गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘मेरा देश, मेरा गणतंत्र’ पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को शुक्रवार, 19 अप्रैल, 2019 को गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित अमर उजाला कार्यालय में पुरस्कृत किया गया। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि नेहरू वर्ल्ड स्कूल के क्रिएटिव हेड व रंगमंच थिएटर ग्रुप प्रथमपथ के संचालक सुधीर राणा ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
जूनियर वर्ग में विद्या भारती स्कूल के छठवीं क्लास के छात्र आर्यन कुमार और सीनियर वर्ग के विजेता विद्या भारती स्कूल के 10वीं के छात्र दीक्षांत कुमार को साइकिल के साथ मेडल व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गयाl जूनियर वर्ग में द्वितीय स्थान सोनिका चिल्ड्रन स्कूल की पांचवीं के छात्र सौरभ जाना व सीनियर वर्ग में इंग्राहम अंग्रेजी स्कूल के 10वीं के छात्र शंभू यादव को ट्रैक सूट, मेडल व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जूनियर वर्ग में तीसरा स्थान भविष्य इंटरनेशनल स्कूल की श्रुति प्रधान और सीनियर वर्ग में सोनिका चिल्ड्रन स्कूल की मल्लिका जाना ने पाया। उन्हें स्कूल बैग, पैन सेट, मेडल व प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया। अमर उजाला फाउंडेशन ने इस गणतंत्र दिवस पर विद्यार्थियों के लिए मेरा देश मेरा गणतंत्र प्रतियोगिता आयोजित की थी। इस वर्ष देश 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। बच्चे इन 70 वर्षों को कैसे देखते हैं, इसे ही पेंटिंग का विषय बनाया गया था। बच्चों ने एक से बढ़कर एक ‘मेरा देश मेरा गणतंत्र’ पर अपनी अभिव्यक्ति दी। अपनी पेंटिंग व रचनात्मक हुनर से गणतंत्र को कई रूपों में प्रस्तुत किया।
बच्चों व युवाओं को कला व अन्य गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित करने की अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम काबिले तारीफ हैl - वी.के. अग्रवाल, अभिभावक
पेंटिंग के साथ अन्य प्रतियोगिताओं के जरिए अमर उजाला फाउंडेशन बच्चों को अपना हुनर दिखाने को एक मंच देता हैl - राजेश कुमार, अभिभावक
मां से पेंटिंग करने की प्रेरणा मिलीl इस मुहिम से कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की सीख मिलीl - आर्यन कुमार, जूनियर वर्ग विजेता
2013 से पेंटिंग की शुरुआत की। लक्ष्य बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स व एमफए कर कला के क्षेत्र में करियर बनाना है। अमर उजाला पेंटिंग प्रतियोगिता से आत्मविश्वास में और वृद्धि हुई है। - दीक्षांत कुमार, सीनियर वर्ग विजेता
सीनियर वर्ग में सांत्वना पुरस्कार विजेताओं ने जीती कलाई घड़ी
सीनियर वर्ग में 10 मेधावियों ने सांत्वना पुरस्कार के रूप में कलाई घड़ी, मेडल व प्रमाण-पत्र हासिल किया। सांत्वना पुरस्कार पाने वालों में शंभू दयाल इंटर कॉलेज के सौरभ शर्मा, एमपीएस पब्लिक स्कूल की श्वेता दुबे, गुरुकुल द स्कूल के निशांत यादव व रुद्र प्रताप सिंह, देहरादून पब्लिक स्कूल की फरहत बानो, डीडीपीएस संजयनगर की कात्यानी शर्मा, इंग्राहम अंग्रेजी स्कूल की आरुषी वर्मा, ग्रीन फील्ड स्कूल के हर्ष ठाकुर व हर्षित तोमर और सिल्वर लाइन प्रैस्टीज स्कूल की श्रेष्ठा सेन गुप्ता रहीं।
जूनियर वर्ग में सांत्वना पुरस्कार विजेता
जूनियर वर्ग में 10 मेधावियों ने सांत्वना पुरस्कार में कड़ाई घड़ी प्राप्त की। इनमें महर्षि दयानंद विद्यापीठ की महक कबीरा व सानिया, चौ. छबीलदास पब्लिक स्कूल की सदी सिंह, सीएसएचपी स्कूल की अदिति शर्मा, नेहरू वर्ल्ड स्कूल की श्रृष्टि अग्रवाल व अरिका लाल, सिल्वर बैल्स स्कूल के अथर्व शर्मा, सेंट मैरी स्कूल की आराध्या, न्यू एरा स्कूल की अनुष्कार बजाज और सेंट मैरी स्कूल के वत्सल अग्रवाल रहे।
पेटिंग करने से तनाव दूर होने के साथ बहुत सुकून मिलता है। अपनी भावनाओं व कल्पना को रंगों के जरिए उतार सकते हैं। युवाओं का मनोबल बढ़ाने की अमर उजाला की मुहिम काबिले तारीफ है। - श्वेता दुबे, सांत्वना पुरस्कार विजेता
टीचर से पेंटिंग प्रतियोगिता की जानकारी मिली। पेंटिंग अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अच्छा जरिया है। पुरस्कार जीतकर आत्मविश्वास और बढ़ा है। - अनुष्का बजाज, सांत्वना पुरस्कार विजेता

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन और श्री बाबा लालजी सेवा ट्रस्ट व पीसीएसएस की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। 53 लोगों ने अपनी सेहत की जांच कराई। यहां बीपी, शुगर, एसपीओटू, वजन और आंखों की जांचें की गईं। अधिकतर रोगी जोड़ों में दर्द की समस्या लेकर आए। शिविर में रामा हॉस्पिटल के अलावा अशोक कपूर, राजेश सच्चर, राजू वालिया, पवन त्रिवेदी, रमेश मिश्रा, पंकज निषाद, इंद्रपाल सिंह सिमर, अखिल, रिजवान, डॉ. कविता आदि मौजूद रहे।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।

चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।