अमर उजाला फाउंडेशन और तिमली विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 30 जुलाई, 2017 को देहरादून के पटेलनगर स्थित अमर उजाला कार्यालय में मैन वर्सेज मशीन कार्यक्रम का आयोजन किया गयाl इस दौरान छात्र-छात्राओं से रु-ब-रु हुए रोबोटिक एक्सपर्ट डॉ. मनोज चौधरी और ह्युमन कैलकुलेटर भानु प्रकाशl कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के बाद अब कैलकुलेटर मैन देहरादून आ पहुंचे है, जिससे मिलने के लिए स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। दोपहर 12 बजे अमर उजाला की मैन वर्सेस मशीन वर्कशॉप शुरु हो गई। इस दौरान वर्कशॉप में एक्सपर्ट स्कूली बच्चों से रूबरू हुए। सबसे पहले तिमली विद्यापीठ के आशीष डबराल ने एक-एक करके वर्कशॉप में आए एक्सपर्ट के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
जिसके बाद ह्यूमन कैलकुलेटर के नाम से देश दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले भानु प्रकाश ने बच्चों को अपने ह्यूमन कैलकुलेटर बनने की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि बचपन हुए एक एक्सीडेंट ने उन्हें इस बात के लिए इंस्पायर किया। जिसके बाद 2013 में भानु ने अपनी नई पहचान के साथ पहली कांफ्रेंस की। भानु के कहा कि 2014 तक उनके नाम 28 लिम्का बुक रिकॉर्ड दर्ज हो चुके थे। जर्मनी में कांफ्रेंस की तो वहां लोगों ने मेरे काम को काफी सराहा। वहां उम्र नहीं देखी जाती बस आपका टैलेंट देखा जाता है। कहा कि जर्मनी से मुझे और हौसला मिला।
इस दौरान ईको ग्लोबल स्कूल की एक छात्रा माया ने भानु प्रकाश के प्रश्न पूछा। माया ने पूछा कि इंजीनियरिंग और आपके फील्ड में क्या अंतर है। इसके जवाब में भानु प्रकाश ने बच्चों को वर्कशॉप में डेमो देकर दिया। भानु ने बच्चों द्वारा दिए गए नंबरों को एक मिनट से पहले कैलकुलेट करके दिखाया। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों द्वारा दिए गए सभी नंबरों को कैलकुलेटर से पहले ही जोड़कर दिखा दिया। इसके साथ ही भानु ने डेट ऑफ बर्थ से ही बर्थ डे भी बता दिया। वहीं रोबोटिक एक्सपर्ट मनोज चौधरी ने अपने भविष्य की प्लानिंग के बारे में बताया। वह अपने रोबोटिक प्रोग्राम को लेकर एक मैगजीन पब्लिश करने वाले हैं। इसके साथ ही वह एक ऐसा स्ट्रैक्चर तैयार करने में लगे हैं जिसके जरिए वह आसानी से रोबोटिक प्रोग्राम को ऐसे लोगों तक पहुंचा पाएंगे। जिनकी पहुंच से ये काफी दूर है।
इसके बाद भानु ने कहा कि उनका अगला टारगेट दो कैलकुलेशन एक साथ करने का है। जल्द ही वह इसे सबके सामने लाएंगे। ईको ग्लोबल की ही एक और छात्रा लीना ने भानु से पूछा कि उन्हें ह्यूमन कैलकुलेटर कहलाना पसंद है। इसके जवाब में भानु ने कहा हां क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिए मैंने बहुत कोशिश की है। लगातर कोशिश करने के बाद ही यह संभव हो पाया है। वर्कशॉप में रोबोटिक एक्सपर्ट मनोज चौधरी ने बच्चों को रोबोट के बारे में बताया। कहा कि उन्होंने थर्ड क्लास में पहली बार रोबोट बनाया था। बेहद प्रयास के बाद ही मुझे सफलता मिली है। कहा कि अच्छी चीजों का मिस यूज भी होता है इसलिए सोच समझकर आविष्कार करें। 2020 में अगस्त से दिसंबर के बीच में हैकिंग का वर्ल्ड वॉर होगा। जो सितंबर में ज्यादा प्रभावी रहेगा। इसलिए अभी से सचेत रहना चाहिए। हैकर्स से एडल्ट साइट्स सबसे ज्यादा सिक्योर हैं।
रोबोटिक एक्सपर्ट मनोज चौधरी और मानव कैलकुलेटर कहे जाने वाले भानु प्रकाश अमर उजाला कार्यालय में रविवार को बच्चों से रूबरू हो रहे हैं। तिमली विद्यापीठ के सहयोग से आयोजित मैन वर्सेस मशीन वर्कशाप में शहर के 20 से ज्यादा स्कूलों के होनहार छात्र शामिल हैं। मनोज चौधरी ने अमेरिका में शिक्षा ली है, उन्होंने गूगल के बिना ड्राइवर की कार के प्रोजेक्ट में भी काम किया है। उनके काम को फोर्ब्स और नेशनल जियोग्राफिक मैगजीन के प्रथम पृष्ठ पर स्थान मिला है। वे हाल ही में प्रतिष्ठित टेडेक्स शो में भी भाग ले चुके हैं।
ह्युमन कैलकुलेटर भानु प्रकाश, उनके नाम चार वर्ल्ड रिकॉर्ड तथा 50 लिम्का बुक रिकॉर्ड दर्ज हैं। हाल ही में उन्होंने सिंगापुर में आयोजित वर्ल्ड एबेकस चैंपियनशिप जीती है। तिमली विद्यापीठ के आशीष डबराल ने बताया कि कार्यक्रम में मनुष्य व आधुनिक मशीनों की उत्कृष्ट प्रतिभा की तुलना की जाएगी। छात्रों को भविष्य की तकनीक की ओर आकर्षित किया जाएगा।
वर्कशाप में शहर के 20 से ज्यादा स्कूलों के होनहार छात्र शामिल :
कसिंगा स्कूल, दून ग्लोबल, इकोल ग्लोबल इंटरनेशनल गर्ल्स स्कूल, द इंडियन एकेडमी, द एशियन स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय-1, समरवैली स्कूल, पॉली किड्स के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लियाl साथ ही कार्यक्रम में बच्चों के शिक्षक व उनके अभिभावक भी शामिल हुएl कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अख़बार प्रिंटिंग की कार्य प्रणाली व बारीकियां भी जानीl बच्चों को समाचार पत्र के तैयार होने की पुरी प्रक्रिया बताई गईl मशीन में न्यूज पेपर प्रिंट होता देखकर बच्चे उत्साहित नजर आएl उन्होंने अखबार की छपाई से जुड़े कई सवाल भी पूछेl

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन और श्री बाबा लालजी सेवा ट्रस्ट व पीसीएसएस की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। 53 लोगों ने अपनी सेहत की जांच कराई। यहां बीपी, शुगर, एसपीओटू, वजन और आंखों की जांचें की गईं। अधिकतर रोगी जोड़ों में दर्द की समस्या लेकर आए। शिविर में रामा हॉस्पिटल के अलावा अशोक कपूर, राजेश सच्चर, राजू वालिया, पवन त्रिवेदी, रमेश मिश्रा, पंकज निषाद, इंद्रपाल सिंह सिमर, अखिल, रिजवान, डॉ. कविता आदि मौजूद रहे।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।

चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।