अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार, 5 जनवरी, 2019 को हल्द्वानी के उजाला नगर में पुलिस की चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने आह्वान किया कि नशे के खिलाफ लोगों को आगे आना चाहिए। बच्चों को नशे के बजाय खेलों के प्रति लगाव होना चाहिए। इस मौके पर एसपी सिटी ने लोगों को नशे के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति उनके कार्यालय में सुबह 11 बजे आकर नशा बेचने, सट्टा खेलने वालों के बारे में गोपनीय सूचना दे सकता है। पुलिस शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखेगी।
एसपी सिटी ने कहा कि वह बनभूलपुरा के लोगों की स्पेशल रूप से समस्या सुनेंगे। शनि बाजार के यातायात की समस्या का समाधान करेंगे। सीओ दिनेश चंद्र ढौंडियाल ने भी कहा कि खिलाड़ी बनने पर बच्चे शरीर की तरफ ध्यान देंगे। नशे से दूर रहेंगे। बनभूलपुरा थानाध्यक्ष डीएन महंत ने कहा कि क्षेत्र में गरीबों का इलाज करने के लिए नशा मुक्ति केंद्र, शनि बाजार में पुलिस चौकी खोली जानी चाहिए।
सीपीयू प्रभारी हरकेश सिंह ने यातायात संबंधी जानकारी दी। शाहिद हुसैन ने संचालन किया। इस मौके पर इमरान खान, कल्लू ठेकेदार, रवि गुप्ता, शिवनाथ गोस्वामी, पार्षद रईस वारसी, पार्षद हाजी शाकिर हुसैन, अनीस अहमद, कारी बाबर अली, हाजी शकील आजम, लद्दन सिद्दीकी, सईद आदिल आदि मौजूद रहे।
पुलिस की चौपाल में स्थानीय लोगों ने बेझिझक होकर पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी बातें कहीं:
क्षेत्र में चरस स्मैक के साथ मेडिकेटेड नशे का चलन बढ़ गया है। पुलिस कार्रवाई कर रही है लेकिन ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। -रूमी वारसी
जब तक इंसान गुनाह नहीं छोड़ेगा मुस्तकबिल नहीं बनाएगा। समाज तभी तरक्की करेगा जब बुराई के खिलाफ समाज खड़ा होगा। समिति में मस्जिदों के इमाम को भी शामिल किया जाना चाहिए। -मौलाना मुकीम कासमी, इमाम मस्जिद उमर
अभिभावकों को बच्चों के सामने बीड़ी सिगरेट नहीं पीना चाहिए। इस क्षेत्र से सात डॉक्टर बने हैं। अच्छा माहौल बनाने के लिए अभिभावकों को चिंतन करना चाहिए। -परवेज सिद्दीकी, सामाजिक कार्यकर्ता
यहां के बच्चों के लिए माहौल ठीक नहीं हैं। हम चाहते हैं कि यहां के बच्चे पढ़कर इंजीनियर और डाक्टर बने। -जेबा वारसी (पार्षद)
शनि बाजार में लोग जाम लगा देते हैं। इसका असर बरेली रोड पर होता है। पुलिस को इसका समाधान ढूंढना होगा। बाजार के दिन सड़क से निकलना दूभर हो जाता है। -शकील अहमद सलमानी, पूर्व पार्षद
नाबालिग बच्चे बड़ी रोड पर टेंपो चला रहे हैं। ट्रंचिंग ग्राउंड की समस्या को भी जिला प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए। -तौफीक अहमद
भारी वाहनों की पुलिस चेकिंग नहीं कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले चोरगलिया रोड पर अनियमितता की शिकायत की थी लेकिन टीआई ने पर उस पर कार्रवाई की थी। - सलीम सैफी
स्मैक और चरस से जुड़े लोगों का सामाजिक बहिष्कार होने पर काफी समस्याएं दूर हो जाएगी। वकीलों को भी नशे के कारोबारियों की जमानत नहीं करानी चाहिए। -जियाउद्दीन कुरैशी
नशे के लिए सिर्फ पुलिस जिम्मेदार नहीं है। इस मामले में समाज के लोगों को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। अभिभावकों को अपने बच्चे पर ध्यान देना चाहिए। -इशरत सैफी
पहले एक स्कूल में 2500 बच्चे पढ़ते थे। अब घटकर 478 हो गए हैं। शिक्षा का स्तर गिर रहा है। नशा छोड़ने और बच्चों को शिक्षित करने पर लोगों को बल देना चाहिए। -उस्मान अंसारी

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।