इलाहाबाद। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) की छात्राओं के लिए शुक्रवार का दिन विशेष रहा। जन-मानस में भय का पर्याय मानी जाने वाली पुलिस की एक अधिकारी सीओ ट्रैफिक अल्का भटनागर छात्राओं के बीच बड़ी बहन बनकर उनकी समस्याओं की जानकारी ले उनके निवारण की बात कही। उन्होंने छात्राओं से कहा कि पुलिस से डरने की आवश्यकता नहीं है, पुलिस उनकी मदद के लिए है।
‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में सीओ ट्रैफिक ने छात्राओं से कहा कि घर, स्कूल, सड़क चलते, बस एवं ऑटो में यात्रा करते समय यदि उनके साथ किसी प्रकार की छेड़खानी अथवा अश्लील हरकत होती है तो इसका डटकर विरोध करें। इसकी जानकारी पुलिस अपने टीचर एवं अभिभावकों को दें। विरोध करने पर आगे से उनके साथ अत्याचार करने की कोशिश नहीं होगी।
क्षेत्राधिकारी यातायात अल्का भटनागर ने छात्राओं के बीच एकदम से घुल मिलकर कहा कि वह ट्रैफिक के नियमों का पालन करें, यदि कोई नियमों का पालन नहीं करता है तो पहले उसे आगाह करें, नहीं मानने पर इसकी शिकायत पुलिस तक पहुंचाएं। इस बात की शिकायत पुलिस को 100 नंबर डायल करके दें। उन्होंने कहा कि अपने घर में भाई एवं बड़ों को यह बताएं कि बिना कारण हार्न न बजाएं, हेलमेट के बिना दो पहिया वाहन न चलाएं। कार चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य बांधें। सीओ ट्रैफिक ने छात्राओं को यातायात के चिह्नों की जानकारी देने के साथ चौराहों पर लगे रेड-ग्रीन सिग्नल के पालन की बात कही। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि यदि आपके सामने कुछ गलत हो रहा है तो उसे रोकें।
पुलिस का सहयोग भी कानून का अनुपालन करना है। उन्होंने कहा कि लोग पढ़े-लिखे हैं, इसलिए कानून व्यवस्था के पालन में उनका पुलिस को अधिक सहयोग मिल रहा है। उन्होंने छात्राओं से 1090 हेल्प लाइन के उपयोग की बात कही। उन्होंने स्कूल की प्रधानाचार्या से कहा कि पावर ऐंजेल्स को भी सक्रिय करें। भविष्य में इनकी समाज को जरूरत है। उन्होंने छात्राओं को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि किसी परेशानी की स्थिति में तत्काल उन्हें जानकारी दें। उन्होंने अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम को छात्राओं के लिए उपयोगी बताते हुए इसको समाज के बीच ले जाने की बात कही। उनके साथ मौजूद यातायात निरीक्षक (टीआई) नरेश सिंह यादव ने छात्राओं को यातायात के नियमों के पालन की सीख देने के साथ यातायात सिंबल की जानकारी दी। स्कूल की प्रधानाचार्या शशिबाला चौधरी ने कहा कि अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्राओं को पुलिस की भूमिका के बारे में जो जानकारी मिली, वह उन्हें पूरे जीवन काम आएगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ छात्राओं ने अपनी समस्याएं साझा करने की कोशिश की, आगे उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर काउंसलिंग करके उनके निदान की व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस की पाठशाला के दौरान जीजीआईसी की छात्राओं ने सीओ ट्रैफिक से खूब सवाल किए। जीजीआईसी की छात्रा शिक्षा ने सीओ ट्रैफिक से अपनी समस्या साझा करते हुए पूछा कि यदि कोई उनके साथ दुर्व्यवहार करता है तो क्या करें, 100 नंबर पर डायल करने पर कोई रिस्पांस नहीं मिलता तो आगे क्या करें। सीओ ट्रैफिक ने प्रिंसपल से इस छात्रा की काउंसलिंग की बात कही। छात्रा शालिनी शर्मा ने कहा कि बस में गेट पर लड़के खड़े रहते हैं, वे हटते ही नहीं, इस पर सीओ ट्रैफिक से कहा कि बस वाले की शिकायत करें, उस पर जुर्माना लगेगा। छात्रा सेफाली यादव ने कहा कि पुलिस घटना होते देखती रहती है, कुछ करती नहीं। इस पर सीओ ट्रैफिक ने कहा कि इसकी शिकायत अधिकारियों से करें। सीओ से अपनी समस्या साझा करने वाली छात्राओं में श्रेया, मानसी साहू, स्वाति श्रीवास्तव सहित कई अन्य शामिल रहीं।
इस दौरान यातायात पुलिस ने जीजीआईसी की छात्राओं के बीच यातायात माह के दौरान पंफलेट, बुकलेट, ग्लोसाइन के जरिए यातायात के नियमों की जानकारी दी।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।