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नज़रिया | बाजार और इंसानी फितरत | प्रशिद्ध व्यंग कवि | आलोक पुराणिक

  • calendar_month 26,MAY 2018

26 मई, 2018 को नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक सेंटर में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के खास कार्यक्रम ‘नज़रिया- जो जीवन बदल दे’ में प्रशिद्ध व्यंग कवि आलोक पुराणिक कहते हैं कि दुनिया कुछ नहीं केवल एक बाजार है। बाजार और इंसानी फितरत की ऐसी ही बारीकियों से रु-ब-रु कराया व्यंगकार आलोक पुराणिक ने।

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