अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार, 28 मई, 2019 को चंडीगढ़ के सेक्टर-41 ए स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम का आयोजन किया गयाl पाठशाला को संबोधित करते हुए चंडीगढ़ की पहली महिला एसएसपी नीलांबरी विजय जगादले ने कहा कि समाज में कुछ ऐसे लड़के हैं जो लड़कियों को छेड़कर अपनी मर्दानगी का सबूत देते हैं, जबकि असली मर्दानगी तो वह जो लड़कियों की रक्षा करने में दिखाएं। उन्हें सम्मान की नजर से देखें।
इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को ट्रैफिक रूल से लेकर नशा, साइबर क्राइम, गुड टच-बैड टच और छेड़खानी जैसी घटनाओं से निपटने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने कई रोचक सवाल भी पूछे, जिसका एसएसपी ने बहुत सरल भाषा और सटीकता से जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिए। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल सुरेश अरोड़ा ने मुख्य अतिथि एसएसपी का स्वागत किया।
अच्छा नागरिक वही जिसके अंदर सिविक सेंस हो
कार्यक्रम की शुरुआत में एसएसपी ने बच्चों को अच्छे सिटीजन की परिभाषा समझाई। उन्होंने कहा कि अच्छा नागरिक वही है, जिसके अंदर सिविक सेंस हो। बच्चों को साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए। अपने घर, स्कूल और अन्य जगहों पर गंदगी फैलाने से बचना चाहिए। ऊंची आवाज में म्यूजिक न बजाएं। तेज म्यूजिक से आपके आसपास के लोगों को दिक्कत हो सकती है।
ट्रैफिक नियमों के बारे में उन्होंने कहा कि यदि टू व्हीलर चलाते हैं तो हेलमेट जरूर पहें। मम्मी एक्टिवा चलाती हैं तो उन्हें भी हेलमेट पहनने को कहें। साइबर क्राइम के बारे में भी उन्होंने स्टूडेंट को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी मोबाइल का पासवर्ड अपने और भाई बहन के नाम पर न रखे। कभी किसी को अपने फोन का पासवर्ड शेयर न करे। मोबाइल का डाटा हैक हो सकता है।
किसी को भी अपने ओटीपी के बारे में न बताएं। कभी भी बैंक मैनेजर और इंश्योरेंस कंपनी किसी से पासवर्ड के बारे में नहीं पूछती। इसलिए कभी ऐसा फोन आए तो बिल्कुल भी उसे न बताएं। पासवर्ड आसान के बजाए ऐसा बनाए, जो सिर्फ आप ही जान पाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रहना चाहिए।
सेल्फ डिफेंस सीखे
उन्होंने छात्राओं को ज्यादा से सेल्फ डिफेंस सीखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यदि आपमें सेल्फ डिफेंस के गुण हैं तो अपनी रक्षा खुद कर सकती हैं। सेल्फ डिफेंस में कुछ ऐसी तकनीक होती हैं, जिसमें ताकत नहीं सिर्फ हिम्मत की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में चंडीगढ़ पुलिस की ओर से मुफ्त सेल्फ डिफेंस की क्लासेज लगाई जाती हैं, जो 1 जून से शुरू होगी। इसमें किसी भी उम्र की छात्राएं हिस्सा ले सकती हैं।
बैड टच होने पर माता-पिता या पुलिस को बताएं
एसएसपी ने कहा कि आजकल किसी भी बच्चे के साथ गलत हो सकता है। अपनों के बीच सतर्कता बरतने की जरूरत है। बच्चों के साथ हो रहे अपराध में उनके जानकार ही शामिल होते हैं। अगर किसी को भी लगता है कि उसके साथ कोई बैड टच कर रहा है तो उसे चुप नहीं बैठना है। वह अपने पेरेंट्स को बताए या फिर स्कूल टीचर को। 100 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं। पुलिस आपकी जरूर मदद करेगी।
एसएसपी ने स्टूडेंट को दिए ये टिप्स
- ऑटो में बैठने से पहले मोबाइल से उसकी नंबर प्लैट की फोटो खींचकर पेरेंट्स को भेज दें।
- सूनसान जगहों पर जाने से बचें। यदि जाना है तो पेरेंट्स को जगह का नाम बताकर जाएं।
- एटीएम के पासवर्ड को कहीं भी न लिखे। उसे सिर्फ याद रखें।
- विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान लगाएं। बुरी संगत से बचें।
- करियर में ऐसा नाम कमाएं, जिससे स्कूल के बोर्ड में आपका नाम लिखा हो।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।