अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अलीगढ़ के जीटी रोड स्थित कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गयाl पाठशाला में डीआईजी गोविंद अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब कोई लड़का लगातार घूरता है, या छेड़छाड़ करता है, तो ऐसे हालात में संकोच मत करना, हिम्मत से काम लेना। ऐसे मनचले और सोहदे लड़कों को सबक सिखाने का काम पुलिस पर छोड़ दो।
लखनऊ से संचालित टोल फ्री वूमेन पॉवर लाइन- 1090 पर तुरंत फोन कर देना। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है। 90 फीसदी मामलों में फोन से ही समस्या का समाधान हो जाता है। प्रदेश में लाखों लड़कियों को इससे राहत मिली है। जिले और मंडल के सीनियर पुलिस अधिकारियों का नंबर भी अपने मोबाइल में सेव कर के रखना चाहिए। घूरने और कमेंट पास करने वाले लड़कों का बाइक नंबर भी याद कर लो।
एक छात्र का सवाल था कि हमारे सामने कोई हमारी बहन को छेड़ रहा हो तो क्या करना चाहिए? लड़ाई होती है तो पुलिस रिकार्ड में नाम दर्ज हो जाएगा। डीआईजी गोविंद अग्रवाल ने छात्रों से कहा कि ऐसी स्थिति में किसी तरह का संकोच न करें। आप बहन की सुरक्षा करें। पुलिस ऐसे लोगों के साथ है। हमलोग इंटेनशन देखते हैं। तुमने पुलिस का काम किया है। किसी की संपत्ति, जान-माल की रक्षा के लिए आप स्वयं कदम उठा सकते है। एक अन्य छात्रा के सवाल किया कि एसिड अटैक के बाद दोषी को भले ही सजा मिल जाए, लड़की के जीवन में तो अंधेरा छा जाता है? यह प्रश्न सुनकर डीआईजी भी कुछ समय के लिए सोच में पड़ गए। उन्होंने कहा कि इसको रोकने के लिए सरकार ने सख्त कानून बनाए है, जिसके नतीजे आने शुरू हो गए है और इस तरह की घटनाओं की संख्या कम हुई है।
बन्नादेवी थाने के इंस्पेक्टर इंचार्ज अनुज कुमार ने इस सवाल के जवाब में कहा कि एसिड अटैक एक चरण है। इसके पहले महिलाएं बहुत कुछ सहन करती है। शुरू में ही सतर्क हो जाने पर ऐसी घटनाएं रुक सकती है। माता-पिता एवं टीचर आपको जो समझाएं उसे ही कानून समझना और उसका पालन करना। बस, ट्रेन या कहीं आने जाने के क्रम में आसपास की स्थितियों से चौकन्ना रहें। आपको अहसास हो जाएगा कि कौन कानून का पालन कर रहा है और कौन उसे तोड़ रहा है।
कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल के एमडी प्रवीन अग्रवाल ने छात्रों से अपील की कि कहीं भी लड़की संकट में हो तो उसकी मदद करें। मदद यह मानकर करें कि अपनी बहन की सुरक्षा कर रहे हैं। छात्राओं को सुझाव दिया कि कभी भी कुछ अस्वाभाविक लगे तो तुरंत परिजनों से शेयर करें। रात में कभी अकेले घर से न निकलें। छात्रों से कहा कि ईयर फोन कान में लगाकर कभी ड्राइविंग न करें। यातायात नियमों का पालन करेंl
डीआईजी ने कहा कि कानून कभी भेदभाव नहीं करता। सबके लिए एक समान है। मैं स्वयं ड्राइविंग लाइसेंस साथ लेकर चलता हूं। जीवन में अनुशासन बनाए रखें। यातायात नियमों का पालन करें। हेलमेट लगाकर वाहन चलाएं। कभी रोड पर रेस न लगाएं और न ही ओवरटेक करने के चक्कर में जान जोखिम में डालें। पापा को घर से बिना हेलमेट नहीं निकलने दें। यह भी ध्यान में रखें कि मारपीट या अन्य किसी तरह के मामले में आपका नाम पुलिस रिकार्ड में न दर्ज हो। अन्यथा यूपीएससी, पीसीएस एवं न्यायिक सेवा समेत अन्य सेवा में चयन होने पर पुलिस वेरीफिकेशन में परेशानी पैदा होगी और नौकरी हाथ से जा सकती है। अपनी पढ़ाई एवं व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करें। सभी पुलिसवाले बुरे नहीं हैं। कुछ लोगों के कारण पुलिस बदनाम हो जाती है।
पुलिस मदद के लिए करें फोन:
• 1090 लखनऊ से संचालित महिला हेल्प लाइन
• 1091 अलीगढ़ से संचालित महिला हेल्प लाइन
• 1073 अलीगढ़ की ट्रैफिक पुलिस की हेल्प लाइन
• 100 पुलिस कंट्रोल रूम
• 101 फायर ब्रिगेड

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।