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अपराजिता के तहत वाराणसी पब्लिक स्कूल में हुई पुलिस की पाठशाला।

  • calendar_month 10,DEC 2018
अपराजिता के तहत वाराणसी पब्लिक स्कूल में हुई पुलिस की पाठशाला।

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ‘अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत सोमवार, 10 दिसम्बर, 2018 को वाराणसी के केराकतपुर स्थित वाराणसी पब्लिक स्कूल, लोहता में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इस पाठशाला में विद्यार्थियों के अध्यापक बने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मार्तंड प्रताप सिंह ने उन्हें अपराध, कानून और पुलिसिंग की जानकारी दी।  

उन्होंने छात्राआें को निडर बनने की ताकीद की। कहा कि निडरता में ही ताकत है। आपके साथ या आपके आसपास कुछ गलत होता है तो पहला कदम आप बढ़ाओ, उसके बाद हम पूरी तरह से आपके साथ हैं। पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है, उसके प्रति नकारात्मक भाव को मिटाने की जरूरत है। एक जागरूक व्यक्ति बनिए। उचित और वैधानिक रास्ता तलाशें, उस पर चलें। पुलिस के संपर्क में आएं। आपको खुद समझ आएगा कि पुलिस बदल रही है, उसकी कार्यशैली बदल रही है।

इस दौरान उन्होंने बच्चों को एक पाठ ये भी पढ़ाया कि वो गाड़ी चलाते समय खुद भी यातायात नियमों का पालन करें। अपने पापा और भाई को भी इसके लिए प्रेरित करें। बाल हठ करें वो आपकी बात जरूर मानेंगे। उन्होंने छात्राआें को डायल 100, महिला हेल्पलाइन 1090, आशा ज्योति केंद्र की कार्य प्रणाली के बारे में बताया। इस दौरान छात्राओं ने भी उनसे कई सवाल पूछे जिसका बेहद ही बेहतरीन ढंग से जवाब देकर एसपी ग्रामीण ने उन्हें संतुष्ट किया।

सवाल : अगर हमारे पास स्मार्ट फोन नहीं है और हम किसी मुसीबत में फंसे हैं तो 1090 की मदद कैसे लेंगे? - साक्षी

जवाब : आप मुसीबत में हैं और आपको तत्काल मदद चाहिए तो डायल 100 की मदद लें। पुलिस आपकी मदद को जरूर पहुंचेगी।

सवाल : कई पुलिस वाले भी हेलमेट नहीं लगाते, उन पर क्या कार्रवाई होती है? - शिवानी

जवाब : जो हम दूसरों से अपेक्षा करते हैं पहले हम खुद वो करें। इसलिए हेलमेट न लगाने वाले पुलिस का भी चालान कटता है, उन पर कार्रवाई होती है।

सवाल : थाने पर जाते हैं तो पुलिस अच्छे से बात क्यों नहीं करती? - निशि त्रिपाठी

जवाब : अब ऐसा नहीं है। पुलिस के व्यवहार में बदलाव आया है। हर थाने पर अब हेल्प डेस्क हैं, वहां ट्रेंड महिला व पुरुष पुलिसकर्मी रहते हैं और वो आपके साथ अच्छे से पेश आएंगे।

सवाल : एफआईआर लिखवाने थाने पर जाओ तो पुलिस सुनती नहीं, 24 घंटे का इंतजार क्यों करती है? - निकिता मिश्रा

जवाब : अगर पुलिस एफआईआर नहीं लिखती हैं तो मतलब की पुलिस अपनी ड्यूटी नहीं कर रही। आप यूपी पुलिस के पोर्टल पर अपनी एफआईआर दर्ज करा सकती हैं।

सवाल : कई बार अपराधी को बचाने के लिए पुलिस पैसे लेती है, तो क्या पुलिस पैसे के लिए काम करती है? - साहिबा

जवाब : अगर कोई पुलिसकर्मी पैसे लेकर अपराधी को बचा रहा है, तो वो खुद अपराध कर रहा है। उनके खिलाफ भी जांच होती है, कार्रवाई होती है और सजा भी होती है।

सवाल : अगर हम अकेले और मुसीबत में हैं तो पुलिस की मदद कैसे ले सकते हैं? - जारा सरीन

जवाब : आप तुरंत डायल 100 को फोन करें। पुलिस आपकी मदद करेगी। इसके अलावा आप अपने मोबाइल के स्पीड डायल में इमरजेंसी कांटैक्ट में अपने घरवालों के अलावा पुलिस का भी नंबर जरूर रखें।

सवाल : अगर सेल्फ डिफेंस के दौरान सामने वाले को कोई नुकसान पहुंचता है तो हम पर क्या कार्रवाई हो सकती है? - वैदेही चतुर्वेदी

जवाब : सेल्फ डिफेंस आपका अधिकार है। हां लेकिन अगर ऐसा कुछ होता है तो आपको ये साबित करना होगा कि सेल्फ डिफेंस में ही ये घटना हुई है।

सवाल : हमारे लिए इतने कानून, इतने प्रयास हो रहे हैं, फिर भी हमारे मां पिता बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित क्यों रहते हैं? - मिस्कत समरीन

जवाब : ये समस्या समाज से है और इसका हल भी हमें समाज ही देगा। इस माहौल को हमारा समाज ही बदल सकता है।

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