अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार, 15 जून, 2019 को गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एंक्लेव सोसायटी में पुलिस की चौपाल का आयोजन किया गयाl चौपाल में स्थानीय लोगों ने सीओ ट्रैफिक महिपाल सिंह के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। सीओ ट्रैफिक ने प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए आश्वस्त किया और एक-एक करके लोगों के सवालों का जवाब दिया। लोगों ने कहा कि स्कूल की छुट्टी के समय राकेश मार्ग पर जाम की समस्या रहती है। लोग दो से तीन घंटे तक जाम में फंसे रहते हैं। चालक ऑटो को सड़क किनारे उल्टा खड़ा कर देते हैं।
कालोनी में अब तक कई चोरियां हो चुकी हैं, पुलिस एक भी चोरी का खुलासा नहीं कर पाई है। लोगों ने कहा कि सड़क पर लगे कट को बंद कराया जाए। जगह-जगह ब्रेकर लगवाए जाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाएं कम हों। सड़क किनारे खड़े वाहनों पर पुलिस क्यों कार्रवाई नहीं करती है। लोगों ने कहा कि बड़ी-बड़ी गाड़ियों में लोग हूटर लगाकर चल रहे हैं। जाम के दौरान पता ही नहीं चलता पीछे एंबुलेंस है या वीआइपी। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। बच्चे स्कूटी और बाइक दौड़ाते हैं, पुलिस उन पर क्यों कार्रवाई नहीं करती है। लोगों के इन सवालों के जवाब सीओ ट्रैफिक महिपाल सिंह ने बड़े ही अच्छे तरीके से दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस हर घटना का निष्कर्ष निकालती है। पहले वह साक्ष्य तलाशती है, उसके बाद कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की सेवा के लिए है। यदि जनता पुलिस का सहयोग करेगी तो हर समस्या का आसानी से समाधान हो जाएगा। लोग नियम बनाएं कि सड़क किनारे उल्टे-सीधे वाहन खड़े न करें, हूटर लगे वाहनों की तत्काल पुलिस से शिकायत करे। संबंधित गाड़ी का फोटो भी खींच लें, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस पहले जैसी नहीं रही है। पहले लोग पुलिस के पास जाने में डरते थे, अब वह आसानी से पुलिस के पास पहुंचते हैं और उनकी हर समस्या का समाधान भी होता है। इस दौरान सिहानीगेट थाने के प्रभारी पुनीत सिंह, टीपी त्यागी, गोपाल महेश्वरी आदि मौजूद रहेl
बिना हेलमेट सीट बेल्ट चालान पर देना होगा दोगुना शुल्क
सीओ ट्रैफिक ने कहा कि लगातार सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत हो रही हैं। लोग विकलांग बन रहे हैं। सरकार से लेकर पुलिस विभाग तक इसको लेकर काफी गंभीर है। नोएडा और गाजियाबाद को दिल्ली की तर्ज पर करना है। बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के कोई भी व्यक्ति नहीं चलेगा। उसके खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई तो की जाएगी। इसके अलावा बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के पेट्रोल-डीजल भी नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं पहले 100 रुपये हेलमेट का चालान किया जाता था, अब वही चालान 500 रुपये और दूसरी बार गलती करने पर 1000 रुपये का चालान कटेगा। उन्होंने कहा कि घर में माता-पिता बच्चों को अनुशासन दें कि वह बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के गाड़ी न चलाएं। अपने बच्चों को मुरादनगर और मसूरी गंगनहर पर जाने से रोकें। वहां आए दिन नहाने के दौरान हादसे हो रहे हैं। उन्होंने दिल्ली का एक उदाहरण दिया कि महाराष्ट्र के एक सांसद का चालान काट दिया। उन्हें 400 रुपये जुर्माना देना पड़ा।
आए दिन लोग जाम की समस्या से जूझते हैं। उन्हें इससे कब निजात मिलेगी। यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस के पास कोई स्थाई समाधान क्यों नहीं है।- गौरव बंसल
छोटे बच्चे बिना लाइसेंस के स्कूटी और बाइक चलाते फिरते हैं। उनके खिलाफ पुलिस क्यों एक्शन नहीं लेती है। इस कारण लगातार घटनाएं बढ़ रही हैं। - रश्मि चौधरी
चोरी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस इन घटनाओं को रोकने और खोलने में नाकाम है। पुलिस के होते हुए लोग कब तक भय की जिंदगी जिएंगे। - सुनीता भाटिया
वीआइपी कल्चर समाप्त होने के बाद भी लोग सड़कों पर हुटर लगाकर गाड़ियां दौड़ा रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं करती है। - हरदीप सिंह
10 और 15 वर्ष पुराने वाहनों से शहर और सोसायटी को कब राहत मिलेगी। पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर क्यों कार्रवाई नहीं करती है। - गोपाल माहेश्वरी

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।