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अपराध होते देखना भी गुनाह, तुरंत पुलिस को दें सूचना

  • calendar_month 23,APR 2019
अपराध होते देखना भी गुनाह, तुरंत पुलिस को दें सूचना

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार, 23 अप्रैल, 2019 को कानपुर के बर्रा-6 स्थित कर्मयोगी इंटर कॉलेज में हुई पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गयाl पाठशाला में बच्चों को संबोधित करते हुए बर्रा थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि अपराध होते देखना भी उतना ही गुनाह है जितना की अपराध करना। कहीं भी अपराध होता देखे या खुद को असुरक्षित महसूस करें तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। ताकि समय रहते पुलिस कार्रवाई कर घटना को रोक सके।

इस मौके पर इंस्पेक्टर ने छात्र-छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली, सिपाही से पुलिस महानिदेशक तक के पदों के बारे में बताया। बच्चों को आश्वासन भी दिया कि पुलिस आपकी मित्र है। यूपी-100 और महिला हेल्प लाइन नंबर-1090 की कार्यप्रणाली व उपयोगिता के बारे में बताते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सूचना देकर पुलिस की मदद ले सकते हैं। घटना की सूचना देने वाला का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा।

टीएसआई शिव सिंह छोकर ने छात्र छात्राओं को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी। कहा कि बिना लाइसेंस वाहन न चलाएं। वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल जरूर करें। पिंक चौकी प्रभारी निर्मला सिंह ने छात्राओं से कहा कि महिलाओं पर कहीं भी अपराध हो, तो आवाज जरूर उठाएं। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक रविश द्विवेदी, प्रधानाचार्य विवेक त्रिपाठी, कामिनी, शुभिन्दर कौर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में बच्चों ने पुलिस अधिकारियों से सीधा संवाद किया और कई सवाल भी पूछेl

महिला हेल्प लाइन 1090 की जानकारी मिली है। पुलिस की कार्य प्रणाली के बारे में पता चला, जिसकी के बारे में पता ही नहीं था। पुलिस की पाठशाला आगे भी होनी चाहिए।- शांभवी सिंह, छात्रा, इंटरमीडिएट

पुलिस की पाठशाला से हमको बहुत कुछ सीखने को मिला। शोहदों के खिलाफ कहां शिकायत करें, पुलिस से कैसे मदद लें यह भी जानने को मिला। अब कोई घटना निगाह के सामने आएगी तो पुलिस को जरूर बताऊंगी। - प्रिया शर्मा, छात्रा, इंटरमीडिएट

हमें ट्रैफिक नियमों का किस तरह पालन करना है, इसका पता भी पुलिस की पाठशाला में चला है। अफसरों से मिलने के बाद पुलिस के प्रति डर भी कम हुआ। - अभिषेक, छात्र, इंटरमीडिएट

साइबर क्राइम से जुड़ी जानकारियां हासिल हुई हैं। अब मैं खुद को और परिजनों को साइबर क्राइम में फंसने से बचा सकेगा। - राजा कुमार, छात्र, इंटरमीडिएट

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