वरदान संस्था के तत्वावधान में आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में निशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर की तैयारियों को लेकर संसदीय सचिव प्रो. जीत राम ने शुक्रवार को स्थानीय लोगों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को शिविर का लाभ मिलना चाहिए। ब्लॉक प्रमुख उर्मिला बिष्ट, महावीर बिष्ट, विनोद रावत, मनोज चंदोला, भूपाल सिंह, उमेश पुरोहित ने लोगों से शिविर का लाभ उठाने की अपील की।
ग्वालदम पहुंची सुभारती अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम का गढ़वाल मंडल विकास निगम कर्मियों ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने टीका लगाकर पूरी टीम का सत्कार किया। जीएमवीएन कर्मियों ने बताया कि ग्वालदम से हिमालय के सुंदर नजर देखने को मिलते हैं। दुनियाभर के पर्यटक सूर्योदय और सूर्यास्त के समय हिमालय का नजारा देखने यहां आते हैं।
गरीब और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के उपचार को हंस कल्चरल सेंटर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा। आज देवाल में होने वाले शिविर में भी ऐसे मरीजों की आर्थिक सहायता के फॉर्म भरे जाएंगे। हंस कल्चरल सेंटर के प्रदेश प्रभारी पदमेंद्र बिष्ट ने बताया कि इसके लिए आवेदकों को राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बीपीएल का प्रमाण पत्र, अन्य को तहसीलदार से जारी आय प्रमाण पत्र, मरीज के दो फोटो, डॉक्टरी सलाह, अस्पताल का इस्टीमेट, बैंक पासबुक (अंतिम तीन माह की ट्रांजेक्शन के साथ) के ओरिजनल और एक फोटो कॉपी सेट लेकर आना होगा।
स्वास्थ्य शिविर का यूं तो कई लोगों ने लाभ उठाया लेकिन 35 वर्षीय हरेंद्र सिंह को इसका खासा फायदा मिला। दरअसल लंबे समय से उन्हें कोहनी में दर्द की समस्या थी। उनकी कोहनी के जोड़ में सूजन भी थी। ऑर्थोपैडिक सर्जन डा. रवि सिंह खनका ने जांच के बाद सीरिंज की सहायता से उनके जोड़ में जमा पानी निकाला। इससे उनकी कोहनी की सूजन घट गई और दर्द भी कम हो गया।
अमर उजाला फाउंडेशन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास कर रहा है। इन शिविरों के आयोजन में आप भी सहयोगी बन सकते हैं। किसी भी तरह की जानकारी व सहायता के लिए मोबाइल नंबर 9760757378 पर संपर्क कर सकते हैं।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन और श्री बाबा लालजी सेवा ट्रस्ट व पीसीएसएस की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। 53 लोगों ने अपनी सेहत की जांच कराई। यहां बीपी, शुगर, एसपीओटू, वजन और आंखों की जांचें की गईं। अधिकतर रोगी जोड़ों में दर्द की समस्या लेकर आए। शिविर में रामा हॉस्पिटल के अलावा अशोक कपूर, राजेश सच्चर, राजू वालिया, पवन त्रिवेदी, रमेश मिश्रा, पंकज निषाद, इंद्रपाल सिंह सिमर, अखिल, रिजवान, डॉ. कविता आदि मौजूद रहे।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।

चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।