राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर अमर उजाला फाउंडेशन के की ओर से रविवार, 1 अक्टूबर, 2017 को झांसी के जिला अस्पताल स्थित रक्त कोष में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गयाl इस दौरान 36 युवाओं ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। इसके अलावा शिविर में तमाम ऐसे लोग भी रहे जो विभिन्न स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान करने से वंचित रह गयेl शिविर में सभी रक्तदाताओं को फाउंडेशन और ब्लड बैंक टीम की ओर से डोनर कार्ड एवं प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित भी किया गयाl गौरतलब हो कि शिविर में एकत्र रक्त का संचय जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में किया गयाl
जिला अस्पताल के हृदय रोग निदान केंद्र में शिविर का शुभारंभ सुबह आठ बजे हुआ। त्योहारी सीजन और रविवार का अवकाश होने के बाद भी शिविर शुरू होते ही यहां रक्तदान के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। रक्तदान करने आए लोगों से पहले एक फार्म भरवाया गया और उसके बाद अस्पताल की टीम ने उनका चिकित्सीय परीक्षण किया। सब कुछ सही पाए जाने पर उन्हें रक्तदान की स्वीकृति दी गई। जबकि, इससे पूर्व शिविर का शुभारंभ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अपर निदेशक डॉ. रेखा रानी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. बी के गुप्ता, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एम एस राजपूत और डॉ. अतुल गुप्ता ने किया।
इस अवसर पर चिकित्सकों ने कहा कि रक्तदान में वह शक्ति है, जो जीवन को बचा सकती है। यही वजह है कि रक्तदान को महादान माना जाता है। रक्त को कृत्रिम रूप से बनाया नहीं जा सकता है, यह एक व्यक्ति द्वारा दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति को दिया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने रक्तदान से जुड़ी भावना को जन-जन तक पहुंचाने की अपील करते हुए अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना की।
इनका मिला सहयोग:
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. डी एस गुप्ता समेत ब्लड बैंक के आर एस चंदेल, दिनेश कुमार, प्रशांत दीप गुप्ता, विनोद, दिलीप अवस्थी, दसरथ और राहुल वर्मा का विशेष सहयोग रहा।
... ताकि हर मां को मिले आसानी से खून
प्रेमनगर क्षेत्र के राजीव नगर निवासी नरेंद्र कुमार नीलू अपनी पत्नी जूनियर हाईस्कूल सकरार की प्रधानाध्यापिका मीरा वर्मा के साथ रक्तदान करने पहुंचे। नरेंद्र कुमार ने बताया कि तीस साल पहले उनकी मां बीमार थीं, उन्हें खून की आवश्यकता थी, जो आसानी से नहीं मिल पाया था। तभी सह वह हर तीन महीने बाद रक्तदान करते हैं। उन्हें याद भी नहीं है कि अब तक वह कितने बार खून दे चुके हैं। रविवार को पहली बार उनकी पत्नी मीरा वर्मा ने भी रक्तदान किया।
16 यूनिट खून का है कर्ज:
सर्व नगर निवासी डा. ममता दासानी रक्तदान करने शिविर में पहुंची। उन्होंने बताया कि उनकी बहन की बीमारी में लोगों ने 16 यूनिट रक्तदान किया था, जिसे वह अपने ऊपर कर्ज मानती हैं। अब तक आठ बार रक्तदान कर आधा कर्ज चुका चुकी हैं, आठ यूनिट और रक्तदान करना है। हालांकि, शिविर में डा. ममता का रक्त लिया नहीं गया। उनका ब्लड ग्रुप ‘ओ नेगेटिव’ है। ब्लड प्रभारी डा. एम एस राजपूत ने उनसे कहा कि जब भी किसी मरीज को आवश्यकता होगी, उन्हें रक्तदान के लिए बुला लिया जाएगा। डा. राजपूत ने बताया कि ओ नेगेटिव ब्लड ग्रुप की कम ही आवश्यकता पड़ती है। यह ग्रुप कम ही लोगों में पाया जाता है। जब किसी को जरूरत होगी, डा. ममता को बुला लिया जाएगा। पहले भी वह रक्तदान कर चुकी हैं।
रक्तदान के लाभ:
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है
- कैलोरी खर्च होती है, तो शरीर की चर्बी घटती है
- ह्रदय रोग की 33 फीसदी आशंका कम हो जाती
- शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटती है
- रक्तदान करने से नई कोशिकाओं का सृजन होता है।
- नियमित अंतराल में रक्तदान से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती

हाथरस। मेंडू रोड स्थित माया इंस्टीट्यूट में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सिहान एमएस समुराई ने छात्राओं से कहा कि जब कोई सड़क पर परेशान करे तो घबराएं नहीं, बल्कि उसे मुंह तोड़ जवाब दें। इसके लिए खुद की रक्षा करना सीखें।
उन्होंने कहा कि छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपराधी अक्सर लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट (कमजोर) मानकर निशाना बनाते हैं। ऐसे अपराधियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मार्शल आर्ट एक शानदार और बेहद असरदार कला है। इसे सीखकर महिलाएं न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकती हैं, बल्कि अपनी रक्षा भी खुद कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पंच, किक और ब्लॉकिंग के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए। बताया कि अगर कोई अचानक हमला कर दे, तो बैग में मौजूद पेन या पिन भी एक हथियार बन सकता है। इन तकनीकों का नियमित अभ्यास करने की अपील की। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और डायल 112 के प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. शकुंतला, श्वेता सेंगर, निर्मल, चेष्ठा दीक्षित, नेहा सिंह, कल्पना निगम, साक्षी दीक्षित, खुशी सिंह, संघमित्रा, बीनेश, अजय वीर सिंह और भरत कुमार मौजूद रहे।

