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वाराणसी के डिवाइन सैनिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन।

  • calendar_month 01,NOV 2015
वाराणसी के डिवाइन सैनिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन।

वाराणसी। एफआईआर पुलिस जल्दी क्यों न दर्ज करती, मंत्रियों-नेताओं के दबाव में पुलिस अधिकारी क्यों काम करते हैं, स्कूल के सामने संचालित शराब की दूकान क्यों नहीं बंद कराई जाती...। ये सवाल हैं डिवाइन सैनिक स्कूल लहरतारा के विद्यार्थियों के। शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में ऐसे ही कई ज्वलंत मुद्दे छात्र-छात्राओं ने बेबाकी से उठाए। पुलिस सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार तिवारी ने उनके सवालों के जवाब दिए और उनसे पुलिस के प्रति सोच बदलने की अपील की। कहा कि पुलिस से डरें नहीं, निर्भीकता से अपनी पूरी बात रखें, शिकायत का निबटारा किया जाएगा।

विद्यालय की छात्रा भव्या राय ने कहा कि आम लोगों की एफआईआर पुलिस जल्दी दर्ज ही नहीं करती। उन्हें कई बार थाने का चक्कर लगाया जाता है। स्कूल के सामने शराब का ठेका है। सुबह शाम नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। डर लगता है। इसे क्यों नहीं हटाया जा रहा। श्वेता कुशवाहा ने कहा कि स्कूल आते-जाते समय रास्ते में कहीं दुर्घटना हो जाती है तो पुलिस से बताने में मन हिचकता है। कहीं पुलिस उसे ही न उलझा दे। इस पर सब इंस्पेक्टर राकेश तिवारी ने कहा कि पुलिस के प्रति सोच बदलें, आप सहयोग करें, सूचना दें, आप का नाम सामने नहीं आएगा। वहीं यशराज सिंह ने कहा कि पुलिस के साथ सामाजिक जीवन में कैसे सहयोग कर सकते हैं। इसी तरह अंजली चालानी ने क्राइम पर अंकुश लगाने की बात रखी। सौरभ अग्रहरि ने कहा पुलिस नेताओं और वीआईपी के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस नहीं चेक करती और कमजोर लोगों को चेक कर चौराहे पर परेशान करती है। इसी तरह खुशी ने कहा कि पुलिस अधिकारी नेताओं-मंत्रियों के दबाव में क्यों काम करते हैं। जान्हवी ने कहा दहेज पर अंकुश क्यों नहीं लग रहा। पुलिस कभी-कभी सही आदमी को भी परेशान करने लगती है। श्रद्धा त्रिपाठी और दीपशिखा ने भी बेबाकी से अपने सवाल पूछे।
 
अभिभावक शुरू से ही बच्चों को पुलिस का नाम लेकर डराते हैं। हम सभी को अपनी सोच बदलनी चाहिए। खुलकर अपनी शिकायत बताएंगे तभी समस्या का समाधान होगा। सभ्य समाज में पुलिस का डर नहीं होना चाहिए। छात्राओं और महिलाओं के लिए सरकार ने 1090 नंबर शुरू किया है। छात्राओं को अगर कोई परेशान करता है और वह थाने नहीं जाना चाहतीं तो वह सीधे 1090 पर कॉल कर सकती हैं। नाम उजागर किए बगैर पुलिस कड़ी कार्रवाई करती है। छात्र या छात्राएं पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर भी फोन कर सकते हैं। - राकेश कुमार तिवारी, सब इंस्पेक्टर (चौकी प्रभारी लहरतारा)
 
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में लहरतारा चौकी प्रभारी राकेश कुमार तिवारी के अलावा स्कूल की ओर से प्रधानाचार्य डॉ. रानू लाहिरी, विकास सिंह, गरिमा सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए और छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। युवा देश के भविष्य हैं। वर्दी पहनना उनका सपना होगा। रास्ता भटकने से युवा छोटे-छोटे अपराध करने लगते हैं। शुरू से ही अनुशासन में रहकर समाज की परिस्थितियों के अनुसार ईमानदारी से पुलिस का सहयोग करें। अपनी बात बेबाकी से रखें। पुलिस मदद करेगी। अमर उजाला की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के जीवन में नई ऊर्जा और पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच पैदा करेगा। - डॉ. रानू लाहिरी, प्रधानाचार्य, डिवाइन सैनिक स्कूल

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