अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार, 31 अगस्त, 2019 को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसायटी पंचशील ग्रींस वन में पुलिस की चौपाल का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसपी देहात रणविजय सिंह और बिसरख कोतवाली प्रभारी मनोज पाठक ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके सवालों का जवाब भी दिया। साथ ही लोगों को सुरक्षित माहौल देने का भरोसा दिलाते हुए क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने की बात कही।
एसपी देहात रणविजय सिंह ने कहा कि यह नया क्षेत्र है। सोसायटी बस रही है, ऐसे में यहां पर अपराध ज्यादा हो रहा है। अभी ग्रेनो वेस्ट में 20 से 30 प्रतिशत आबादी है। जब यहां 50 प्रतिशत लोग आ जाएंगे, तब एक नया थाना बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कहा कि चौकी में तैनात जो पुलिस कर्मी काम नहीं कर रहे है, उन्हें चिह्नित किया गया है। कहा कि यहां अभी दो तरह का अपराध हो रहा है। एक स्नैचिंग व दूसरा ऑटो लिफ्टिंग, इस पर जल्दी ही लगाम लगाकर लोगों को सुरक्षित माहौल दिया जाएगा।
एसपी देहात ने लोगों से अपील की कि सोसायटी के अंदर दोस्ताना और एकता का माहौल बनाकर रखें। सोसायटी के अंदर की घटनाओं को रोकने को लेकर अपार्टमेंट आनर्स एसोसिएशन व बिल्डर सतर्क रहें। एओए के अध्यक्ष विकास कुमार और उनके साथियों ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग किया। वहीं, सोसायटी के लोगों ने अपने सवाल पूछे। जिनका बिसरख कोतवाली प्रभारी मनोज पाठक ने जवाब दिया।
स्कूली बच्चों को दी जाए सुरक्षा
कार्यक्रम में लोग स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर दिखे। पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि स्कूल जाने और छुट्टी के समय पुलिस की गश्त अधिक होनी चाहिए। स्कूल के बाहर बच्चों को बसों में नहीं बैठाया जान चाहिए। आइसक्रीम वाले भी नहीं होने चाहिए। इससे हर डर लगा रहता है।
लोगों के सवाल-
सात साल तक दक्षिण भारत में रही तो जेवरात पहनकर घूमती थी, लेकिन यहां पर एक चेन तक नहीं पहन सकती। यहां कब दक्षिण भारत जैसा माहौल मिलेगा। - मंजरी
पुलिस का जवाब : सोसायटी के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगाने व प्रकाश की व्यवस्था करने के लिए बिल्डरों से बोला गया है। अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है।
सोसायटी के अंदर सुरक्षा की जिम्मेदारी बिल्डर या एओए की है। यहां लिफ्ट में कैमरे नहीं लगे हैं। अपनी पोती को अकेले भेजने में डर लगता है। - रमीला मौर्य
पुलिस का जवाब : बिल्डर व एओए को लगातार निर्देश दिए जाते हैं। सोसायटी में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी उनकी है। उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
सोसायटी की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेंटेेनेंस व सुरक्षा एजेंसी के साथ बैठक करनी चाहिए। उनकी मदद से अपराध पर लगाम लगानी चाहिए। - अनुराग
पुलिस का जवाब : सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए बिल्डरों को दिया गया समय पूरा हो गया है। अब आगे की कार्रवाई होगी। बैठक कर दिशा-निर्देश भी जारी करेंगे।
स्नेचिंग हो रही है। बदमाश बाइक पर हेलमेट पहनकर निकलते हैं। इनकी जांच होनी चाहिए। साथ ही स्ट्रीट लाइट चालू होनी चाहिए। - दीपचंद गुप्ता
पुलिस का जवाब : रोजाना वाहनों की चेकिंग होती है। बदमाश पकड़े जा रहे हैं। स्ट्रीट लाइट को चालू करवाने के लिए संबंधित प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।
स्कूल जाते समय किस तरह अपनी सुरक्षा की जा सकती है। हमको क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए। - इशान
पुलिस का जवाब : अगर कोई आपका परिचित नहीं है तो उसके साथ नहीं जाना। साथ ही ऐसे लोगों से खाने-पीने की चीजें नहीं लें। बच्चा चोरी की अफवाह चल रही है। उन पर ध्यान नहीं दें।
दिल्ली पुलिस की तरह जगह-जगह पुलिस तैनात होनी चाहिए। ताकि अपराधियों में भय रहें। ड्रोन कैमरा व सीसीटीवी कैमरे का प्रयोग किया जाना चाहिए। - आनंद कुमार सिंह
पुलिस का जवाब : बदमाशों पर कड़ी कार्रवाई हो रही है। एनकाउंटर हो रहे हैं। ताकि उनके अंदर डर पैदा हो।
अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। अंधेरा होते ही आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सक्रिय हो जाते हैं। इन पर पुलिस को लगाम लगानी चाहिए। किराएदारों का सहीं से सत्यापन हो। - साक्षी भटनाकर
पुलिस का जवाब : कैमरा लगाने के लिए कई बिल्डर तैयार हो गए हैं। कैमरा लगने के बाद निगरानी होगी। सत्यापन नहीं कराने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।