इगलास। अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले इगलास सीएचसी में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 28 लोगों ने रक्तदान कर लोगों को जागरूक किया। शिविर का शुभारंभ अधीक्षक डॉ. ज्योति शर्मा व सीएचसी बेसवां के अधीक्षक डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। कस्बे के डॉक्टर, पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले गौरव शर्मा, देवराज, अभिषेक, योगेंद्र नगाइच, मोहित बंसल, संतोष अग्रवाल, सोनू, प्रवीण प्रकाश गौड़, गोपाल कृष्ण, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, शिवप्रकाश गौड़, लव कुमार चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, राजकिशोर उपाध्याय, ललित कुमार, डॉ. बहादुर सिंह, अर्जुन, डॉ. मनोज चतुर्वेदी, विशाल उपाध्याय, विक्रमजीत, भारती सक्सेना, व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल, तारावती अग्रवाल व अन्य थे। शिविर में रक्त संग्रह के लिए मलखान सिंह से डॉ. नूरा, अक्षय कुमार सेंगर, शुभम, प्रीति, अरविंद, नितिन व प्रीतम शामिल रहे।

सहपऊ। गांव समदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 112 बच्चों की सेहत जांची गई। बच्चों की उम्र एवं लंबाई के अनुसार वजन, आंख, नाक-कान, गला, हृदय की धड़कन एवं पल्स रेट की जांच की गई। सभी बच्चे स्वस्थ मिले। इस दौरान डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. आशा मितरा, डॉ. नीलम, रजनी, आंगनबाड़ी केंद्र से मधुर, विवेक एवं सुमन मौजूद रहीं।
चंडीगढ़। महिला क्रिकेट विश्व कप की गूंज के बीच चंडीगढ़ की युवा महिला क्रिकेटरों में भी उत्साह चरम पर है। नेट्स पर पसीना बहा रही शहर की बेटियों की आंखों में अब एक ही सपना है-टीम इंडिया की नीली जर्सी। इस सपने को नई उड़ान दी है शहर की बेटी और भारतीय टीम की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने, जिनकी सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए मिसाल बन गई है। क्रिकेट में बेटियां खूब चौके-छक्के मार रही हैं। हालांकि इन सपनों के साथ एक टीस भी जुड़ी है। खिलाड़ियों का कहना था कि यूटी क्रिकेट एसोसिएशन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी लड़कियों को लड़कों के बराबर अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। जहां लड़कों को बेहतर स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियां आज भी सीमित संसाधनों के बीच अपनी मंजिल तलाशने को मजबूर हैं। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में सेक्टर-9 में जुटीं चंडीगढ़ की वरिष्ठ और उभरती महिला क्रिकेटरों ने अपने अनुभव साझा किए। महिला क्रिकेटरों ने कहा कि अवसर और सुविधाएं बराबर मिलें तो वे साबित कर देंगी कि प्रतिभा किसी से कम नहीं है, बस उसे निखारने के लिए सही मंच की जरूरत है। सीपीएल में मंच न मिलने का मलाल युवा खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा निराशा चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में महिला वर्ग को अपेक्षित मंच नहीं मिलने पर जताई। उनका कहना था कि चार टीमों वाली यह लीग महिला क्रिकेट के लिए बड़ा अवसर बन सकती थी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मैच मिलते और नई प्रतिभाओं को पहचान बनाने का मौका मिलता। लड़कियों को सीमित विकल्पों में करना पड़ रहा अभ्यास इशाना चड्ढा और प्रियंका ने कहा कि जहां लड़कों को अभ्यास के लिए बेहतर स्टेडियम और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं लड़कियों को सीमित विकल्पों में अभ्यास करना पड़ता है। ट्विंकल पाठक, यशिका साहनी और इशाना ने मांग की कि महिला खिलाड़ियों को भी अच्छे और समतल मैदान उपलब्ध कराए जाएं ताकि चोट का खतरा कम हो और प्रदर्शन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही अगली नंदिनी शर्मा निकलेंगी। नंदिनी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा अंडर-15 और अंडर-17 खिलाड़ी अदिति श्योराण ने कहा कि नंदिनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि चंडीगढ़ से भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। वहीं अंडर-19 खिलाड़ी मानवी का कहना है कि प्रतिभा को निखारने के लिए सुविधाओं के साथ-साथ नियमित और अधिक प्रतिस्पर्धी मैचों का आयोजन भी जरूरी है। युवा क्रिकेटरों ने कहा है कि अगर उन्हें बेहतर मैदान, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और पर्याप्त मैच मिलें तो चंडीगढ़ से भविष्य में और भी नंदिनी शर्मा निकल सकती हैं। विश्व कप के माहौल ने इन बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है, अब जरूरत उन सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच और अवसर देने की है। सोनाक्षी और लावन्या जैसी युवा खिलाड़ियों ने भी ट्रायल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी राय रखी।

कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत उत्कर्ष नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज परसौली गल्ला मंडी में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाचार्य एचपी सिंह, सहयोगी शिवांगी और पारुल ने जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पैरामेडिकल छात्राओं को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, बटरफ्लाई व ताड़ासन का अभ्यास कराया तथा योग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और तनाव कम होता है। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. राजेश त्रिवेदी, डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, डॉ. यशस्वनी त्रिवेदी व प्राचार्य इंद्रावती चतुर्वेदी मौजूद रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।