आगरा (ब्यूरो)। जीवन किसी का हो, अनमोल है। अमर उजाला ब्लड डोनर क्लब ऐसे ही लोगों का समूह है, जो इसे समझता है। इन सदस्यों के रक्तदान ने कइयों की जिंदगी को खतरे से बाहर खींच निकाला। इसके लिए न उन्होंने वक्त देखा, न अपना काम। सूचना पाते ही जितनी जल्दी संभव हुआ रक्तदान को पहुंच गए।
सबसे बड़ी बात जिनके लिए उन्होंने यह महादान किया उन्हें वे जानते तक न थे। हां, एक रिश्ता था। मानवता का। वे इसे निभाने में नहीं चूके। आप कह सकते हैं, यही जज्बा उनकी रगों में खून बनकर दौड़ता है। बेशक उन्हें प्रचार का लोभ नहीं। विश्व रक्तदाता दिवस से पहले आइए जानते हैं, ऐसे ही महादानियों के बारे में। ताकि दूसरे भी प्रेरित हों और रक्तदान के लिए आगे आएं।
देवराज सिंह, दयालबाग
जज्बा: फीरोजाबाद निवासी के राजकुमार की बेटी आगरा में भर्ती थी। उसे ओ-नेगेटिव ब्लड की सख्त जरूरत थी। देवराज को जब क्लब की ओर से सूचना मिली तो वह किसी काम से मैनपुरी में अपने गांव पहुंचे ही थे। काम छोड़ उल्टे पांव आगरा लौटे और रक्तदान किया।
मनोरथ शर्मा, संजय प्लेस
जज्बा: पथवारी के मुरारीलाल की लीवर की बीमारी से पीड़ित थे। प्लेटलेट्स दस हजार रह गईं। डाक्टर जल्द से जल्द चढ़ाने के लिए प्लेटलेट्स का इंतजाम करने को कहा। देर शाम सूचना तब मिली जब मनोरथ ड्यूटी से लौटे ही थे। तत्काल प्लेटलेट्स देने ब्लड बैंक दौड़ पड़े।
मनीष अग्रवाल, शाहगंज
जज्बा: पथवारी के मुरारीलाल को प्लेटलेट्स की जरूरत पर मनोरथ शर्मा से पहले क्लब की ओर से मनीष अग्रवाल को फोन किया गया था। वह फौरन दुकान छोड़ ब्लड बैंक पहुंच गए। हालांकि रक्त में मानक से कम प्लेटलेट्स न दे सके पर मानवता का तकाजा पूरा किया।
राजकुमार व पूजा, प्रतापनगर
जज्बा: निजी अस्पताल में भर्ती प्रताप नगर की सुमन को प्लेटलेट्स चढ़ाना जरूरी था। पूजा अग्रवाल सूचना पर ब्लड बैंक पहुंचीं। मानकों से कम होने पर दान न कर सकीं। तब उन्होंने पति राजकुमार को बुलाया। वह अस्पताल में भर्ती पिता को छोड़ आए और प्लेटलेट्स दान किए।
हेमेंद्र मोहतो, बल्केश्वर
जज्बा: तेगबहादुर कॉलोनी के राजू सिंह की हालत बिगड़ने पर तत्काल प्लेटलेट्स चढ़ाए जाने की जरूरत थी। कोई इंतजाम न हुआ तो तीमारदारों ने अमर उजाला डोनर क्लब से संपर्क किया। क्लब की सूचना पर हेमेंद्र भोजन बीच में छोड़ तत्काल ब्लड बैंक पहुंचे। प्लेटलेट्स दान किए।
अमर उजाला फाउंडेशन ब्लड डोनर क्लब गंभीर मरीजों के लिए इस तरह भी मददगार बन रहा है। गुरुवार को खेरिया मोड़ स्थित अस्पताल में रतौंधी का ऑपरेशन कराने को भर्ती हुई लीला देवी को रक्त की जरूरत थी। उनके परिजन मुकेश को कई जगह गुहार के बाद भी मदद नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन से संपर्क किया। फाउंडेशन की मदद से उन्हें रक्त मिला और सफलतापूर्वक ऑपरेशन हुआ।
अमर उजाला फाउंडेशन ब्लड डोनर क्लब 14 जून विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तदान शिविर लगा रहा है। ये शिविर अमर उजाला कार्यालय सिकंदरा रोड, एसएन मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में लगेंगे। इनमें से कहीं रक्तदान किया जा सकता है। ब्लड डोनर क्लब का सदस्य बनने अथवा अन्य जानकारी के लिए धर्मेंद्र त्यागी से 8859106069 पर कॉल या मैसेज किया जा सकता है। 14 जून को रक्तदान दिवस के अवसर पर प्रकृति प्रेम संस्था ने लोगों से रक्तदान करने की अपील की है। संस्था के अध्यक्ष श्याम पैंगोरिया ने बताया कि निम्नवर्ग और अशिक्षित वर्ग के लोगों में रक्तदान को लेकर अनेक भ्रांतियां हैं। इन्हें दूर करने के लिए संस्था काम कर रही है।

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।