देहरादून। अमर उजाला फाउंडेशन और वरदान संस्था की ओर से 30 जनवरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में होने वाले निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ 50 से अधिक गांवों के लोगों को मिलेगा। कैंप की तैयारियों और दूरस्थ गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्थानीय लोग तैयारियों में जुटे हैं। चमोली जनपद में तीन अलग-अलग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को कैंप की तैयारियों को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरदान के अध्यक्ष विनोद रावत ने बताया कि 30 जनवरी को थराली, 13 फरवरी को देवाल और 21 फरवरी को कर्णप्रयाग में शिविर लगेंगे।
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण शिविर को लेकर दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों में खासा उत्साह है। प्रभारी सचिव मनोज ने बताया कि शिविर में हरमनी, लोल्टी, नंदकेशरी, सोल पट्टी, सिमलसैण, काखड़ा, सुनला, किमनी, रायकोली, चौंडा, भेटा, नासिर बाजार, देवराड़ा, बैनोली, चैपड़ों, सेरा विजयपुर, गोठिंडा, कुराड, पार्था, सूना के लोग स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचेंगे। शिविर के संबंध में जानकारी देने के लिए जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया गया है। सदस्य देवी जोशी ने अमर उजाला फाउंडेशन की सराहना करते हुए इस प्रयास को दूरस्थ क्षेत्रों के लिए फायदेमंद बताया। अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में भी निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने की मांग की। बैठक में खीमानंद जोशी, विनोद चंदोला, राजेंद्र नेगी, जितेंद्र सिंह, विस अध्यक्ष अमित रावत, हेमंत चंदोला शामिल रहे।
श्रीराम हिमालयन विवि हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के मीडिया एंड पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के हेड डा. रोमिल भटकोटी ने बताया कि सर्जन डा. शांतनु साहू, फिजिशियन डा. तौकीर अंसारी, ऑर्थो सर्जन डा. नरेश कृष्णा, नेत्र सर्जन डा. अक्षय व डा. प्रिया, गाइनोकोलोजिस्ट डा. लिपि वर्मा, नर्सिंग स्टाफ वाईएस रावत व अजीत भट्ट शामिल रहेंगे। रोगियों की ब्लड प्रेशर, ईसीजी और ब्लड शुगर की जांच भी मुफ्त में की जाएगी। आंखों और चश्मे की संपूर्ण जांच भी मशीनों से की जाएगी। जरूरतमंदों को दवाएं भी मुफ्त में बांटी जाएंगी।
अमर उजाला फाउंडेशन दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर कर बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। सामाजिक संस्थाएं और संगठन भी अमर उजाला के इस प्रयास में सहयोगी बन सकते हैं। शिविर के संबंध में अधिक जानकारी और सहयोग के लिए मोबाइल नंबर 9760757378 पर संपर्क कर सकते हैं।
प्रस्तावित शिविर
• 30 जनवरी- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थराली, चमोली
• 07 फरवरी- बलूनी पब्लिक स्कूल मोटाढांक तल्ला, कोटद्वार
• 13 फरवरी- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल, चमोली
• 21 फरवरी- ट्रॉमा सेंटर कर्णप्रयाग, चमोली

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन और श्री बाबा लालजी सेवा ट्रस्ट व पीसीएसएस की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। 53 लोगों ने अपनी सेहत की जांच कराई। यहां बीपी, शुगर, एसपीओटू, वजन और आंखों की जांचें की गईं। अधिकतर रोगी जोड़ों में दर्द की समस्या लेकर आए। शिविर में रामा हॉस्पिटल के अलावा अशोक कपूर, राजेश सच्चर, राजू वालिया, पवन त्रिवेदी, रमेश मिश्रा, पंकज निषाद, इंद्रपाल सिंह सिमर, अखिल, रिजवान, डॉ. कविता आदि मौजूद रहे।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।

चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।